स्वयं के द्वारा हिन्दू धर्म का आचरण करने से ही हिन्दुओं को जागृति लाना संभव ! – दयाल हरजानी, व्यावसायी, हाँगकाँग

हमें मूलतः आंतरिक यात्रा कर ही अर्थात साधना कर ही धर्मकार्य के लिए तैयार होना होगा । स्वयं के द्वारा हिन्दू धर्म का आचरण करने से ही हिन्दुओं में जागृति लाना संभव है, ऐसा प्रतिपादन हाँगकाँग के व्यायवसायी श्री. दयाल हरजानी ने किया ।

दशम अखिल भारतीय हिन्दू राष्ट्र अधिवेशन में ‘जाँबाज हिंदुस्थानी सेवा समिति’ की ओर से धर्मवीरों का सम्मान !

‘जाँबाज हिंदुस्थानी सेवा समिति’ के अध्यक्ष श्री. आलोक आजाद, उपाध्यक्ष श्री. आलोक तिवारी, महामंत्री श्री. प्रवीण उपाध्याय और कोषाध्यक्ष श्री. धीरेंद्र श्रीवास्तव जी ने इन धर्मवीरों को यह सम्मानचिन्ह प्रदान किया ।

इस्लामी जिहाद के विरोध में निरंतर संघर्ष करना होगा ! – प.पू. यती चेतनानंद सरस्वती, महंत, डासना पीठ, गाजियाबाद, उत्तर प्रदेश

‘‘मुगलों से लेकर आज तक इस्लामी जिहाद के विरोध में निरंतर युद्ध जारी ही है । हिन्दुओं की हत्या, हिन्दू महिलाओं पर अत्याचार, बलात्कार करना, संपत्ति लूटना, धर्मपरिवर्तन करना, ‘लैंड जिहाद’, ‘लव जिहाद’इत्यादि; यही इस्लामी जिहाद की नीतियां हैं ।

हिन्दू धर्म के प्रसार के लिए आधुनिक प्रौद्योगिकी का उपयोग किया जाना चाहिए ! – संतोष केचंबा, संस्थापक, राष्ट्र धर्म संगठन, बेंगलुरू

ज्ञान और आध्यात्मिकता के कारण हिन्दू पहचाना जाता है । आज के समय में हम अस्थिर, अनिश्चित,जटील और अस्पष्ट भविष्यवाले विश्व में जी रहे हैं, यह युक्रेन-रुस युद्ध, कोरोना महामारी और विभिन्न स्थानों पर हिन्दुत्वनिष्ठों की हो रही हत्याओं से ध्यान में आता है ।

देश, भाषा, संस्कृति और हिन्दू धर्म के प्रति निष्ठा रहकर धर्मकार्य करने से हिन्दू राष्ट्र आने में समय नहीं लगेगा ! – जगद्गुरु रामराजेश्वर माऊली सरकारजी महाराज, रुक्मिणी वल्लभ पीठ, कौंडण्यपुर अमरावती, महाराष्ट्र

दशम अखिल भारतीय हिन्दू राष्ट्र अधिवेशन में राष्ट्र और धर्म के लिए क्रियाशील होने का हिन्दुओं से आवाहन !

संप्रदायवाद छोडकर हिन्दुत्ववाद और राष्ट्रवाद अपनाइए ! – पू. चंद्रकांत महाराज शुक्लजी, जिलाप्रमुख, गुरुवंदना मंच, वलसाड, गुजरात.

जिस प्रकार से कि किसानों ने अनेक महिनोंतक आंदोलन किया और उसके कारण सरकार को ३ कृषि कानून रद्द करने पडे, उसी प्रकार हिन्दुओं को सरकार पर भारत को हिन्दू राष्ट्र घोषित करने के लिए दबाव बनाना पडेगा ।

दशम ‘अखिल भारतीय हिन्दू राष्ट्र अधिवेशन’ को हिन्दुत्वनिष्ठों का स्वयंस्फूर्त प्रतिसाद !

इन्क्विजिशन’ के नामपर ईसाई मिशनरियों ने 250 वर्ष गोमंतकियों ने किए हुए अमानवीय और क्रूर अत्याचारों लिए ईसाई संस्था के प्रमुख पोप को गोमंतकियों की सार्वजनिक क्षमा मांगनी चाहिए, ऐसी मांग श्रीमती एस्थर धनराज ने की ।

‘हिन्दू राष्ट्र के लिए कार्य करनेवाले को ही मतदान करूंगा’, ऐसे लोकप्रतिनिधियों को दृढता से बताएं ! – राजीव शाह, अध्यक्ष, सायबर सिपाही (दक्षिण राज्य) भाग्यनगर, तेलंगाणा

देश में आतंकवाद, भ्रष्टाचार, लूटपाट आदि के बढते हुए भी पुलिस उसे छोडकर हिन्दू संगठनों की गतिविधियों की कडी निगरानी कर रही है । यह हिन्दुओं का दुर्भाग्य है । भोपाल में हिन्दू देवी-देवताओं के विषय में झूठा प्रसार कर हिन्दुओं का धर्मपरिवर्तन किया जा रहा है ।

नेपाल के हिन्दुत्वनिष्ठों द्वारा संतों और धर्मप्रेमियों का सम्मान !

अखिल भारतीय हिन्दू राष्ट्र अधिवेशन के व्यासपीठ से नेपाल के ‘हिन्दू विश्वविद्यालय के अध्यक्ष डॉ. भोलानाथ योगी और पोखरा के ‘विश्व हिन्दू महासंघ’ के जिला अध्यक्ष श्री. शंकर खराल ने सद्गुरु, संत एवं धर्मप्रेमीयों को रुद्राक्ष की माला और नेपाली टोपी पहनाकर सम्मान किया ।

नेपाल को हिन्दू राष्ट्र बनाने के लिए भारत की सहायता आवश्यक ! – डॉ. भोलानाथ योगी, हिन्दू विश्वविद्यालय, नेपाल

‘नेपाल में ९५ प्रतिशत हिन्दू हैं; परंतु पाश्चात्त्यों के प्रभाव के कारण अब वहां पर टोपी के स्थान पर टाइ को महत्व दिया जा रहा है । नौकरी के निमित्त पश्चिमी देशों में जाने के कारण नेपाल में पाश्चात्य सभ्यता का प्रभाव बढ रहा है । इसलिए वहां अब हाथों से भोजन करना असभ्य समझा जाता है ।