Hindu Kesari : प्रबल प्रताप सिंह जुदेव प्रतिष्ठित ‘हिन्दू केसरी’ पुरस्कार से सम्मानित।

सहस्रो हिन्दुओं को हिन्दू धर्म में पुनर्प्रवेश देने के लिए कार्य करने से मिला पुरस्कार ।

कच्छ (गुजरात) में साधारण कारणवश मुसलमानों द्वारा ग्राम के हिन्दुओं पर आक्रमण !

इस प्रकार मुसलमानों की भीड द्वारा हिन्दुओं के ग्राम पर आक्रमण होने से प्रश्न उठता है कि कच्छ भारत में है अथवा पाकिस्तान में ? राज्य में भाजपा की सरकार होते हुए ऐसा होना हिन्दुओं को अपेक्षित नहीं है !

Assam Cow Slaughter : श्रीभूमि (असम) में मंदिर की दानपेटी पर गाय का कटा हुआ सिर मिला ।

असम में भाजपा की सरकार होते हुए ऐसी घटनाएं नहीं होनी चाहिएं , ऐसा ही हिन्दुओं को लगता है ।

MLA T Raja Singh : मुसलमानों के दबाव के सामने झुककर पुलिस ने विधायक टी. राजासिंह की धर्मसभा को अनुमति नहीं दी ।

मध्यप्रदेश के हिन्दुत्वनिष्ठ संगठन ‘धर्मरक्षक’ने इस सभा का आयोजन किया था, परंतु भोपाल पुलिस ने कानून-व्यवस्था बनाए रखने के नाम पर सभा की अनुमति नहीं दी ।

‘गोकुल’ का हलाल प्रमाणपत्र तत्काल निरस्त कीजिए – कोल्हापुर में हिन्दुत्वनिष्ठ संगठनाएं आक्रामक

यह हलाल प्रमाणपत्र तत्काल निरस्त नहीं किया गया, तो ‘गोकुल’ के उत्पादनों का बहिष्कार करने के साथ ही तीव्र जनआंदोलन चलाया जाएगा तथा आवश्यकता पडी, तो सीधे ‘गोकुल’दूध संघ पर विशाल मोर्चा निकाला जाएगा, ऐसी चेतावनी हिन्दू जनजागृति समिति एवं हिन्दुत्वनिष्ठ संगठनों ने दी है ।

मेरठ (उत्तरप्रदेश) : गदा खान ने बकरीद पर दुर्गा मंदिर में पकाया बकरे का मांस !

क्रोधित हिन्दू संगठनों के विरोध के पश्चात पुलिस द्वारा आरोपी को बंदी बनाया l

छत्रपति संभाजीनगर से हिन्दू युवतियों के लापता होने के पीछे ‘ए.आई.एम.आई.एम.’ का षड्यंत्र ?

शहर से हिन्दू युवतियों के लापता होने की बढती घटनाओं के पीछे ‘ए.आई.एम.आई.एम.’ नामक कट्टरपंथी राजनीतिक दल का षड्यंत्र होने का संदेह उपमहापौर राजेंद्र जंजाल ने व्यक्त किया है ।

विशालगढ किले पर मुसलमान सरदार रेहान मलिक के नाम पर लगनेवाले ऊर्स को अनुमति न दें ।

जिस जिला प्रशासन ने राज्य सरकार के गढ-दुर्ग पर किए गए अतिक्रमण के संबंध में जो अतिक्रमणविरोधी समिति गठित की है, उसका जिलास्तर पर औपचारिकरूप से गठन भी नहीं किया है, वह प्रशासन हिन्दुओं की इस मांग को क्या पूरी करेगा, यह एक बडा प्रश्न ही है ।

छत्रपती के मंदिर के लिए प्राप्त होनेवाला अनुदान क्रूरकर्मा औरंगजेब की कब्र की देखभाल के लिए दिए जा रहे अनुदान की तुलना में अत्यल्प !

औरंगजेब की कब्र की देखभाल के लिए प्रति वर्ष २,५५,१६० रुपये (वर्ष २०२२-२३ ) दिए जा रहे हैं, इसके विरुद्ध छत्रपती शिवाजी महाराज के ‘श्री शिवराजेश्वर मंदिर’ के लिए मात्र १ लाख रुपये दिए जा रहे हैं ।

देवस्थान इनाम निर्मूलन प्रारूप के विरोध में मुख्यमंत्री से लेकर तहसीलदारों तक ३०० से अधिक निवेदन !

‘महाराष्ट्र देवस्थान इनाम निर्मूलन प्रारूप अधिनियम’ के विरोध में राज्य के सहस्रों मंदिर हुए एकत्रित !
हिन्दू मंदिरों की भूमि अधिगृहीत करने की शासकीय नीति के विरोध में तीव्र असंतोष !