बाबर, अकबर, हुमायूं आदि आक्रमणकारियों का संग्रहालय बनाकर उनके अत्याचारों को प्रदर्शित किया जाए । – Sangeet Singh Som

आक्रमणकारियों की क्रूरता को पाठ्यपुस्तकों, धारावाहिकों तथा फिल्मों के माध्यम से नई पीढी तक पहुंचाने का प्रयास करना आवश्यक है ।

भारतीयों में गुलामी के रोग को जड से उखाड फेंकनेवाली शिक्षाप्रणाली चाहिए !

वर्ष १८३९ तक भारत में ६.७५ लाख गुरुकुल एवं ९१ प्रतिशत साक्षरता दर !

Savarkar Sadan : डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर के लंदन स्थित घर के समान महाराष्ट्र के ‘सावरकर सदन’ को खरीद कर उसका संवर्धन किया जाए !

‘हिन्दू विधीज्ञ परिषद’ की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तथा मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से पत्र द्वारा मांग !

गढ -किलों पर से अतिक्रमण हटाने के लिए जनवरी मास में निकाले गए परिपत्रक पर ५ मास के उपरांत भी कोई कार्रवाई नहीं !

इससे सरकार के आदेश पर इस प्रकार निष्क्रिय रहनेवाला प्रशासन जनता के कार्य कैसे करता होगा, इसकी कल्पना ही न करना श्रेयस्कर है ।

छत्रपती के मंदिर के लिए प्राप्त होनेवाला अनुदान क्रूरकर्मा औरंगजेब की कब्र की देखभाल के लिए दिए जा रहे अनुदान की तुलना में अत्यल्प !

औरंगजेब की कब्र की देखभाल के लिए प्रति वर्ष २,५५,१६० रुपये (वर्ष २०२२-२३ ) दिए जा रहे हैं, इसके विरुद्ध छत्रपती शिवाजी महाराज के ‘श्री शिवराजेश्वर मंदिर’ के लिए मात्र १ लाख रुपये दिए जा रहे हैं ।

संतों के जन्मदिन पर ही भारत तथा बंगाल स्वतंत्र होने का एक दैवी संकेत ।

दूसरा बांग्लादेश बनने की संभावना बताए जा रहे बंगाल के एक प्रखर हिन्दुत्वनिष्ठ नेता ने ‘सनातन प्रभात’ को बंगाल में हिन्दुत्वनिष्ठ भाजपा का शासन आने के विषय में एक विशेष जानकारी दी ।

Bhojshala Verdict : भोजशाला मस्जिद नहीं, हिन्दुओं का श्री वाग्देवी मंदिर ! – मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय

खंडपीठ ने कहा, ‘यद्यपि कालचक्र के प्रभाव में इस स्थान पर कुछ नियम आरोपित किए गए थे, तथापि इस स्थान पर पूजा का स्थान होने की निरंतरता दृष्टिगोचर हुई है । इस स्थल पर प्राप्त ऐतिहासिक सामग्रियां यह सिद्ध करती हैं कि यह राजा भोज से संबंधित संस्कृत शिक्षा का एक केंद्र था ।

WW1 Indian Soldiers : प्रथम विश्व युद्ध में प्राण न्योछावर वाले ३३ हजार भारतीय सैनिकों को ‘हुतात्मा’ की श्रेणी भी नहीं दी गई !

ब्रिटेन ने १०० वर्ष पुरानी ऐतिहासिक त्रूटिको सुधारते हुए प्रथम विश्व युद्ध में उसके पक्ष में लड़ने वाले ३३ सहस्त्र भारतीय सैनिकों के बलिदान का सम्मान किया है ।

छत्रपति शिवाजी महाराज का एकवचन में उल्लेख (बिना आदर दिए उल्लेख करना) सहन नहीं करेंगे ! – विधायक संजय गायकवाड, शिवसेना

साम्यवादी विचारधारा के दिवंगत नेता कॉ. गोविंद पानसरे द्वारा ३७ वर्ष पूर्व लिखित ‘शिवाजी कोण होता ? (शिवाजी कौन था ?)’, इस विवादास्पद शीर्षकवाली पुस्तक के कारण यहां के शिवसेना विधायक श्री. संजय गायकवाड ने प्रकाशक प्रशांत आंबी को तीव्र शब्दों में फटकारा ।

विभाजन के समय हमारे पूर्वजों से भूल न हुई होती, तो समस्त मुसलमान पाकिस्तान में होते ! – Giriraj Singh

केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने जो सत्य है, वही कहा है । भारत का विभाजन धर्म के आधार पर हुआ था तथा मुसलमानों को पाकिस्तान दिया गया था ।