पाठ्यपुस्तक में भारत के तेजस्वी इतिहास का समावेश करने का ठराव हिन्दू राष्ट्र संसद में एकमत से संमत !

मुगलों ने हिन्दुओं पर जो अत्याचार किए, उसका इतिहास विद्यालयीन पाठ्यक्रम में सिखाया जाना चाहिए । छत्रपति शिवाजी महाराज ने किस प्रकार से अफजल खान का वध किया और शाहिस्ते खान की उंगलियां काट दीं, यह हिन्दुओं के पराक्रम का इतिहास युवा पीढी को सिखाया जाना चाहिए ।

हिन्दुओं को ज्ञानवापी अपने अधिकार में लेना चाहिए ! – तस्लिमा नसरीन

देश के और विदेश के कितने मुसलमान सत्य इतिहास स्वीकार कर ऐसा बताने का साहस कर रहे हैं , ऐसा विचार किया, तो ‘एक भी नहीं’, ऐसा ही उत्तर मिलता है । इसका अर्थ यह है कि धर्मनिरपेक्षता और अन्य धर्मों का आदर केवल हिन्दुओं को करना चाहिए और अन्य हिन्दुओं के धार्मिक स्थलों पर आघात करें , ऐसा ही होता है, यह बात हिन्दू कम से कम अब तो समझें ?

कुतुब मीनार और ताजमहल केंद्र सरकार हिन्दुओं को सौंपे ! -कांग्रेस नेता प्रमोद कृष्णन् की मांग

काँग्रेस की सरकार के समय काँग्रेस ने ऐसा क्यों नहीं किया और कृष्णन् ने इतने वर्ष यह बताया क्यों नहीं ?

ज्ञानवापी मस्जिद के पहले दिन में ४० प्रतिशत सर्वेक्षण पूर्ण !

ज्ञानवापी मस्जिद का सर्वेक्षण १४ मई को सुबह ८ बजे से दोपहर १२ बजे तक किया गया ।

भारत को ‘सनातन धर्म’के सिद्धांतों को पुनर्जीवित करना चाहिए ! – केरल, राज्यपाल, आरिफ खान

हिन्दू धर्म की शिक्षा देने की आवश्यकता होने का प्रतिपादन !

कुतुब मीनार क्षेत्र के २७ मंदिर गिराकर मस्जिद बनाई गई ! – पुरातत्वविद् के.के. मुहम्मद

मुसलमान आक्रांताओं ने देश के सहस्रों मंदिरों को गिराकर वहां मस्जिदें बनाई हैं, अब यह वास्तविकता भी उजागर होना आवश्यक !

‘कामसूत्र’ की भूमि पर लैंगिकता के विषय में सामाजिक चर्चा करने को अश्लील समझना अयोग्य !’

‘माई म्यूस’ कंपनी के प्रमुख का भारतीय संस्कृति के विरोध में विधान

कलुषित ‘विजन’ !

     शासन लोकतंत्र व्यवस्था का आधारस्तंभ है । हमारे देश में प्रत्येक ५ वर्ष में चुनाव होते हैं और शासनकर्ता बदल जाते हैं, तब भी प्रशासकीय कर्मचारी एवं अधिकारी वही होते हैं । शासनकर्ताओं द्वारा लागू की गई योजनाओं को कार्यान्वित करनेवाला प्रशासन ही होता है । अत: ऐसा कहना गलत नहीं होगा कि … Read more

राष्ट्र के प्रति कर्तव्य निभाकर राष्ट्राभिमानी बनें !

हमारे राष्ट्र के तेजस्वी इतिहास और श्रेष्ठतम संस्कृति को हम समझ लेंगे, तो हममें हमारे राष्ट्र के प्रति अभिमान जागृत होगा । राष्ट्र के प्रति अभिमान होगा, मन में राष्ट्रप्रेम होगा, तो राष्ट्र के प्रतीकों के प्रति भी हमारे मन में आदर रहेगा ।

एनसीईआरटी ने विद्यालयीन पाठ्यपुस्तकों में राष्ट्रीय पुरुषों के चरित्र का भारी मात्रा में विकृतीकरण किया !

विविध माध्यमों द्वारा एनसीईआरटी द्वारा शिक्षा का विकृतीकरण अनेक बार उजागर होते हुए भी उसे विसर्जित क्यों नहीं किया गया ?