सच्चिदानंद परब्रह्म डॉ. जयंत आठवलेजी के चरणों में कोटि-कोटि प्रणाम !
गुरुदेवजी को देखकर सभी भावविभोर हो गए । उसी प्रकार, सभी को सामने देखकर गुरुदेवजी के मुखमंडल पर भी आनंद एवं कृतज्ञभाव दिखाई दे रहा था । महोत्सव अंतर्गत गुरुदेवजी की यह अत्यंत मनमोहक भावमुद्रा है !