हिमंत बिस्व सरमा की हिम्मत !

असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा के अनुसार पुलिस को अधिकार मिले हैं कि वे संदिग्ध गोतस्करों में घर में प्रवेश कर खोज करने और गोतस्कर द्वारा पिछले ६ वर्षाें में अवैध पशु व्यापार से प्राप्त संपत्ति जप्त कर सकते हैं ।

हिन्दुओं के घर जलाए, तो मुसलमानों के घर कैसे सुरक्षित रहेंगे ? – योगी आदित्यनाथ

ब दंगे होते हैं, तब प्रत्येक धर्म के और पंथ के लोगों की हानि होती है ।

तिरुपति के जल क्षेत्र पर अतिक्रमण कर हिरा इस्लामिक विद्यापीठ द्वारा किया अवैध निर्माण कार्य हटाने का आंध्रप्रदेश उच्च न्यायालय का आदेश

ऐसा आदेश न्यायालय को क्यों देना पडता है ? अवैध निर्माण कार्य होने तक सरकारी तंत्र सो रहे थे क्या ?

(कहते हैं) ‘दलित और मुसलमान एक साथ आ जाएं, तो वे संपूर्ण भारत पर राज्य कर सकते हैं !’ – गुफरान नूर, जिला अध्यक्ष, अलीगढ, एम.आई.एम.

कालीचरण महाराज पर कार्यवाही की जाती है, तो ऐसे धर्मांध नेताओं पर कार्यवाही क्यों नहीं होती ?

(कहते हैं) ‘मुसलमानों ने कानून हाथ में लिया, तो हिन्दुओं को भागने के लिए जगह नहीं मिलेगी !’ – मौलाना तौकीर रजा का विशैला वक्तव्य

उत्तरप्रदेश में इस प्रकार के विधान मौलाना की ओर से हो रहे हैं, यह देखकर ‘उन्हें कानून का डर नहीं’, यही ध्यान में आता है । ऐसों पर भाजपा सरकार को तत्परता से कार्यवाही कर कारागृह में डालना चाहिए, ऐसा ही हिन्दुओं को लगता है !

कर्नाटक के एक सरकारी महाविद्यालय में हिजाब (सिर ढंकने का कपडा) पहनने की अनुमति होने से वहां के हिन्दू छात्र गले में भगवा रूमाल धारण करेंगे !

कोप्पा जनपद के बालागडी गांव में स्थित सरकारी महाविद्यालय में मुसलमान छात्राओं को यदि हिजाब पहनने की अनुमति दी जाती हो, तो हिन्दू छात्रों को गले में भगवा रूमाल धारण करने में भी कोई आपत्ति नहीं होनी चाहिए । वहां के छात्रों ने यह सूत्र उपस्थित किया है ।

(कहते हैं) ‘सूर्य नमस्कार कार्यक्रम भारतीय संविधान के धर्मनिरपेक्षता के विरुद्ध !’

क्या धर्मनिरपेक्षता के नाम पर रास्तों पर नमाज पठन कर अन्य धर्मियों को कष्ट पहुंचाना उचित है ? धर्मनिरपेक्षता के नाम पर आप हिन्दू मंदिरों में कैसे नमाज पठन करते हैं ? इसी न्याय से, धर्मनिरपेक्षता के ही नाम पर सूर्य नमस्कार का कार्यक्रम सरकार आयोजित कर रही हो, तो यह उचित ही है !

छत्तीसगढ की काँग्रेस सरकार की ओर से मुसलमान संगठन ‘दावत-ए-इस्लामी’ को बिनामूल्य २५ एकड भूमि देने का निर्णय रद्द

हिन्दुत्वनिष्ठ संगठनों के विरोध का परिणाम
धर्मांतरण और आतंकवादी कार्यवाही में सहभागी होने का संगठन पर आरोप !

(कहते हैं) ‘हिन्दुत्वनिष्ठ नेताओं के भडकाऊ विधानों का विरोध करना चाहिए !’

इन मान्यवरों ने कभी ’१५ मिनटों के लिए पुलिस हटाने पर १०० करोड हिन्दुओं को देख लेंगे’ ऐसी धमकी देने के बाद राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री को पत्र लिखा था क्या ?