ओजस्वी विचार

सच्चिदानंद परब्रह्म डॉ. जयंत आठवलेजी के ओजस्वी विचार
‘जो बुद्धिजीवी भगवान को नहीं मानते, क्या उन्हें भक्तों को होनेवाली चिरंतन आनंद की अनुभूति कभी आ सकती है ?’
सच्चिदानंद परब्रह्म डॉ. जयंत आठवलेजी के ओजस्वी विचार
कहां प्रत्येक क्षेत्र में सर्वाेच्च स्तर का ज्ञान देनेवाला हिन्दू धर्म, तो कहां आंगनबाडी की भांति शिक्षा देनेवाले पाश्चात्य देश !



















