देवभूमि को कचरे से मत भरो । – Foreign Women Tourist
हिमाचल प्रदेश के धार्मिक तथा पर्यटन स्थलों पर कचरा देखकर विदेशी महिला का भारतीयों से आवाहन ।
हिमाचल प्रदेश के धार्मिक तथा पर्यटन स्थलों पर कचरा देखकर विदेशी महिला का भारतीयों से आवाहन ।
संसार को ‘शून्य’ का ज्ञान देनेवाले महान भारतीय गणितज्ञ एवं खगोलशास्त्री आर्यभट्ट का ‘अमेजान इंडिया’ प्रतिष्ठान ने अपने उत्पादों के विक्रय के लिए अपमान किया है ।
ईश्वरदर्शन मानव जीवन का प्रधान प्रयोजन सुनिश्चित होने पर भारतीयों के सामाजिक एवं सांस्कृतिक जीवन में मंदिर संस्थाएं एकदम से केंद्रस्थान पर जाकर बैठ गईं ।
मंदिर प्रबंधन एक सर्वसमावेशक प्रक्रिया है । उनका संबंध आर्थिक, सामाजिक, राजनीतिक एवं धार्मिक क्षेत्रों से होता है । इसीलिए मंदिर जीवन के प्रत्येक विषय से संबंधित हैं ।
मंदिर संस्कृति को बनाए रखने से नकारात्मकता घटेगी और हिन्दुओं को सकारात्मक ऊर्जा मिलेगी । हिन्दू सात्त्विक एवं सत्त्वगुणी बनेंगे ।
इन मूर्तियों का अनुमानित मूल्य १२० करोड रुपये से अधिक है । पिछले कई वर्षों में अंतरराष्ट्रीय तस्कर गिरोहों ने इन मूर्तियों की तस्करी कर उन्हें अमेरिका पहुंचाया था ।
वर्दीधारी पुलिसकर्मियों द्वारा कर्तव्य पर रहते हुए मस्तक पर तिलक अथवा किसी भी प्रकार का धार्मिक चिन्ह लगाने पर उनके विरुद्ध अनुशासनहीनता की कार्यवाही की जाएगी , ऐसी चेतावनी बिहार के पुलिस महानिदेशक विनय कुमार ने पुलिसकर्मियों को दी ।
भारत यद्यपि एक धर्मनिरपेक्ष देश है, तथापि इसका अर्थ यह नहीं है कि देश के (हिन्दू) धार्मिक एवं सांस्कृतिक उपक्रमों को स्थान नहीं दिया जा सकता, ऐसा कहते हुए कर्नाटक उच्च न्यायालय ने बेंगलुरु पश्चिम नगर महानगरपालिका के उस आदेश को निरस्त कर दिया, जिसमें मल्लेश्वरम ब्राह्मण सभा को शंकराचार्य जयंती मनाने हेतु सभागार उपलब्ध कराने से मना किया गया था ।
हिन्दुओं के निरंतर संघर्ष की विजय ! कुछ दिन पूर्व भाजपा सांसद प्रा. डॉ. (श्रीमती) मेधा कुलकर्णी ने बारव के स्थान पर जहां अतिक्रमण हुआ था, वहां जाकर आंदोलन किया था ।
भारतीय संस्कृति एवं आध्यात्मिक दृष्टिकोण के अनुसार मानव जीवन को कर्मों के फल (प्रारब्ध) को भोगकर पूर्ण करने का अवसर माना जाता है । इस दृष्टि से इच्छामृत्यु का स्वीकार करना उचित होगा क्या ?