CM Dr. Mohan Yadav : प्रभु श्रीरामचंद्रजी ने एक विवाह किया, तो रहीम से भी वही अपेक्षा !

समान नागरिक संहिता पर मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का वक्तव्य

इंदौर (मध्यप्रदेश) – यदि प्रभु श्रीरामचंद्र एक विवाह करते हैं, तो रहीम से भी एक ही विवाह की अपेक्षा की जा सकती है । मुसलमान बहनें भी हमारी ही बहनें हैं । उनके भी जीवन में कठिनाइयां आती हैं ; इसीलिए कानून सभी के लिए समान होना चाहिए, ऐसा वक्तव्य मध्यप्रदेश की भाजपा सरकार के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने यहां एक कार्यक्रम में समान नागरिक संहिता (सभी धर्मावलंबियों के लिए समान कानून) के विषय में बोलते हुए किया ।

वर्षाकालीन सत्र में समान नागरिक संहिता का विधेयक प्रस्तुत करने की तैयारी

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने आगे कहा कि राज्य सरकार समान नागरिक संहिता लागू करने के लिए आवश्यक सभी वैधानिक प्रक्रियाएं पूर्ण कर रही है । आगामी २० जुलाई से प्रारंभ होने वाले विधानसभा के वर्षाकालीन सत्र में इस संदर्भ में महत्वपूर्ण कदम उठाया जा सकता है । इस संदर्भ में प्रारूप तैयार करने के लिए स्थापित की गई विशेष समिति ने सरकार को अपना प्रतिवेदन प्रस्तुत कर दिया है । यह प्रतिवेदन अब आगामी वैधानिक प्रक्रिया के लिए विधि विभाग को भेज दिया गया है ।

१० लाख से अधिक सुझाव तथा सभी घटकों से संवाद

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सरकार ने यह कानून लागू करने से पूर्व व्यापक स्तर पर जनसंवाद किया है । विशेष समिति ने राज्य के सभी ५५ जनपदों में विभिन्न धर्म, समुदाय, सामाजिक संस्थाओं एवं राजनीतिक दलों के साथ चर्चा करके लगभग १० लाख से अधिक सुझाव एकत्रित किए हैं । सभी घटकों के विचारों का आदर करते हुए सर्वसम्मति से यह कानून लागू करने का सरकार का प्रयास है ।

संपादकीय भूमिका

राम एवं रहीम की तुलना कभी भी नहीं हो सकती, यह ध्यान में रखना चाहिए ! भारत श्रीराम का देश है, जबकि ‘रहीम’ भारत को देश नहीं मानता ; इसीलिए वह ‘वन्दे मातरम्’ कहने से मना करता है, यह वास्तविकता है !