अध्यात्म और जलवायु परिवर्तन : क्या इनमें कोई संबंध है ?

MAV के शोध से सिद्ध हुआ है कि नामजप, यज्ञ और सात्विक जीवन शैली जैसी साधनाएं न केवल मनुष्य के सप्तचक्रों और ऊर्जा-क्षेत्र को शुद्ध करती है, बल्कि उसके आसपास के वातावरण में भी सकारात्मक स्पंदन बढ़ाती हैं। वर्तमान समय में संतों ने विशेष रूप से “श्री राम जय राम जय जय राम” के जाप का मार्गदर्शन दिया है।

सच्चिदानंद परब्रह्म डॉ. आठवलेजी की विभिन्न कृतियों से प्रक्षेपित स्पंदनों का अध्ययन

‘मनुष्य की विभिन्न कृतियां प्रधानता से सत्त्वगुणी, रजोगुणी अथवा तमोगुणी होती हैं । उन गुणों के अनुसार संबंधित कृति से स्पंदन प्रक्षेपित होते रहते हैं । ‘उच्च आध्यात्मिक स्तर के अर्थात ‘परात्पर गुरु’ स्तर के संतों के संदर्भ में यह कैसे होता है ?’, इसका अध्ययन किया गया ।

मनुष्य जीवन की संकीर्णता से व्यापकता की ओर होनेवाली प्राकृतिक यात्रा दर्शानेवाले जन्मकुंडली के १२ स्थान !

हिन्दू धर्म में प्रत्येक बात का कितना गहनता से तथा सूक्ष्म विचार किया गया है, इसके उदाहरण के रूप में यह लेख प्रकाशित कर रहे हैं !

‘यूनिवर्सल ऑरा स्कैनर’ उपकरण के माध्यम से आध्यात्मिक शोध करते समय आनेवाली सीमाओं को ध्यान में रखते हुए, ‘महर्षि अध्यात्म विश्वविद्यालय’ द्वारा आध्यात्मिक शोध में ‘लोलक परीक्षण’ (Pendulum Testing) को जोडना

वर्ष २०२१-२०२२ के मध्य ‘यूनिवर्सल ऑरा स्कैनर’ उपकरण द्वारा परीक्षण करते समय, कुछ घटकों का प्रभामंडल (Aura) २३०० मीटर से भी अधिक पाया गया। स्थान की कमी के कारण इतनी विशाल दूरी को सटीक रूप से मापना संभव नहीं हो पा रहा था।

सच्चिदानंद परब्रह्म डॉ. आठवलेजी का पटना, बिहार में ‘अंतरराष्ट्रीय ज्योतिष, वास्तु और तंत्र सम्मेलन’ में सम्मान 

हिन्दू जनजागृति समिति के धर्मप्रचारक सद्गुरु नीलेश सिंगबाळजी ने यह सम्मान ग्रहण किया !
धर्म एवं आध्यात्म के क्षेत्र में उनके अतुलनीय योगदान के लिए उन्हें सम्मानित किया गया !

शैक्षिक, चिकित्सकीय एवं नीतिगत कार्यपद्धति जैसे विषयों में अध्यात्म का समावेश करना समय की मांग है !  – शॉन क्लार्क, फोंडा, गोवा

दावोस, स्विट्जरलैंड के ‘हाउस ऑफ पायोनियर्स’ में एक विश्व स्तरीय परिषद का आयोजन किया गया था । इस परिषद में ‘महर्षि अध्यात्म विश्वविद्यालय’ के प्रतिनिधि उपस्थित थे ।

माहेश्वरी ग्लोबल कन्वेन्शन २०२६ में महर्षि अध्यात्म विश्वविद्यालय एवं सनातन संस्था की ओर से विशेष आध्यात्मिक प्रदर्शनी

माहेश्वरी ग्लोबल कन्वेन्शन २०२६ के अंतर्गत आयोजित भव्य प्रदर्शनी में महर्षि अध्यात्म विश्वविद्यालय द्वारा प्रस्तुत आध्यात्मिक शोध और अनुसंधान ने उपस्थित प्रतिनिधियों एवं श्रद्धालुओं का विशेष ध्यान आकर्षित किया ।

किसी भी प्रकार की बीमारी पर विजय प्राप्त करने के लिए आध्यात्मिक स्तर के उपचारों की आवश्यकता ! – शॉर्न क्लार्क, फोंडा, गोवा

‘किसी भी प्रकार की बीमारी पर विजय प्राप्त करने हेतु शारीरिक उपचारों के साथ आध्यात्मिक स्तर के उपचार करना भी अत्यंत आवश्यक है’, ऐसा प्रतिपादन महर्षि अध्यात्म विश्वविद्यालय के शोध कार्य समूह के सदस्य श्री. शॉर्न क्लार्क (आध्यात्मिक स्तर ६७ प्रतिशत) एवं श्रीमती श्वेता क्लार्क ने किया ।

सच्चिदानंद परब्रह्म डॉ. आठवलेजी द्वारा स्थापित ‘महर्षि अध्यात्म विश्वविद्यालय’ !

सच्चिदानंद परब्रह्म डॉ. आठवलेजी ने वर्ष २०१४ में अध्यात्म की उच्च शिक्षा देना तथा आध्यात्मिक शोधकार्य करना, इन उद्देश्यों से ‘महर्षि अध्यात्म विश्वविद्यालय’ नामक न्यास की स्थापना की । इस न्यास की ओर से विभिन्न विषयों पर आध्यात्मिक शोध कार्य किया जाता है ।

सच्चिदानंद परब्रह्म डॉ. आठवलेजी के पूजाघर में स्थित सनातन-निर्मित श्री लक्ष्मीदेवी के चित्र से सूक्ष्म चैतन्य एवं आनंद के स्पंदन प्रक्षेपित होना

इस लेख से हम गुरुदेवजी के पूजाघर में स्थित सनातन-निर्मित श्री लक्ष्मीदेवी के चित्र की आध्यात्मिक विशेषताएं समझ लेते हैं ।