सनातन में ‘मैंने किया’, ऐसा कुछ भी न होना – परात्पर गुरु डॉ. आठवलेजी

‘कुछ आध्यात्मिक संस्थाएं अथवा संप्रदाय कोई अभियान अथवा कार्यक्रम करने पर ‘हमने यह किया, हमने वह किया’, ऐसा बताते हुए दिखाई देते हैं; परंतु सनातन में सभी कार्य महर्षि, संत आदि के अर्थात भगवान के मार्गदर्शन अनुसार किया जाता है ।

सनातन संस्था व हिन्दू जनजागृति समिति की ओर से श्रावण मास पर विविध ‘ऑनलाइन उपक्रम !’

एक जिज्ञासु ने बताया कि तीज का त्योहार उत्तर भारत में मनाते हैं; परंतु हमें इतनी जानकारी नहीं है, यहां पर बताई गई तीज एवं नागपंचमी की जानकारी का बहुत ही लाभ हुआ ।

जमशेदपुर के सिटी केबल, जेसीसीएन द्वारा हिन्दू जनजागृति समिति एवं सनातन संस्था द्वारा प्रसारित ऑनलाइन नामजप सत्संग का प्रतिदिन प्रसारण !

जेसीसीएन केबल नेटवर्क के संचालक श्री. संदीप कुमार सिंह ने संस्था द्वारा दिखाए जा रहे ऑनलाइन कार्यक्रम का प्रसारण कर अध्यात्म, राष्ट्र एवं धर्मप्रसार के कार्य में अपना विशेष योगदान दिया है ।

जमशेदपुर (झारखंड) के वृक्षारोपण कार्यक्रम में सनातन संस्था का सहभाग !

मंदिर के प्रमुख कार्यकर्ता श्री. राजन गोराई ने सनातन संस्था के साधकों की प्रशंसा करते हुए कहा कि ‘‘समाज के अन्य प्रतिष्ठित लोगों की तुलना में सनातन के साधकों द्वारा वृक्षारोपण का महान कार्य किया जाए, ऐसा मुझे लगा ।’’

चिपळूण के बाढपीडितों के लिए हिन्दू जनजागृति समिति, सनातन संस्था एवं स्थानीय संस्थाओं-संगठनों की ओर से ‘सहायता अभियान’ !

सामाजिक जुडाव की दृष्टि से बाढपीडितों को सहायता मिले; इसके लिए हिन्दू जनजागृति समिति, सनातन संस्था एवं स्थानीय संस्थाओं-संगठनों की ओर से चिपळूण के बाढपीडितों में खाद्यान्न एवं जीवनोपयोगी वस्तुओं का वितरण किया जा रहा है ।

गुरुपूर्णिमा के शुभ दिन पर लोकार्पण हुए सनातन के ग्रंथ एवं प्रथम ‘ई-बुक’ !

सनातन संस्था और हिन्दू जनजागृति समिति द्वारा आयोजित गुरुपूर्णिमा महोत्सवों में सनातन के संतों के करकमलों द्वारा ‘व्यष्टि एवं समष्टि साधना, आध्यात्मिक कष्ट एवं आपातकाल के विषय में उपाय’ इन विषयों पर आधारित हिन्दी, कन्नड और अंग्रेजी भाषा के ग्रंथों का लोकार्पण किया गया ।

सनातन की गुरुपरंपरा !

कुलार्णवतन्त्र, उल्लास १४, श्लोक ३७ के अनुसार मादा कछुआ केवल मन में चिंतन कर भूमि के नीचे रखें अंडों को उष्मा देती है, बच्चों को बडा करती है और उनका पोषण करती है, उसी प्रकार गुरु केवल संकल्प द्वारा शिष्य की शक्ति जागृत करते हैं तथा उसमें शक्ति का संचार करते हैं ।

वाराणसी के प्रसिद्ध श्री अन्नपूर्णामाता मंदिर के महंत रामेश्‍वरपुरीजी का देहत्याग !

वाराणसी (उत्तर प्रदेश) के प्रसिद्ध श्री अन्नपूर्णामाता मंदिर के महंत रामेश्‍वर पुरीजी ने ११ जुलाई को देहत्याग किया । कुछ दिनों से लक्ष्मणपुरी के मेदांता चिकित्सालय में उन पर उपचार चल रहे थे ।

इंदौर के भक्तवात्सल्य आश्रम में प.पू. भक्तराज महाराजजी का जन्मोत्सव भावपूर्ण वातावरण में संपन्न !

इंदौर (मध्य प्रदेश) के भक्तवात्सल्य आश्रम में ७ जुलाई को सनातन संस्था के श्रद्धाकेंद्र प.पू. भक्तराज महाराजजी (प.पू. बाबा) का जन्मोत्सव भावपूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ ।