मंदिरों के प्रतिनिधियों एवं हिन्दुओं का संगठन आवश्यक ! – रमेश शिंदे, राष्ट्रीय प्रवक्ता, हिन्दू जनजागृति समिति

अयोध्या में श्रीराम मंदिर के निर्माण के पश्चात अब तक २३ करोड ८२ लाख भक्तों ने श्रीराम के दर्शन किए हैं । इससे मंदिर को १२ सहस्र करोड रुपये की आय प्राप्त हुई है । इससे मंदिर की क्षमता को सभी को ध्यान में रखना चाहिए ।

श्री राजमातंगी महायज्ञ के निर्विघ्न संपन्न होने हेतु श्री सिद्धिविनायक के चरणों में सनातन संस्था के धर्मप्रचारक सद्गुरुओं तथा संतों द्वारा प्रार्थना !

‘वर्तमान युद्धकाल में तपोभूमि भारत को संरक्षण कवच प्राप्त हो तथा भारत की सर्वांगीण उन्नति हो’, इस हेतु सनातन संस्था की ओर से १७ मई को मुंबई के प्रभादेवी स्थित नर्दुल्ला टैंक मैदान में ‘श्री राजमातंगी महायज्ञ’ का भव्य आयोजन किया गया ।

श्री राजमातंगी महायज्ञ के निर्विघ्न संपन्न होने हेतु श्री सिद्धिविनायक के चरणों में सनातन संस्था के धर्मप्रचारक सद्गुरुओं तथा संतों द्वारा प्रार्थना !

‘वर्तमान युद्धकाल में तपोभूमि भारत को संरक्षण कवच प्राप्त हो तथा भारत की सर्वांगीण उन्नति हो’, इस हेतु सनातन संस्था की ओर से १७ मई को मुंबई के प्रभादेवी स्थित नर्दुल्ला टैंक मैदान में ‘श्री राजमातंगी महायज्ञ’ का भव्य आयोजन किया गया ।

श्री काशी विश्वनाथ मंदिर के अर्चक द्वारा सद्गुरु नंदकुमार जाधवजी का सम्मान

सनातन संस्था के धर्मप्रचारक संत सद्गुरु नंदकुमार जाधवजी ने परिवार सहित वाराणसी के काशी विश्वनाथजी के दर्शन किए । 

‘साधना की तीव्र लगन एवं सेवाभावी वृत्ति’ से युक्त नांदेड की श्रीमती अनीता बरारा (आयु ७२ वर्ष) ७१ प्रतिशत आध्यात्मिक स्तर प्राप्त कर ‘समष्टि संत’ के रूप में सनातन के १३८वें संतपद पर विराजमान !                                                       

श्रीमती बरारा में सच्चिदानंद परब्रह्म गुरुदेवजी के प्रति दृढ श्रद्धा है । वे गुरुदेवजी का स्मरण करती हैं । वे कर्तापन गुरुदेवजी को अर्पण करती हैं । वे निरंतर कहती हैं, ‘सबकुछ गुरुदेवजी ही करते हैं ।’

जळगांव (महाराष्ट्र) की हिन्दू राष्ट्र-जागृति सभा में सहस्रों हिन्दुओ ने किया हिन्दू राष्ट्र-स्थापना का उद्घोष !

वर्तमान समय संक्रमण का समय है; उसके कारण रामराज्य का हो रहा प्रातःकाल कोई रोक नहीं सकता । रामराज्य की स्थापना से वानरसेना ने महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाई, उसके अनुसार स्वयं के कौशल के साथ हिन्दू राष्ट्र की स्थापना हेतु तन-मन-धन समर्पित करना काल के अनुसार साधना है ।

सनातन संस्था की ओर से संतों को ‘हिन्दू राष्ट्र रत्न’ तथा हिन्दुत्वनिष्ठों को ‘सनातन धर्मश्री’ पुरस्कार प्रदान !

सनातन संस्था की ओर से १७ से १९ मई २०२५ की अवधि में फोंडा, गोवा में संपन्न ‘सनातन राष्ट्र शंखनाद महोत्सव’ में हिन्दू धर्म एवं राष्ट्र रक्षा हेतु विशेष कार्य करनेवालों को ‘हिन्दू राष्ट्र रत्न’ तथा ‘सनातन धर्मश्री’ पुरस्कार प्रदान करने की घोषणा की गई थी ।

शत्रु की कमर टूटने के उपरांत ही देश में शांति होगी ! – मेजर गौरव आर्य (सेवानिवृत्त), मुख्य संपादक, चाणक्य फोरम, देहली

‘राष्ट्र की रक्षा शस्त्रों से ही करनी पडती है । भारत ने पाकिस्तान को बार-बार क्षमा की है । युद्ध में ३ बार हारने के उपरांत भी पाकिस्तान ने भारत पर पलटवार किया । ‘शत्रु को बार-बार क्षमा नहीं करनी चाहिए’, यह सनातन धर्म की सीख है ।

वैश्विक हिन्दू राष्ट्र अधिवेशन का दूसरा दिन (२५ जून) : राष्‍ट्र एवं धर्म की रक्षा हेतु किए गए प्रयास

हिन्दू अपनी लडकियों को उनके बचपन में ही भगवद्गीता क्यों नहीं सिखाते ? भगवद्गीता में ‘विधर्म से स्‍वधर्म श्रेष्‍ठ है’, इसकी सीख दी गई है । यदि यह शिक्षा मिली, तो हिन्दू युवतियां लव जिहाद का शिकार नहीं बनेगी ।

मैं हिन्दू राष्ट्र बनाने के लिए एक धार्मिक सभा आयोजित करूंगा! – टी. राजा सिंह, विधायक, भा.ज.पा.

अनेक लोग मेरी बैठकों को रोकने का प्रयत्न कर रहे हैं; किन्तु मैं नहीं रुकूंगा। मैं हिन्दू राष्ट्र बनाने के लिए धर्मसभाएं करूंगा! जिन किलों पर अतिक्रमण हुआ है, उन अतिक्रमणों को ध्वस्त करने का आदेश मुख्यमंत्री को देना चाहिए।