Education Marathi Schools : मराठी विद्यालयों में विशेषज्ञों से दी जाएगी १८ कलाओं की शिक्षा !

महाराष्ट्र की सरकार का प्रशंसनीय निर्णय ! संगीत, गायन, नाटक, भाषणकला आदि का समावेश ! मुंबई – छात्रों के कलागुणों को अवसर मिले, साथ ही उनके व्यक्तित्व का विकास हो; इसके लिए राज्य की सरकार ने मराठी विद्यालयों में लोकप्रिय व्यक्तियों द्वारा छात्रों को १८ कलाओं की शिक्षा देने का निर्णय लिया है । इसमें … Read more

Kashi Vaidik Education : काशी में दक्षिण भारत का सबसे बडा वेद विद्या का केंद्र निर्माण किया जाएगा ! – वी. एस. सुब्रह्मण्यम

मणि ने आगे कहा कि, इस केंद्र में २ योजनाओं के अंतर्गत वेदविद्या पढाई जाएगी । पहली पूर्णसमय वेद विद्या योजना होगी ।

Guinness World Record : गुजरात में एक साथ ४ हजार से अधिक नागरिकों का सूर्य नमस्‍कार: ’गिनीज बुक ऑफ रिकॉर्ड्‍स’ में प्रविष्‍ट!

१ जनवरी को मोढेरा सूर्य मंदिर सहित १०८ स्‍थानों पर ४ हजार से अधिक नागरिकों ने एक साथ सूर्य नमस्‍कार किया तथा ’गिनीज बुक ऑफ रिकॉर्ड्‍स’ में एक नया कीर्तिमान स्‍थापित किया ।

उत्तरकाशी (उत्तराखंड) में हुई सुरंग की दुर्घटना से क्या आध्यात्मिक स्तर पर बोध लेंगे ?

देवभूमि उत्तराखंड के उत्तरकाशी में १२ नवंबर को सिल्कियारा सुरंग का कुछ अंश गिरने की दुर्घटना में सुरंग में फंसे ४१ श्रमिक १७ दिन उपरांत बाहर निकले । इस घटना की गहराई में जाने पर आध्यात्मिक दृष्टिकोण से ध्यान में आए कुछ सूत्र यहां दे रहे हैं ।

युवाओं ने जाना अध्यात्म का महत्त्व

अद्वैत यूथ क्लब व सप्तमातृका आश्रम ने नर्मदा तट पर तीन दिवसीय युवा जागरण शिविर का आयोजन किया था । शिविरार्थियों से वैदिक दिनचर्या का पालन करवाकर उन्हें सनातन धर्म-संस्कृति के महत्त्व से अवगत करवाया गया ।

स्‍थानीय श्री बौखनाग देवता पर श्रद्धा साथ ही ज्ञान तथा कर्म के कारण बचावकार्य सफल हुआ ! – केंद्रीय मंत्री जनरल वी.के. सिंह

गोवा में पुर्तगालियों ने ४५० वर्ष राज्‍य करने के उपरांत भी गोवा में हमारे पूर्वजों ने भारतीय संस्‍कृति को संरक्षित रखा है । यह गोवा की विशेषता है ।

Christmas Bageshwar Dham : बच्चों को सांताक्लाॅज बनाने की बजाय उन्हें श्रीहनुमान के मंदिर में दर्शन के लिए भेजें ! – पंडित धीरेंद्रकृष्ण शास्त्री

‘सनातनी और भारतीय हैं, तो इस पश्चिम विकृति का बहिष्कार करें’, ऐसा आवाहन भी किया !

तमिलनाडु की द्रमुक सरकार का मंदिरों का ‘स्थलपुराण’ बदलने का हिन्दूद्वेषी निर्णय !

‘स्थलपुराण’ यह संस्कृत शब्द है जिसका अर्थ ‘प्रादेशिक इतिहास’ होता है । किसी एक परिसर, मंदिर अथवा क्षेत्र की ऐतिहासिक और धार्मिक जानकारी इनकी जानकारी होती है ।

हिन्‍दुओं के पुनरुत्‍थान हेतु आयोजित ’विश्‍व हिन्‍दू कांग्रेस’ में उद़्‍बोधक विचार !

राजनीति के प्रति उदासीनता हिन्‍दुओं में सामान्‍य है । महाभारत के समय अर्जुन भी इससे नहीं बच पाए थे । ठीक युद्ध के समय अर्जुन ने अपने हाथ के शस्‍त्र नीचे रख दिए थे । उनका मानना था कि राजनीति अप्रासंगिक है ।

हम ‘धर्म विजय’ में विश्वास करते हैं ! – प.पू. सरसंघचालक

हमने ‘धन विजय’ एवं ‘असुर विजय’ का अनुभव किया है । धन विजय का अर्थ है; स्थूल वस्तु से मिलने वाला आनंद किंतु उसमें हेतु योग्य नहीं ! यह आत्मकेंद्रित होने समान है ।