‘वर्ष २०२० एवं २०२१ में समस्त जग को जकडनेवाली ‘कोरोना’ महामारी फैली थी । उसी प्रकार २७.९.२०२३ को अनेक समाचारपत्रों में उससे भी अधिक भयानक महामारी आने का समाचार प्रकाशित हुआ । उसमें ‘विश्व स्वास्थ्य संगठन’ ने दावा किया है कि पूरे जगत में ‘कोरोना’ महामारी से भी ७ गुना घातक ‘डिसीज एक्स’ नामक महामारी आनेवाली है और इससे विश्व के ५ करोड लोग अपने प्राण गंवा सकते हैं । यह महामारी पूरे विश्व में कभी भी आतंक मचा सकती है । इस महामारी संबंधी जानकारी, अर्थात वह कैसे फैलेगी, उसके लक्षण क्या होंगे इत्यादि अब तक प्रकाशित नहीं किए गए हैं । यह बीमारी कभी भी आ सकती है, इसलिए इस विषय में सभी को सतर्क रहना और उस पर चिकित्सकीय उपचार लेने के साथ आध्यात्मिक उपाययोजना करना महत्त्वपूर्ण है ।

१. ‘डिसीज एक्स’ महामारी के विषय में सूक्ष्म से ध्यान में आए सूत्र
अ. इस रोग का विषाणु हवा से फैलनेवाला है और वह श्वास के माध्यम से शरीर में प्रवेश करेगा ।
आ. शरीर में प्रवेश करने के पश्चात वह विषाणु हृदय पर परिणाम करेगा । इससे हृदय का कार्य मंद होगा और उसके रक्तभिसरण के कार्य में बाधा निर्माण होगी ।
इ. तदुपरांत मस्तिष्क को रक्त की आपूर्ति अल्प होने मस्तिष्क पर परिणाम होगा । यह परिणाम अधिकतर मस्तिष्क के दाएं भाग पर होगा । (मस्तिष्क का दायां भाग भावना, भान, विविध कला, आसपास की बातों का ज्ञान होना इत्यादि से संबंधित कार्य संभालता है ।)
ई. इस रोग के कारण हृदय एवं मस्तिष्क, अर्थात शरीर की दो मुख्य इंद्रियों पर परिणाम होने से संपूर्ण शरीर पर बहुत अधिक इसका दुष्प्रभाव होगा । इससे मनुष्य लाचार हो जाएगा और उसकी स्थिति ७ – ८ घंटे में ही गंभीर हो सकती है और उसकी मृत्यु भी हो सकती है ।
उ. ‘कोरोना’ महामारी के समय कोरोनाग्रस्त व्यक्ति में सर्दी, ज्वर (बुखार), खांसी जैसे लक्षण दिखाई दे रहे थे; परंतु ‘डिसीज एक्स’ में बाह्य लक्षण बहुत अधिक दिखाई नहीं देंगे ।
२. ‘डिसीज एक्स’ महामारी पर मात करने हेतु जप

‘श्री दुर्गादेव्यै नमः । श्री दुर्गादेव्यै नमः । श्रीराम जय राम जय जय राम । श्री हनुमते नमः । ॐ नमः शिवाय ।’
ये पांचों नामजप दिए गए अनुक्रम में एक साथ करने पर वह एक जप होगा । इस प्रकार इन ५ नामजपों का एकत्रित नामजप ‘डिसीज एक्स’ रोग पर मात करने के लिए ४ से ५ घंटे करना होगा ।
यह नामजप करते समय बीच-बीच में कर्पूर की सुगंध लेने से अच्छा लाभ होगा ।
३. कृतज्ञता
‘डिसीज एक्स’ रोग के विषय में सूक्ष्म से मिली जानकारी और उसका प्रतिकार करने के लिए किया जानेवाला नामजप गुरुकृपा से मिला । इसके लिए मैं सच्चिदानंद परब्रह्म डॉ. आठवलेजी के श्रीचरणों में कृृतज्ञता व्यक्त करता हूं और प्रार्थना करता हूं कि ‘डिसीज एक्स’ महामारी के काल में इस नामजप का सभी को लाभ होने दें !’
– (सद्गुरु) डॉ. मुकुल गाडगीळ, महर्षि अध्यात्म विश्वविद्यालय, गोवा. (१.१०.२०२३)
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