हिन्दुओं को ज्ञानवापी अपने अधिकार में लेना चाहिए ! – तस्लिमा नसरीन

देश के और विदेश के कितने मुसलमान सत्य इतिहास स्वीकार कर ऐसा बताने का साहस कर रहे हैं , ऐसा विचार किया, तो ‘एक भी नहीं’, ऐसा ही उत्तर मिलता है । इसका अर्थ यह है कि धर्मनिरपेक्षता और अन्य धर्मों का आदर केवल हिन्दुओं को करना चाहिए और अन्य हिन्दुओं के धार्मिक स्थलों पर आघात करें , ऐसा ही होता है, यह बात हिन्दू कम से कम अब तो समझें ?

कुतुब मीनार हिन्दू वास्तुशास्त्रानुसार बनाया गया सूर्यस्तंभ ! – पुरातत्व विशेषज्ञ धर्मवीर शर्मा

कुतुब मीनार स्थित हिन्दू और जैन मंदिरों को गिराकर वहां बनाई गई कुव्वत-उल्-इस्लाम मस्जिद के खंभों पर एक मूर्ति मिली है । यह मूर्ति भगवान नरसिंह और भक्त प्रह्लाद की है, यह जानकारी भी धर्मवीर शर्मा ने दी ।

अमरनाथ धाम तीर्थयात्रियों को प्राप्त होगा ५ लाख रुपये का ‘बीमा कवच’ !

केंद्र शासन द्वारा लिए गए निर्णय के अनुसार, अमरनाथ यात्रा पर जानेवाले सभी तीर्थयात्रियों को पांच-पांच लाख रुपये का बीमा कवच दिया जाएगा ।

यदि दावा सही है, तो मुसलमान  ज्ञानव्यापी की भूमि हिन्दुओं को दें !

दावा सही है और यह इतिहास है, इसलिए मुसलमानों को तुरंत यह भूमि स्वयं हिन्दुओं को दे देनी चाहिए !

रास्तों के बीचोंबीच मजारें बनाई जाएंगी, तो सभ्य समाज वहां कैसे रहेगा ?

न्यायालय को सरकार के कान ऐंठने के साथ ऐसे निर्माण कार्य को सहमति देनेवालों पर भी कार्यवाही करनी चाहिए, ऐसी जनता की अपेक्षा है !

दिल्ली में निजी विद्यालयों के अल्पसंख्यक समुदाय के विद्यार्थियों का विद्यालय शुल्क माफ !

अल्पसंख्यकों की चापलूसी करनेवाली आप सरकार !

जम्मू-कश्मीर में चुनाव क्षेत्रों की पुनर्रचना के विषय पर विधान करने के कारण भारत ने इस्लामिक सहकार्य संगठन को फटकार लगाई

इस्लामिक सहकार्य संगठन को (ऑर्गनाइजेशन ऑफ इस्लामिक कोऑपरेशन ने) किसी भी एक देश (पाक के) निर्देश पर स्वयं की धार्मिक नीति फैलाना रोकना चाहिए ।

आर्थिक जालसाजी से सावधान रहें ! – रिजर्व बैंक का जनता को आवाहन

रिजर्व बैंक ने जनता को आर्थिक जालसाजी से सावधान रहने की चेतावनी दी है । पिछले कुछ समय से लोगों को फंसाने की अनेक घटनाए सामने आने पर बैंक ने इस संबंध में जनता को सूचना दी है ।

कुतुब मीनार और ताजमहल केंद्र सरकार हिन्दुओं को सौंपे ! -कांग्रेस नेता प्रमोद कृष्णन् की मांग

काँग्रेस की सरकार के समय काँग्रेस ने ऐसा क्यों नहीं किया और कृष्णन् ने इतने वर्ष यह बताया क्यों नहीं ?