जोधपुर (राजस्थान) – यहां के मंडोर खुले कारागृह में आजीवन कारावास का दंड भुगत रहे एक पुरुष एवं महिला बंदी को विवाह करने के लिए राजस्थान उच्च न्यायालय ने अनुमति दी है । राज्य सरकार ने भी इस विवाह पर कोई आपत्ति नहीं दर्शाई । अंततः अब २२ जुलाई को उनका विवाह होनेवाला है ।
मूलाराम एवं सीमा, ये दोनों बंदी इस खुले कारागृह में खेती का काम कर रहे थे । इस अवधि में इन दोनों में निकटता हुई थी । मूलाराम ने अपने पडोसी की, जबकि सीमा ने अपने पति की हत्या की थी तथा इन प्रकरणों में न्यायालय ने उन्हें आजीवन कारावास का दंड सुनाया था ।
कारागृह का उद्देश्य अपराधियों को समाज के मुख्य प्रवाह में ले आना है – न्यायालय
न्यायालय ने कहा कि कारागृह व्यवस्था का मुख्य उद्देश्य केवल अपराधियों को दंड देना अथवा समाज से उन्हें अलग करना नहीं है, अपितु उनका पुनर्वास कर उन्हें समाज के मुख्य प्रवाह में आने का अवसर उपलब्ध कराना भी है ।

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