Chhatrapati Shivaji Maharaj’s Statue : कांग्रेसशासित तेलंगाना में मध्यरात्रि को हटाई गई छत्रपति शिवाजी महाराज की प्रतिमा ।

यह घटना नई नहीं है । जनवरी २०२६ में भी नेरेडमेट के विनायक नगर क्षेत्र में बिना अनुमति स्थापित की गई छत्रपति शिवाजी महाराज की प्रतिमा को लेकर पुलिस द्वारा कार्यवाही किए जाने से विवाद उत्पन्न हुआ था।

National Ghar Wapsi Day : १९ जून को ‘राष्ट्रीय घरवापसी दिन’ के रूप में मनाएं !

आज से ३५० वर्ष पूर्व, अर्थात १९ जून १६७६ के दिन छत्रपति शिवाजी महाराज ने पराक्रमी सेनापति नेताजी पालकर का ‘शुद्धीकरण’ कर उन्हें पुनः हिन्दू धर्म में सम्मानपूर्वक प्रवेश दिलाया था ।

केंद्रीय माध्यमिक शिक्षण बोर्ड की पुस्तक में छत्रपती शिवराय के विषय में २० पृष्ठों का पाठ ! – दादा भुसे, शिक्षण मंत्री

छत्रपती शिवराय का इतिहास डेढ पृष्ठ से २० पृष्ठों का करने का शासन का सराहनीय प्रयास ! शिवराय सहित अन्य राष्ट्रपुरुषों अथवा क्रांतिकारकों का इतिहास भी विद्यार्थियों तक पहुंचाने का प्रयास भविष्य में किया जाना चाहिए !

इजराइल में स्थापित की जाएगी छत्रपती शिवाजी महाराज की प्रतिमा !

मुंबई में इजराइल के महावाणिज्यदूत यानिव रेवाच ने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से भेंट की । इस भेंट में प्रतिमा स्थापना के प्रस्ताव पर विस्तृत चर्चा की गई । मुख्यमंत्री फडणवीस ने इस उपक्रम का स्वागत करते हुए राज्य सरकार की ओर से आवश्यक सभी सहयोग देने का आश्वासन दिया ।

छत्रपती के मंदिर के लिए प्राप्त होनेवाला अनुदान क्रूरकर्मा औरंगजेब की कब्र की देखभाल के लिए दिए जा रहे अनुदान की तुलना में अत्यल्प !

औरंगजेब की कब्र की देखभाल के लिए प्रति वर्ष २,५५,१६० रुपये (वर्ष २०२२-२३ ) दिए जा रहे हैं, इसके विरुद्ध छत्रपती शिवाजी महाराज के ‘श्री शिवराजेश्वर मंदिर’ के लिए मात्र १ लाख रुपये दिए जा रहे हैं ।

‘राजा शिवाजी’ चलचित्र के प्रदर्शन पर रोक लगाने से उच्च न्यायालय ने मना किया ।

छत्रपति शिवाजी महाराज के जीवन पर आधारित ‘राजा शिवाजी’, इस चलचित्र के शीर्षक से छत्रपति शिवाजी महाराज का किसी प्रकारसे अनादर नहीं होता अथवा यह शीर्षक उनका अनादर करनेवाला नहीं है, ऐसा निरीक्षण मुंबई उच्च न्यायालय ने प्रविष्ट किया ।

स्वबोध, मित्रबोध और शत्रुबोध !

‘स्वबोध, मित्रबोध एवं शत्रुबोध’, यह त्रिसूत्री मुख्यतः राष्ट्रवाद, संस्कृति एवं भूराजनीतिक संदर्भ में उपयोग की जाती है । किसी भी जीवंत समाज अथवा राष्ट्र को यदि प्रगति करनी हो और अपना अस्तित्व बनाए रखना हो, तो उसे इन ३ बातों का सटीक ज्ञान होना अनिवार्य है ।

छत्रपति शिवाजी महाराज का अपमान मैं सपने में भी नहीं कर सकता यदि किसी की भावनाएं आहत हुई हों तो क्षमा चाहता हूं – Pandit Dhirendra Krishna Shastri

पंडित धीरेंद्रकृष्ण शास्त्री लगातार हिन्दू राष्ट्र तथा सनातन धर्म का समर्थन कर रहे हैं । ऐसे समय में उनके किसी वक्तव्य का आधार लेकर हिन्दू समाज में फूट डालने का कार्य धर्मविरोधी तत्वों द्वारा रचा जा सकता है, इसे नकारा नहीं जा सकता ।

गोविंद पानसरे लिखित ‘शिवाजी कोण होता ?’ (शिवाजी कौन थे ?) पुस्तक पर तत्काल प्रतिबंध लगाएं ! – हिंदुत्वनिष्ठों की आंदोलन द्वारा मांग

छत्रपती शिवाजी महाराज का अनादर पूर्वक उल्लेख न हटाने वाले प्रकाशकों तथा संबंधित संस्थाओं के विरुद्ध आपराधिक अभियोग पंजीकृत करें !

छत्रपति शिवाजी महाराज का एकवचन में उल्लेख (बिना आदर दिए उल्लेख करना) सहन नहीं करेंगे ! – विधायक संजय गायकवाड, शिवसेना

साम्यवादी विचारधारा के दिवंगत नेता कॉ. गोविंद पानसरे द्वारा ३७ वर्ष पूर्व लिखित ‘शिवाजी कोण होता ? (शिवाजी कौन था ?)’, इस विवादास्पद शीर्षकवाली पुस्तक के कारण यहां के शिवसेना विधायक श्री. संजय गायकवाड ने प्रकाशक प्रशांत आंबी को तीव्र शब्दों में फटकारा ।