देहली में पकडे गए इस्लामिक स्टेट के आतंकवादियों की पूछताछ में चौंका देनेवाली जानकारी उजागर !

नई देहली – ऐसी जानकारी प्राप्त हुई है कि देहली में पकडे गए इस्लामिक स्टेट के ३ आतंकवादियों ने मंदिरों, मजारों (मुसलमानों की कब्र) सहित मुंबई, सुरत, वडोदरा, गांधीनगर और कर्णावती के राजनेताओं के स्थानों को लेकर कुल १८ स्थानों पर रासायनिक बमविस्फोट करवाने का षड्यंत्र रचा था । इस हेतु उन्होंने कुछ क्षेत्रों की रेकी भी की थी ।
गोवा में था बम बनाने का अड्डा !
इन आतंकवादियों ने आपात मचाने के लिए नए युवकों की खोज के लिए पुणे, बंगलुरू आदि नगरों में मुसलमान युवकों का बुद्धिभेद (मतपरिवर्तन) कर उन्हें जाल में फंसाने का कार्य आरंभ किया था । ऐसे युवकों को रासायनिक बम कैसे बनाने है ? षड्यंत्र कैसे सफल किया जाए ?, इसकी शिक्षा देने के लिए अनेक स्थानों पर अड्डे बनाए थे । इनमें से एक गोवा में भी था ।
26/11 जैसे हमले की फिराक में था आतंकी शहनवाज, एक साथ कई शहरों को दहलाने की थी साजिश
.
.
.#ISIS #Terror #TerroristShahnawaz #India #DelhiPolice #DelhiPoliceSpecialCell #DelhiPoliceSpecialCellhttps://t.co/ritKFdLS5d— रिपब्लिक भारत (@Republic_Bharat) October 3, 2023
देश में कुछ राज्यों में थे अड्डे !
गोवा के साथ लवासा (पुणे), महाबळेश्वर (सातारा), हुबली और उडुपी (कर्नाटक) तथा केरल के वलसाड वन्यजीव अभ्यारण्य, नल्लामला पर्वत शृंखला और चांदौली में अड्डे बनाने के लिए इन आतंकवादियों ने स्थल खोजकर वहां अड्डे बनाए थे ।
पुणे के पास एक जंगल में की थी बमविस्फोट की जांच !
पुणे के पास के लवासा गांव के जंगल में इन आतंकवादियों ने बमविस्फोट की पहली जांच भी की थी । तदुपरांत उत्तराखंड के हल्द्वानी, देहली और राजस्थान में भी अनेक स्थानों पर जांच की थी । (इसकी थोडी भी आहट न लगना पुलिस के लिए अत्यंत लज्जाजनक ! क्या ऐसी पुलिस के हाथों में जनता का जीवन कभी सुरक्षित रहेगा ? – संपादक)
संपादकीय भूमिका
|
शाहनवाज ने हिन्दू युवति से विवाह कर उसे धर्मांतरित कर उसे बनाया आतंकवादी !बंदी बनाए गए ३ आतंकवादियों में से एक, शाहनवाज ने गुजरात की एक हिन्दू युवति से विवाह कर उसे धर्मांतरित किया था । उसका मतपरिवर्तन कर उसे आतंकवादी बनाया था । वह भी इस षड्यंत्र में सम्मिलित थी । वर्तमान में वह फरार चल रही है और पुलिस उसकी खोज कर रही है । शाहनवाज बम बनाने में निपुण था । वह झारखंड के हजारीबाग का निवासी है । संपादकीय भूमिका‘द केरल स्टोरी’ चलचित्र में जो कथा दिखाई थी, वैसी ही कथा शाहनवाज ने रची थी ! ‘द केरल स्टोरी’ चलचित्र में दिखाई कथा असत्य है’, ऐसा कहनेवाले कथित निधर्मीवादी क्या इसपर कुछ बालेंगे ? |
Dabur : ‘डाबर’ प्रतिष्ठान के पैकेटबंद मौसमी जूस में काला फफूंद मिला ।
Karnataka AI University : बेंगलुरु में देश का पहला सरकारी ‘एआई’ विश्वविद्यालय प्रारम्भ किया जाएगा ।
हिन्दु विवाह अधिनियम के अनुसार विवाह को वैध ठहराने के लिए केवल विवाह प्रमाणपत्र होना पर्याप्त नहीं है ।– Gujrat High Court
जम्मू न्यायालय ने पुलिस से अभिलेख की मांग की ।
हडपसर में हिन्दुत्वनिष्ठ कार्यकर्ता की साहिल शेख एवं उसके गुंडों द्वारा नृशंसता से पिटाई !
Three Language Policy : क्या अंग्रेजी को भारत की ही स्थानीय भाषा माना जा सकता है – सर्वोच्च न्यायालय का प्रश्न