संपादकीय : … ऐसे ‘शहीद’ भारत को पाकिस्तान बना देंगे !

धर्मांतरण या बलपूर्वक धर्म बढाने की सीख हिन्दुओं के किसी भी ग्रंथ में नहीं है । ओवैसी जैसे नेता मुसलमानों को धर्मांधता की ओर ले जा रहे हैं । इसमें न मुसलमानों का हित है न भारत का !, यह मुसलमानों को समझ लेना चाहिए ।

संपादकीय : ‘ममता’ का द्वेष !

राष्ट्रद्वेषी ममता बनर्जी के कारण बंगाल का बांग्लादेश की दिशा में मार्गक्रमण रोकने हेतु केंद्र सरकार एवं भारतवासी सक्रिय हों !

संपादकीय : केजरीवाल अमेरिका को इतने प्रिय क्यों ?

भारत का मित्र देश होने का नाटक कर भारतविरोधी गतिविधियां चलानेवाले अमेरिका को उसे समझ में आनेवाली भाषा में ही उत्तर देना आवश्यक !

संपादकीय : सभी ‘अवैध’ स्वयं ही हटाएं !

हिन्दुत्वनिष्ठ संगठनों के साथ भाजपा विधायक नितेश राणे तथा महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना ने इस प्रकरण में कुछ ही दिन पूर्व आंदोलन किया तथा दरगाह के ‘अतिरिक्त’ निर्माणकार्य पर अपराध भी पंजीकृत हुआ ।

संपादकीय : सामर्थ्य… सनातन का !

‘केवल साधना ही करनी है’, ऐसा नहीं; अपितु ‘आध्यात्मिक प्रगति कर आनंदप्राप्ति करनी होती है’, यह समाज को बतानेवाली सनातन संस्था आध्यात्मिक संस्थाओं में से एक ‘आदर्श’ संस्था सिद्ध हुई है ।

संपादकीय : कतर पर प्राप्त विजय !

कतर ने भारत के ८ पूर्व नौसेना अधिकारियों को छोड दिया है । यह भारत सरकार की कूटनीति की विजय है; इसलिए सरकार की अवश्य प्रशंसा करनी ही होगी ।

संपादकीय : टूटा अमेरिका का सपना !

विदेश में जाकर नस्लवादी (वर्णद्वेषी) आक्रमण सहने की अपेक्षा भारत में रहकर अपनी श्रेष्ठता सिद्ध करने में ही भारतीयों का भला है !

धर्मांधों का विध्वंसक आक्रोश !

पुलिस जनता को अपेक्षित उपलब्धि प्राप्त करेगी अथवा बार बार कट्टरपंथियों का ही लक्ष्य (निशान) बनती रहेगी ? पुलिस को इसका उत्तर देना चाहिए !

ब्रिटेन के मंदिर संकट में !

ब्रिटेन में भारतीय वंश के प्रधानमंत्री ऋषि सुनक की सरकार होते हुए अभी-अभी हिन्दुओं के लिए एक खेदजनक समाचार सामने आया है । वहां भारतीय पुजारियों का वीसा अस्वीकार किया जा रहा है । पुजारियों के अभाव में वहां ५०० में से ५० मंदिर बंद कर दिए गए हैं ।

संपादकीय : संविधान के कथित भक्त !

कांग्रेसी श्रीराम की तो छोडिए; संविधान की भक्ति भी नहीं करते; यह अब हिन्दू जान गए हैं । इसीलिए उन्होंने केंद्र में कांग्रेस को सत्ता से दूर रखा ।