शाश्वत आनंदप्राप्ति हेतु साधना तथा स्वभावदोष-निर्मूलन आवश्यक है ! – कु. मिल्की अग्रवाल, गोवा

शोध का निष्कर्ष बताते हुए कु. मिल्की अग्रवाल ने कहा कि ‘‘कोई अध्यात्मशास्त्र के अनुसार सत्यनिष्ठा से साधना करे, तो कुछ समय के उपरांत उसके जीवन के दु:ख तथा तनाव घटते हैं तथा उस व्यक्ति को शांति एवं आनंदप्राप्ति में सहायता होती है ।’’

पादरी बोलमेक्स पेरेरा ने चर्च में प्रार्थना में छत्रपति शिवाजी महाराज का अपमान करनेवाला विधान करने का प्रकरण

पादरी पेरेरा के विधान पर राज्य के शिवप्रेमियों ने बडी संख्या में ४ अगस्त को वास्को पुलिस थाने तक मोर्चा निकाला एवं पादरी परेरा को गिरफ्तार करने की मांग की ।

‘समलैंगिकता’ एवं ‘लिव -इन-रिलेशनशीप’ के द्वारा हिन्दू धर्म को दुर्बल बनाने का षड्यंत्र ! – पू. (डॉ.) शिवनारायण सेनजी, उपसचिव, शास्त्र-धर्म प्रचार सभा, बंगाल

‘समलैंगिकता’ एवं ‘लिव-इन-रिलेशनशीप’ पाश्चात्त्य संस्कृति है, जिससे भारत की कुटुंबव्यवस्था नष्ट हो रही है । ऐसी घटनाएं कलियुग के प्रभाव के कारण घटित हो रही हैं । कलि के प्रभाव के कारण ‘ईष्ट’ ‘अनिष्ट’ लगता है तथा जो ‘अनिष्ट’ होतेा है, वह ‘ईष्ट’ लगता है ।

ब्राह्मतेज एवं क्षात्रतेज की उपासना से हिन्दू राष्ट्र की स्थापना करना संभव ! – सद्गुरु नंदकुमार जाधवजी, धर्मप्रचारक संत, हिन्दू जनजागृति समिति

आध्यात्मिक साधना करने से आत्मविश्वास जागृत होता है तथा व्यक्ति तनावमुक्त जीवन जी सकता है । वह साधना कर अपने कृत्य के फल के कार्य की अपेक्षा किए बिना कार्य कर सकता है तथा प्रत्येक कृत्य से आनंद प्राप्त करता है ।

छत्तीसगढ की कांग्रेस की सरकार हिन्दूविरोधी ! – पं. नीलकंठ त्रिपाठी महाराज, संस्थापक, श्री नीलकंठ सेवा संस्थान, रायपुर, छत्तीसगढ

प्रभु श्रीराम के विषय में विवादित वक्तव्य देनेवाले मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के पिता नंदकुमार बघेल पर कोई कार्यवाही नहीं की गई थी; परंतु कथितरूप से गांधीजी की आलोचना करने के प्रकरण में कालीचरण महाराज पर कार्यवाही की गई ।

हरियाणा में धर्मांधों की बढती हिन्दूविरोधी गतिविधियों का सामना करना श्रीकृष्ण की कृपा से हुआ संभव ! – कृष्ण गुर्जर, प्रांत सुरक्षा प्रमुख, बजरंग दल, हरियाणा

बजरंग दल ने धर्मांधों द्वारा निर्मित अवैध मस्जिदों एवं मजारों का अतिक्रमण हटाने का प्रयास किया । इसके साथ ही लव जिहाद, लैंड जिहाद, गोरक्षा, दलित निवारण आदि के लिए कार्य किया ।

राष्ट्रनिर्माण के लिए त्याग तथा राष्ट्र एवं धर्म के प्रति निष्ठा आवश्यक !  – अभय वर्तक, धर्मप्रचारक, सनातन संस्था

राष्ट्ररचना एक शास्त्रीय संकल्पना है, जो सत्य पर आधारित है । इसमें असत्य का कोई स्थान नहीं है । ‘राष्ट्रनिर्माण’ सत्ता की लालसा रखनेवालों का काम नहीं है । राष्ट्रनिर्माण के लिए त्याग तथा राष्ट्र एवं धर्म के प्रति निष्ठा की आवश्यकता है ।

यद्यपि भारत स्वतंत्र है, तथापि हमारी शिक्षाप्रणाली परतंत्र की है ! – जगदीश चौधरी निर्देशक, बालाजी ग्रुप ऑफ इन्स्टिट्यूशन्स, हरियाणा

भारतीय स्वावलंबी न बनकर सदैव गुलाम बने रहें, ऐसी शिक्षा प्रणाली अंग्रेजों ने बनाई । इस प्रकार की शिक्षा प्रणाली से अंग्रेजों ने भारतियों की रीढ तोड दी । भारतीय शिक्षा मोक्षप्राप्ति की दिशा देनेवाला है ।

…तो हिन्दू युवतियां गाय को काटनेवालों के साथ भाग नहीं जातीं ! – श्रीमती मीनाक्षी शरण, संस्थापक, अयोध्या फाऊंडेशन, मुंबई

हमारे अभिभावकों ने अपने बच्चों को गाय को चारा देना सिखाया होता, तो हिन्दू युवतियां गाय को काटनेवालों के साथ भाग नहीं जातीं । हिन्दुओं ने अपने बच्चों को अपनी संस्कृति सिखाई होती, तो लव जिहाद की घटनाएं नहीं होतीं । ऐसा प्रतिपादन उन्होने किया

भारत की शिक्षा का स्तर बढाना आवश्यक ! – अनिल धीर, संयोजक, इंडियन नैशनल ट्रस्ट फॉर आर्ट एंड कल्चरल हेरिटेज, भुवनेश्वर, ओडिशा

हमने वनवासियों से ३० सहस्र पोथियां एकत्र कीं और उन सभी को ओडिशा राज्य के संग्रहालय में भिजवा दिया । इन पोथियों में श्लोक इत्यादि नहीं थे, अपितु विमानों की निर्मिति कैसे करें ?, मंदिरों के निर्माण कार्य कैसे करें ? आदि प्रत्येक विषय पर विवरण दिया गया था ।