Foreign Funds ED Investigation : भारत में बांग्लादेशी एवं रोहिंग्या घुसपैठियों को बसाने के लिए विदेशों से धन की आपूर्ति !

प्रवर्तन निदेशालय की जांच में हुआ उजागर

नई दिल्ली — प्रवर्तन निदेशालय (ई.डी.-एन्फोर्समेंट डायरेक्टरेट) ने उजागर किया है कि बांग्लादेशी एवं रोहिंग्या घुसपैठियों को भारत में बसाने के लिए एक बडा आपराधिक जाल विदेशों से प्राप्त धन के माध्यम से संचालित किया जा रहा था । इस संबंध में उत्तर प्रदेश, दिल्ली, हरियाणा, बंगाल एवं महाराष्ट्र में ई.डी. ने छापेमारी की । यह जाल विदेशी धन का उपयोग घुसपैठियों के बनावटी प्रपत्र बनवाने, उन्हें देश के विभिन्न क्षेत्रों में भेजने एवं उनकी आजीविका का प्रबंध करने के लिए कर रहा था । इस जाल के तार आतंकवादी वित्तपोषण से जुडे होने की सम्भावना जताई जा रही है ।

१.  ई.डी. ने एक साथ उत्तर प्रदेश के सहारनपुर (देवबंद), दिल्ली के जामिया नगर, हरियाणा के बल्लभगढ, पश्चिम बंगाल के दक्षिण २४ परगना, उत्तर २४ परगना एवं मुर्शिदाबाद तथा महाराष्ट्र के रायगड सहित कुल १३ स्थानों पर छापे मारे ।

२. इन छापों में पश्चिम बंगाल के कुलिकापुर क्षेत्र स्थित “हरोरा अल-जामियातुल इस्लामिया दारुल उलूम” से ४० लाख रुपये की राशि एवं १८० ग्राम सोने के सिक्के हस्तगत किए गए ।

३. अधिकारियों ने बताया कि ई.डी. ऐसी आपराधिक टोली की कार्रवाईयों की जांच कर रही है, जो विदेशी विनिमय नियमन कानून (फेमा/फॉरेन एक्सचेंज रेगुलेशन एक्ट) के अंतर्गत पंजीकृत न्यासों एवं स्वयं सेवी संस्थाओं के माध्यम से काम कर रही थी ।

४. घुसपैठियों को सहायता देने वाले जाल से जुडे कुछ न्यास, स्वयंसेवी संस्थायें एवं शैक्षणिक संस्थाओं के लेन-देन की भी जांच की जा रही है । कई बैंक खातों के उपयोग की भी जांच की जा रही है ।

५. इससे पहले उत्तर प्रदेश आतंकवाद विरोधी दल की जांच में यह उजागर हुआ है, कि कुछ संस्थाओं को विदेशी दान प्राप्त हुए एवं अवैध गतिविधियों में सहायता करने के लिए बैंक खाते, मध्यस्थ खातों एवं जटिल लेन-देन के माध्यम से धन स्थानांतरित किया गया । संदिग्धों को भारत में बसाने हेतु छोटी किस्तों में ६, ८ एवं १० सहस्त्र रुपये भेजे गये ।

संपादकीय भूमिका

इनमें लिप्त लोगों को शीघ्र बंदी बनाकर, मृत्यु दंड दिया जाए !