भारत से चल रहे सीमाविवाद में हम ब्रिटेन को मध्यस्थ बनाना नहीं चाहते ! – Balen Shah
वास्तव में देखा जाए, तो नेपाल ने जानबूझकर भारत के साथ सीमाविवाद उत्पन्न किया है । उसे यह झूठा दावा स्वयं ही वापस लेना चाहिए !
वास्तव में देखा जाए, तो नेपाल ने जानबूझकर भारत के साथ सीमाविवाद उत्पन्न किया है । उसे यह झूठा दावा स्वयं ही वापस लेना चाहिए !
नेपाल के प्रधानमंत्री बालेन शाह में नेपाल की संसद में यह स्वीकार किया कि नेपाल ने अनेक स्थानों पर भारत की भूमि हडप ली है । उन्होंने भारत द्वारा भी नेपाल के भूभाग पर अतिक्रमण का आरोप लगाकर ‘यह विवाद इतिहासकार, भूमापक एवं विशेषज्ञों की सहायता लेकर सुलझाया जाना चाहिए’, यह भूमिका भी व्यक्त की ।
‘नेपाल एयरलाइन्स’ ने नेपाल के राष्ट्रीय विमान संस्थान ने अभी कुछ दिन पूर्व ही एक मानचित्र प्रसारित किया । उसमें सम्पूर्ण जम्मू-कश्मीर को पाकिस्तान में , तो सम्पूर्ण पूर्वोत्तर भारत को चीन में दिखाया गया ।
भारत सरकार द्वारा उत्तराखंड के पिथौरागढ स्थित लिपुलेख दर्रे से कैलास मानसरोवर यात्रा की घोषणा के उपरांत नेपाल ने इस पर आपत्ति जताई है । नेपाल ने एक बार फिर दावा किया है कि लिपुलेख उसका क्षेत्र है ।
भीख मांगने के लिए अन्य देशों में जानेवाले पाकिस्तानी अब चोरियां भी करने लगे हैं । ऐसे लोगों को फांसी का दंड ही दिया जाए तभी अन्यों को डर होगा ।
नेपाल सरकार ने पिछले दो दशकों में सत्ता में रहे प्रमुख नेताओं तथा वरिष्ठ अधिकारियों की संपत्ति की जांच के लिए एक आयोग गठित करने की घोषणा की है । बढते भ्रष्टाचार के आरोपों के बीच यह निर्णय लिया गया है ।
एक निश्चित अवधि के लिए पास भी दिया जाएगा । इस आधार पर केवल मुख्यालय क्षेत्र तक ही घूमने की अनुमति दी जाएगी, तथा प्रवेश करते समय सीमा शुल्क का भुगतान करना भी अनिवार्य होगा ।
भारत में राष्ट्रीय स्तर पर ऑनलाइन सट्टेबाजी के विरुद्ध कोई प्रभावी कठोर कानून नहीं है । भारत को भी अब इस पर ध्यान देकर कठोर कार्रवाई करने की आवश्यकता है !
प्रधानमंत्री पद संभालते ही बालेन शाह की कठोर कार्यवाही !
नेपाल में, जहां ८२ प्रतिशत हिन्दू हैं, वहां ५ प्रतिशत मुसलमान इस प्रकार का दुस्साहस करते हैं ; यह हिन्दुओं के लिए लज्जाजनक है ! यदि किसी को यह लगे कि हिन्दू इस प्रकार की मार सहने के ही योग्य हैं, तो यह अनुचित नहीं होगा !