साधको, वर्तमान आपातकाल में रात्रि के समय व्यक्तिगत वाहन से लंबी दूरी की यात्रा करने से बचें तथा अपरिहार्य परिस्थिति में ही आध्यात्मिक स्तर के उपाय करके रात्रि-यात्रा करें !

अनेक साधक व्यक्तिगत कारणों से अथवा विभिन्न सेवाओं के निमित्त दोपहिया अथवा चारपहिया वाहन से यात्रा करते हैं। दिनभर के कार्य अथवा सेवा का समय बचाने के लिए साधक रात्रि में लंबी दूरी की यात्रा करते हैं।

साधको, जिज्ञासुओं के ‘हमारे’ बन जाने पर नहीं, अपितु वे ‘हमारे’ बनें; इसके लिए तत्परता से उन्हें पाठक बनाएं  !

‘जिज्ञासुओं को साधना की ओर मोडने का तथा धर्मप्रेमियों को प्रत्यक्ष कृति के लिए प्रेरित करने का सर्वाेत्तम माध्यम है नियतकालिक सनातन प्रभात ! इस नियतकालिक को नियमितरूप से पढकर पाठकों में साधना के प्रति रुचि जागृत हो रही है, साथ ही उनमें राष्ट्र एवं धर्म के प्रति प्रेम भी बढ रहा है ।

साधको, आनेवाले आपातकाल का सामना करने के लिए श्रद्धा के बल पर साधना में आनेवाली बाधाओं पर विजय प्राप्त करो !

‘वर्तमान में संपूर्ण विश्व आपातकाल की सीमा पर खडा है । युद्ध, प्राकृतिक आपदाएं, कोरोना जैसी महामारी आदि विभिन्न माध्यमों से आपातकाल कभी भी आ सकता है । आज तक ईश्वर ने हमारी साधना होने के लिए इस काल को रोककर रखा है; परंतु वह आज नहीं तो कल आनेवाला ही है ।

साधको, शब्दशक्ति के माध्यम से संदेह फैलाने हेतु सक्रिय सातवें पाताल की बडी अनिष्ट शक्तियों की चाल पहचानकर साधना बढाओ !

यदि सनातन संस्था, उसके संतों और साधकों के विषय में कोई आपत्तिजनक लेखन अथवा वक्तव्य करता हुआ दिखाई दे, तो इसकी जानकारी अपने क्षेत्र के उत्तरदायी धर्मप्रचारक संतों को दें । – न्यासी, सनातन संस्था.

साधको, शब्दशक्ति के माध्यम से संदेह फैलाने हेतु सक्रिय सातवें पाताल की बडी अनिष्ट शक्तियों की चाल पहचानकर साधना बढाओ !

वर्तमान में सातवें पाताल की बडी अनिष्ट शक्तियां साधकों की श्रद्धा को भंग कर उन्हें साधना से दूर करने के लिए ‘शब्दशक्ति’ के माध्यम से बडे स्तर पर सूक्ष्म युद्ध कर रही हैं ।

साधको, आनेवाले आपातकाल का सामना करने के लिए श्रद्धा के बल पर साधना में आनेवाली बाधाओं पर विजय प्राप्त करो !

‘वर्तमान में संपूर्ण विश्व आपातकाल की सीमा पर खडा है । युद्ध, प्राकृतिक आपदाएं, कोरोना जैसी महामारी आदि विभिन्न माध्यमों से आपातकाल कभी भी आ सकता है । आज तक ईश्वर ने हमारी साधना होने के लिए इस काल को रोककर रखा है; परंतु वह आज नहीं तो कल आनेवाला ही है ।

साधको, वर्षा ऋतु आरंभ होनवाली है; इसलिए कहीं कोई सामग्री भेजते समय, उसे प्लास्टिक के आवरण में बांधकर ही भेजें !

‘वर्षा ऋतु में अन्यत्र कहीं सामग्री भेजते समय उसे प्लास्टिक के आवरण में बांधकर भेजना आवश्यक होता है । कभी-कभी सामग्री के बक्सों को प्लास्टिक नहीं लगा होता है, तो कभी बक्सों को फटा हुआ प्लास्टिक लगाने से बक्से भीग जाते हैं, ऐसा ध्यान में आया है ।

साधको, शब्दशक्ति के माध्यम से संदेह फैलाने हेतु सक्रिय सातवें पाताल की बडी अनिष्ट शक्तियों की चाल पहचानकर साधना बढाओ !

वर्तमान में सातवें पाताल की बडी अनिष्ट शक्तियां साधकों की श्रद्धा को भंग कर उन्हें साधना से दूर करने के लिए ‘शब्दशक्ति’ के माध्यम से बडे स्तर पर सूक्ष्म युद्ध कर रही हैं ।

साधको, जिज्ञासुओं के ‘हमारे’ बन जाने पर नहीं, अपितु वे ‘हमारे’ बनें; इसके लिए तत्परता से उन्हें पाठक बनाएं  !

‘जिज्ञासुओं को साधना की ओर मोडने का तथा धर्मप्रेमियों को प्रत्यक्ष कृति के लिए प्रेरित करने का सर्वाेत्तम माध्यम है नियतकालिक सनातन प्रभात ! इस नियतकालिक को नियमितरूप से पढकर पाठकों में साधना के प्रति रुचि जागृत हो रही है, साथ ही उनमें राष्ट्र एवं धर्म के प्रति प्रेम भी बढ रहा है ।

साधको, आनेवाले आपातकाल का सामना करने के लिए श्रद्धा के बल पर साधना में आनेवाली बाधाओं पर विजय प्राप्त करो !

वर्तमान में संपूर्ण विश्व आपातकाल की सीमा पर खड़ा है। युद्ध, प्राकृतिक आपदाएं, कोरोना जैसी महामारी आदि विभिन्न माध्यमों से आपातकाल कभी भी आ सकता है। आज तक ईश्वर ने हमारी साधना होने के लिए इस काल को रोककर रखा है; परंतु वह आज न कल आनेवाला ही है