हिन्दुओं की दयनीय स्थिति : कारणमीमांसा एवं समाधान योजना

हिन्दुओं की दुर्दशा का प्रमुख कारण यह है कि वे अनेक शताब्दियों से शुद्ध राष्ट्रवादी, दूरदर्शी, झुझारू एवं प्रभावी नेतृत्व के अभाव में संघर्ष कर रहे हैं । परिणामस्वरूप आज मुख्य प्रवाह राजकीय लोकतंत्र, व्यवस्था एवं झूठी धर्मनिरपेक्षता के बंधन में विवश होकर कुंठित हो गई है ।

हिमंत बिस्व सरमा की हिम्मत !

असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा के अनुसार पुलिस को अधिकार मिले हैं कि वे संदिग्ध गोतस्करों में घर में प्रवेश कर खोज करने और गोतस्कर द्वारा पिछले ६ वर्षाें में अवैध पशु व्यापार से प्राप्त संपत्ति जप्त कर सकते हैं ।

अनेक विषयों के बारे में बुद्धि की अनभिज्ञता !

विस्मयकारी घटनाओं को समझ पाना कठिन जगत के विस्मयकारी (आश्चर्यजनक) अनेक कार्यों तथ्यों या निष्कर्षो को मनुष्य की बुद्धि के लिए समझ पाना संभव नहीं है उदाहरण के लिए जैसे शक्तिपात का होना, चमत्कारों का दिखाई देना, सिद्धियों का प्राप्त होना इत्यादि ।

वैश्विक महामारी फैलानेवाले ‘कोरोना विषाणु’ के नया प्रकार ‘ओमिक्रॉन विषाणु’ से आध्यात्मिक स्तर पर लडने के लिए यह जप करें !

‘ओमिक्रॉन विषाणु’ का विश्वभर का प्रभाव नियंत्रित हों और उसका प्रसार रुक जाएं, एवं यह नामजप करने के निमित्त से अनेकों को इस आपातकाल में साधना करने की गंभीरता ध्यान में आए और उनके द्वारा साधना आरंभ हो, यही श्रीगुरुचरणों में प्रार्थना !

राष्ट्र के प्रति कर्तव्य निभाकर राष्ट्राभिमानी बनें !

हमारे राष्ट्र के तेजस्वी इतिहास और श्रेष्ठतम संस्कृति को हम समझ लेंगे, तो हममें हमारे राष्ट्र के प्रति अभिमान जागृत होगा । राष्ट्र के प्रति अभिमान होगा, मन में राष्ट्रप्रेम होगा, तो राष्ट्र के प्रतीकों के प्रति भी हमारे मन में आदर रहेगा ।

‘भारतीय भाषा, वेष और विचारों की पुनर्स्थापना से ही देश स्वतंत्र एवं स्थिर हो सकेगा’, यह संदेश देने के लिए यह गणतंत्र दिवस आया है ।

हमारे राष्ट्रपुरुषों के आत्मसमर्पण के मूल में सनातन धर्म की प्रेरणा थी । उसका विस्मरण होने के कारण क्या हम एक राष्ट्र बनकर रह सकते हैं ? आज गणतंत्र दिवस निमित्त यही प्रश्न हमारे सामने है ।

भारतीयो, २६ जनवरी के ध्वजारोहण के पश्चात जगह-जगह बिखरे ध्वजों की अवमानना से बचने का हम संकल्प करें और ध्वज का गौरव कर अपनी देशभक्ति प्रमाणित करें !

हमारा जन्म इस पवित्र भारत देश में हुआ, क्या वह केवल खान-पान के लिए और ‘मैं एवं मेरा परिवार’, ऐसा संकीर्ण विचार करने के लिए है ? यदि यह देश मेरा घर है, तो धर्म अर्थात मेरे घर के ज्येष्ठ एवं श्रेष्ठ परिजन हैं ! यदि ये दोंनो नहीं, तो आपका जीवन कैसा रहेगा ?

राष्ट्र एवं धर्म प्रेमी बनो !

बच्चों के मन में स्वदेश, स्वधर्म आदि संबंधी प्रेम बढाकर इस संदर्भ में उनके कर्तव्य बतानेवाला सनातन का ग्रंथ !

आतंकवादी ‘जमात’ !

विशेषज्ञों का मानना है कि आनेवाले समय में खाडी देशों के भूगर्भ में स्थित पेट्रोल और डीजल का भंडार खाली हो जाने की संभावना है । इसलिए संपूर्ण विश्व के देश इन ईंधनों के विकल्प के रूप में अन्य स्रोतों की खोज कर रहे हैं । उसमें बिजली, हाइड्रोजन आदि विविध विकल्प सामने आ रहे हैं ।

कालमेघ वनस्पति और विकारों में उसके उपयोग

कालमेघ वनस्पति संक्रामक रोगों के लिए अत्यंत उपयुक्त है । यह बहुत ही कडवी होती है । इसका उपयोग ज्वर और कृमियों के लिए किया जाता है । यह सारक (पेट को साफ करनेवाली) होने से कुछ स्थानों पर वर्षा ऋतु में और उसके उपरांत आनेवाली शरद ऋतु में सप्ताह में एक बार इसका काढा पीने की प्रथा है । इससे शरीर स्वस्थ रहता है ।