Sri Lanka Blast Case : श्रीलंका के ईस्टर संडे के बमविस्फोट के प्रकरण में पूर्व गुप्तचर प्रमुख को बंदी बनाया गया

भारत ने इन बमविस्फोटों से कुछ सप्ताह पूर्व श्रीलंका के गुप्तचर विभाग को इस संदर्भ में जानकारी दी थी; परंतु तब भी बमविस्फोट रोके नहीं जा सके । इन बमविस्फोटों में २५० से अधिक मारे गए थे ।

श्रीलंका की नौसेना ने ४७ भारतीय मछुआरों को बंदी बनाया

श्रीलंका की नौसेना ने हाल ही में तलाईमन्नार क्षेत्र में ४७ भारतीय मछुआरों को बंदी बना कर उनकी पांच नौकाएं भी अपने पास रख लीं हैं ।

Pak Cricketer Sana Mir : पूर्व पाकिस्तानी महिला क्रिकेटर सना मीर ने पाकिस्तान द्वारा अधिग्रहित कश्मीर को ‘आजाद कश्मीर’ कहा !

(और इनकी सुनिए…) ‘किसी को ठेस पहुंचाने या कोई राजनीतिक वक्तव्य देने का कोई मानस नहीं था !’ – सना मीर का स्पष्टीकरण

Sri Lanka Accuses India : श्रीलंका का भारतविरोधी सुर – मछुआरों पर लगाया लूटखोरी का आरोप !

कच्चाथीवू टापू के प्रकरण के निराकरण के लिए हमारे राजनैतिक विकल्प खुले हैं; परंतु अंतरराष्ट्रीय कानून के अनुसार कच्चाथीवू टापू श्रीलंका का अंग है तथा हम उसे कभी नहीं छोडेंगे, ऐसा वक्तव्य श्रीलंका के विदेशमंत्री विजिथा हेराथ ने किया ।

भारत की आपत्ति के उपरांत श्रीलंका ने पाकिस्तान के साथ होने वाला संयुक्त नौसैनिक अभ्यास रद्द किया !

इस अभ्यास की जानकारी मिलने पर भारत ने कोलंबो स्थित उच्चायुक्तालय के माध्यम से श्रीलंकाई सरकार से बातचीत कर इस अभ्यास को रद्द करने की मांग की थी ।

Sri Lankan President Dissanayake : श्रीलंका की भूमि का उपयोग भारत के विरुद्ध नहीं होने दिया जाएगा !

श्रीलंका के राष्‍ट्रपति दिसानायके का भारत को आश्‍वासन

Sri Lanka China Relations : चीनी जासूसी नौकाओं पर से प्रतिबंध हटाने का श्रीलंका सरकार का निर्णय !

भारत का तनाव बढ़ेगा

हम किसी को भी भारत का नुकसान नहीं करने देंगे ! – श्रीलंका

विदेश मंत्री साबरी ने कहा कि ब्रिक्स में भारत की भागीदारी के बाद यह एक बहुत अच्छा संगठन बन गया है। हम भी इस संगठन में भाग लेने का प्रयास करेंगे।

(और इनकी सुनिए…) ’कच्चातिवु द्वीप पर भारत का दावा निराधार है !’ – डगलस देवानंदा, श्रीलंका के मत्स्य पालन मंत्री

इससे पहले श्रीलंकाई विदेश मंत्री ने भी कच्चातिवु पर ऐसा ही बयान दिया था । मूल रूप से सूचना के अधिकार अधिनियम के अंतर्गत, यह बताया गया कि कांग्रेस ने बिना किसी मुआवजे के श्रीलंका को कच्चातिवु द्वीप की पेशकश की थी । इस विषय पर हुए करार का इतिहास है तो श्रीलंका द्वारा इसे अस्वीकार करना हास्यास्पद है !

Katchatheevu Island Row : कच्चातिवु समस्या पर ५० वर्ष पहले समाधान हुआ है, इसलिए अब उसे फिर से उठाने की आवश्यकता नहीं ! – श्रीलंका के विदेश मंत्री

केवल मतों के लिए उपस्थित किया जा रहा है प्रश्न ! – श्रीलंका के भारत में नियुक्त भूतपूर्व उच्चायुक्त फर्नांडो