अधिक मास अथवा पुरुषोत्तम मास का महत्त्व !
अधिक मास आत्मशुद्धि एवं परोपकार के लिए विशेष काल होता है । इसलिए ऐसा कहा जा सकता है कि इस वर्ष का ज्येष्ठ अधिक मास आध्यात्मिक साधना, भक्ति, व्रत, उपवास, त्योहार, स्वास्थ्य एवं परोपकार इत्यादि के दृष्टिकोण से विशेष लाभकारी है ।