Russia Ukraine War : यूक्रेन द्वारा रूस के २० जहाजों पर आक्रमण !

रूस ने डॉन-अजोव नहर तथा कर्च जलडमरूमध्य (स्ट्रेट) में जहाजों का आवागमन रोका

(जलडमरूमध्य यानी दो बडे जलाशयों को जोडने वाला संकीर्ण जलमार्ग)

AI निर्मित चित्र

कीव/मॉस्को (रूस) – रूस एवं यूक्रेन के बीच समुद्री संघर्ष और अधिक तीव्र हो गया है । १५ जुलाई की रात को यूक्रेन ने क्रीमिया के पास रूस के ‘शैडो फ्लीट’ (Shadow Fleet) के २० जहाजों पर ड्रोन से आक्रमण किया । इनमें १७ तेल टैंकर (तेल ले जाने वाले जहाज), २ गैस टैंकर एवं एक ‘टगबोट’ (खींचनेवाली नाव) सम्मिलित थी । इस आक्रमण के पश्चात रूस ने अजोव सागर में जहाजों की आवाजाही पर प्रतिबंध लगा दिए हैं ।

रूस ने इस कार्रवाई को ‘आतंकवादी आक्रमण’ करार दिया है ।

रूस की ओर से यूक्रेन पर लगातार ५वें दिन भी आक्रमण जारी

दूसरी तरफ, रूस के यूक्रेन पर आक्रमण लगातार पांचवें दिन भी जारी हैं । रूस ने ओडेसा और उसके आसपास के क्षेत्रों पर ड्रोन और मिसाइलों से आक्रमण किया । ओडेसा में एक ७ मंजिला आवासीय भवन पर मिसाइल गिरने से ३ लोगों की मौत हो गई ।

समुद्री मार्गों पर वर्चस्व के लिए संघर्ष

जमीनी लडाई कुछ सीमा तक धीमी पडने के उपरांत दोनों देशों ने समुद्र को नया युद्धक्षेत्र बना लिया है । रूस यूक्रेन के बंदरगाहों पर आक्रमण कर अनाज एवं सैन्य आपूर्ति रोकने का प्रयास कर रहा है, जबकि यूक्रेन रूस के तेल, गैस एवं मालवाहक जहाजों को लक्ष्य बना रहा है । यूक्रेन के ड्रोन कमांडर ने दावा किया है कि पिछले ९ दिनों में अजोव सागर में ११६ रूसी जहाजों को लक्ष्य बनाया गया है ।

निरंतर हो रहे आक्रमणों के उपरांत बताया जा रहा है कि रूस ने डॉन-अजोव नहर एवं कर्च जलडमरूमध्य (दो जलाशयों को जोडनेवाले जलमार्ग) में जहाजों का आवागमन रोक दिया है । इस समुद्री तनाव का असर रूस के तेल, गेहूं एवं कृषि उत्पादों के निर्यात पर पडने की आशंका जताई जा रही है । अजोव सागर से रूस के लगभग २५ प्रतिशत गेहूं का निर्यात होता है ।

हॉर्मुज में भी बढा तनाव

पश्चिम एशिया (मिडल ईस्ट) में भी तनाव बढ गया है । अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने चेतावनी दी है कि यदि समझौता नहीं हुआ, तो ईरान के बिजली संयंत्रों (पावर प्लांट्स) को नष्ट कर दिया जाएगा । अमेरिका ने हॉर्मुज जलडमरूमध्य के क्षेत्र में ईरान की नाकेबंदी करते हुए १५ जुलाई को ७ घंटों में कई स्थानों पर आक्रमण किए ।अमेरिका के इन आक्रमणों में ईरान के ७ सैनिक मारे गए हैं और २६० लोग घायल हुए हैं । इस आक्रमण के जवाब में ईरान ने तेल और गैस का निर्यात रोकने की धमकी दी है, साथ ही बहरीन, कुवैत और जॉर्डन की दिशा में कई मिसाइलें और ड्रोन दागे हैं । इसके परिणामस्वरूप हॉर्मुज जलडमरूमध्य में भी भारी तनाव बढ गया है ।