(और इनकी सुनिए…) ‘कुंकुम इस्लामी देशों से आता है, तो क्या फिर हिन्दु तिलक लगाना बंद कर देंगे ?’ – Priyank Kharge

‘कुंकुम केसर से बनाया जाता है । ९० प्रतिशत कुंकुम इस्लामी देशों से आता है । ऐसा कहने पर क्या कल हिन्दु तिलक लगाना बंद कर देंगे ?’ ऐसा प्रश्न कर्नाटक के गृहमंत्री प्रियांक खर्गे ने उपस्थित किया ।

अपनी सहज बातचीत एवं सरल व्यवहार से भक्तों को सिखानेवाले प.पू. भक्तराज महाराजजी !

प.पू. भक्तराज महाराजजी द्वारा ‘गुरु से मिलने जाते समय भक्तों को मन में संदेह नहीं रखना चाहिए’, यह सिखाया जाना

नादानुसंधाननादानुसंधान

षट्कर्म, आसन, मुद्रा, बंध एवं प्राणायाम, ये सभी साध्य होने के उपरांत साधक ‘प्रत्याहार’, ‘धारणा’, ‘ध्यान,’ ‘समाधि’ आदि की ओर मुड जाता है । हठयोग में प्रगति करते समय घंटानाद जैसा सूक्ष्म नाद सुनाई देने लगता है ।

परात्पर गुरु डॉ. आठवलेजी द्वारा साधकों को किया गया अनमोल मार्गदर्शन !

हमें रामनाथी आश्रम के समान सर्वत्र हिन्दू राष्ट्र की स्थापना करनी है ।

हिन्दू धर्मप्रेमी युवक-युवतियों, ऋषि-मुनियों तथा देवताओं द्वारा की जानेवाली स्थूल कृतियों के पीछेका सूक्ष्म धर्मशास्त्र समझे बिना उनका अनुकरण न करें ! – श्रीचित्शक्ति (श्रीमती) अंजली मुकुल गाडगीळ

समाज की युवतियों द्वारा ‘दुर्गादेवी ने केश खुले छोडे हैं’, ऐसा कहकर स्वयं के केश भी खुले छोडना

सच्चिदानंद परब्रह्म डॉ. आठवलेजी द्वारा साधकों के लिए व्यष्टितथा समष्टि स्तर पर किए आध्यात्मिक उपचारों का अध्यात्मशास्त्र

सच्चिदानंद परब्रह्म डॉ. आठवलेजी द्वारा व्यष्टि स्तर पर साधकों के लिए किए गए उपचारों का अध्यात्मशास्त्रीय आधार

‘श्रीसत्‌शक्ति, श्रीचित्‌शक्ति और सच्चिदानंद’ अध्यात्म के शब्दब्रह्म हैं तथा उनमें अत्यधिक शक्ति विद्यमान होती है और उन शब्दों का उच्चारण करने पर उनसे शक्ति, चैतन्य एवं तत्त्व प्राप्त होता है ! – श्रीचित्‌शक्ति (श्रीमती) अंजली मुकुल गाडगीळजी

कोई भी शब्द उच्चारित किया जाए, तो उसके साथ उसकी शक्ति भी आती है । अर्थात प्रकृति के नियमानुसार ‘शब्द, स्पर्श, रूप, रस, गंध और शक्ति’ इनका सहअस्तित्व होता है । ‘श्रीसत्शक्ति’ कहने पर उन शब्दों में स्थित चैतन्य तत्काल हमारे शरीर में प्रवेश करता है ।

प.पू. भक्तराज महाराजजी के पावन सान्निध्य की कुछ हृदयस्पर्शी स्मृतियां !

प.पू. भक्तराज महाराजजी (प.पू. बाबा) द्वारा लिखित तथा ढूंढकर भी किसी को न मिलनेवाला ग्रंथ प.पू. बाबा द्वारा आश्रम से ढूंढकर लाया जाना

Dhanbad BCCL Job Murder : अनुकंपा आधार पर नौकरी पाने के लिए पिता की हत्या करवाने वाले पुत्र को बंदी बनाया।

‘भारत कोकिंग कोल लिमिटेड’ के कर्मचारी रहे अपने पिता की हत्या करवाकर उनकी जगह अनुकंपा आधार पर नौकरी प्राप्त करने का प्रयास करने वाले पुत्र को पुलिस ने बंदी बनाया ।

हिन्दुओ, तृतीय विश्वयुद्ध के दुष्परिणाम टालने के लिए यज्ञसंस्कृति का पुनरुत्थान करो !

यज्ञ आध्यात्मिक बल प्राप्त करने का सुलभ माध्यम है । उसके कारण ही प्राचीन काल से ‘यज्ञ करना’ वांछित फलप्राप्ति एवं आपत्ति निवारण का सुलभ मार्ग है । अत: यज्ञ का बडा महत्त्व है ।