वृदांवन के आचार्य श्री. संजीव कपिलजी ने सनातन संस्था के कार्य को दिया आशीर्वाद !

आचार्य श्री. संजीव कपिलजी ने सनातन संस्था के कार्य को आशीर्वाद दिया । इस समय सनातन संस्था द्वारा आयोजित धर्मशिक्षा के कार्य के बारे में उन्हें अवगत कराया । आध्यात्मिक स्तर पर हो रहा यह कार्य सुनकर आचार्यजी ने कार्य की प्रशंसा की और हमें सहायता का आश्वासन भी दिया ।

दिल्ली एवं हरियाणा में संत कृपा प्रतिष्ठान की ओर से वृक्षारोपण अभियान !

वातावरण में बढते प्रदूषण को नियंत्रण में रखने और स्वच्छ वायु प्रदान करने के उद्देश्य से वृक्षारोपण आवश्यक है । इस उद्देश्य से वृक्षारोपण किया गया । इस उपक्रम में स्कूल के २५ बच्चे, अध्यापिका और प्रधानाचार्य श्रीमती रमा रानी भी उपस्थित रहे ।

सनातन संस्था की ओर से कर्नाटक के मुख्यमंत्री बसवराज बोम्माई को बांधी राखी !

भाई का उत्कर्ष हो एवं भाई बहन की रक्षा करे, इस भूमिका से रक्षाबंधन मनाया जाता है । इस निमित्त से सनातन संस्था की ओर से राज्य के मुख्यमंत्री बसवराज बोम्माई के आर्. टी. नगर में निवासस्थान पर भेट देकर उन्हें राखी बांधी गई ।

हिन्दू जनजागृति समिति और हिन्दू राष्ट्र अधिवेशन के बारे में हिन्दुत्वनिष्ठों के गौरवोद्गार और परात्पर गुरु डॉ. आठवलेजी के प्रति व्यक्त किया भाव

अखिल भारतीय हिन्दू राष्ट्र अधिवेशन का व्यासपीठ सभी हिन्दुत्वनिष्ठों के लिए है । इस कारण हिन्दू राष्ट्र अधिवेशन के माध्यम से हिन्दुओं में नवशक्ति निर्माण हुई है । विविध राज्यों में और जिलों में इस प्रकार के अधिवेशन हो रहे हैं । अखंड हिन्दू राष्ट्र के लिए ये सम्मलेन हो रहे हैं ।

सनातन संस्था द्वारा संपूर्ण देश में १५३ स्थानों पर ‘गुरुपूर्णिमा महोत्सव’ संपन्न !

माया के भवसागर से शिष्य और भक्त को धीरे से बाहर निकालनेवाले, उनसे आवश्यक साधना करवानेवाले और कठिन समय में उन्हें निरपेक्ष प्रेम का आधार देकर संकटमुक्त करानेवाले गुरु ही होते हैं । ऐसे परमपूजनीय गुरु के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने का दिन होता है ‘गुरुपूर्णिमा’ !

तनावमुक्ति हेतु अपने दुर्गुणों को दूर कर, गुणवृद्धि करें ! – श्रीमती वैदेही पेठकर, सनातन संस्था

आजकल सर्वत्र ही छात्रों में तनाव दिखाई देता है । तनाव निर्मूलन हेतु अपने व्यक्तित्व के दोषों को दूर करने के लिए, अपने गुण बढाने की आवश्यकता है ।

स्वयं के द्वारा हिन्दू धर्म का आचरण करने से ही हिन्दुओं को जागृति लाना संभव ! – दयाल हरजानी, व्यवसायी, हाँगकाँग

मंदिरों में दानपेटी होती है; परंतु ज्ञानपेटी नहीं होती । मंदिरों में धर्म का ज्ञान मिलना आवश्यक है । दुर्भाग्यवश मंदिरों की ओर से ज्ञान नहीं दिया जाता । इसलिए हमें मंदिरों में भी परिवर्तन लाना पडेगा । धर्म का ज्ञान लेकर मन में मंदिर तैयार नहीं हुआ, तो वह किसी उपयोग का नहीं है ।

आज ही ‘डाउनलोड’ करें, सनातन के ‘ई-बुक’ स्वरूप में ग्रंथ !

स्वभावदोष (षड्रिपु)-निर्मूलनका महत्त्व एवं गुण-संवर्धन प्रक्रिया (अंग्रेजी), नामजप का महत्त्व (अंग्रेजी), त्योहार मनानेकी उचित पद्धतियां एवं अध्यात्मशास्त्र (हिन्दी)

‘सनातन दंतमंजन’ का औषधी उपयोग

सनातन दंतमंजन के नियमित उपयोग से मसूडे एवं दांत की दुर्बलता दूर होकर मसूडे और दांत मजबूत होते हैं । मसूडों की सूजन, उसमें से रक्त आना बंद होता है । दांतों की सडन रुककर दांतों का स्वास्थ सुधर जाता है, साथ ही दांत जड से मजबूत होते हैं ।

सनातन संस्था की गुरुपूर्णिमा महोत्सव के लिए मुख्यमंत्री श्री. बसवराज बोम्माई को निमंत्रण !

सनातन संस्था द्वारा आयोजित गुरुपूर्णिमा महोत्सव के लिए कर्नाटक के मुख्यमंत्री श्री. बसवराज बोम्माई को निमंत्रण दिया गया ।