परात्पर गुरु डॉ. जयंत आठवलेजी ‘हिन्दू राष्ट्र की स्थापना हेतु सगुण रूप में अवतरित सच्चिदानंद स्वरूप निर्गुण’ !

परात्पर गुरु डॉक्टरजी परमेश्वरीय तत्त्व में विलीन होने के लिए प्रयत्न कर रहे हैं । उसी प्रकार वे सगुण के भी कारक हैं (उन्हें हिन्दू राष्ट्र की स्थापना के लिए सक्रिय रहना आवश्यक है); इसलिए वे ऋषि-मुनि बनकर साधकों की आवश्यकताओं की पूर्ति के लिए सभी संतों से प्रयत्न करवा रहे हैं । इस कार्य के लिए वे नीचे खींचे जा रहे हैं । (उन्हें सगुण में भी रहना पड रहा है) ।

लक्ष्मणपुरी में ‘हिन्दू राष्ट्र’ के विषय में बैठक संपन्न !

संविधान में प्रयुक्त ‘धर्मनिरपेक्ष’ शब्द असंवैधानिक है । इसे हटाने के लिए संविधान के अनुच्छेद ३६८ का उपयोग करना होगा, साथ ही इस शब्द को हटाने के लिए वैचारिक संघर्ष भी करना पडेगा, ऐसा मार्गदर्शन हिन्दू जनजागृति समिति के धर्मप्रचारक सद्गुरु नीलेश सिंगबाळजी ने किया ।

RSS 100 Years : हिन्दु राष्ट्र का सत्ता से कोई संबंध नहीं ! – प.पू. सरसंघचालक डॉ. मोहनजी भागवत

‘हिन्दू’ शब्द का अर्थ केवल धार्मिक नहीं, बल्कि राष्ट्र के प्रति दायित्व की भावना भी है । जो भारतमाता तथा उसके पूर्वजों पर विश्वास रखता है, वही सच्चा हिन्दू है ।

स्वदेशी उत्पादों की निर्मिति, देव-देश-धर्म को श्रेष्ठ मानकर धर्मकार्य हेतु कार्यरत ठाणे के समर्पित उद्योगपति डॉ. रवींद्र प्रभुदेसाई !

गोपालन, गोरक्षा, गो-उत्पादन ये सभी डॉ. रवींद्र प्रभुदेसाई के आत्मीय विषय हैं ।  नि:स्वार्थ सेवाभाव से गोमाताओं की सेवा एवं सुरक्षा करने हेतु रवींद्रजी कटिबद्ध हैं ।

देशभर से सहस्त्रों हिन्दू गोमांतक भूमि पर पहुंचे !

जिस क्षण की सभी को अनेक दिनों से अधीरता से प्रतीक्षा थी , वह ‘सनातन राष्ट्र शंखनाद महोत्सव’ अब कुछ ही क्षणों के अंतर पर है। सनातन राष्ट्र की घोषणा के उद्देश्य से इस उत्सव में भाग लेने के लिए देश भर से सहस्त्रों हिन्दू १५ मई से ही गोवा में आने लगे थे।

Lucknow Dharm Sansad : हिन्दू राष्ट्र निर्माण करने का प्रस्ताव पारित

लक्ष्मणपुरी यहां इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में विश्व हिन्दू परिषद के नेतृत्व में एक धार्मिक सम्मेलन का आयोजन किया गया था । धर्म संसद में अयोध्या, काशी और मथुरा समेत देशभर के साधु-संत सहभागी हुए ।

पुरी (ओडिशा) के भगवान जगन्नाथ मंदिर के शिखर पर स्थित ध्वज का कुछ भाग लेकर उडता दिखाई दिया गरुड पक्षी

यह दृश्य देखकर कुछ भक्तों का मानना है कि देश में कोई शुभ घटना होनेवाली है, जबकि कुछ लोगों ने इसके विपरीत, किसी अशुभ घटना की आशंका व्यक्त की है । वर्ष २०२० में बिजली गिरने के कारण मंदिर के ध्वज में आग लग गई थी, जिसके उपरांत देश को कोरोना महामारी का सामना करना पडा था ।

पाकिस्तान प्रेमियों के लिए देश में एक इंच भी स्थान नहीं है । – नितेश राणे, मतस्य पालन मंत्री

पाकिस्तान से प्रेम करने वालों को पाकिस्तान चले जाना चाहिए । अगर कोई पाकिस्तानी हिंदू नाम अपनाकर भारत में रहेगा तो हम उसकी टांगों को तोड़कर उसे पाकिस्तान भेज देंगे । पाकिस्तान प्रेमियों को भारत में रहने का कोई अधिकार नहीं है ।

मंदिर धर्मशिक्षा के केंद्र बनें ! – सद्गुरु नीलेश सिंगबाळजी, धर्मप्रचारक संत, हिन्दू जनजागृति समिति

‘वैश्विक हिन्दू राष्ट्र महोत्सव’ के दूसरे दिन (१७.६.२०२३ को) के द्वितीय सत्र में ‘मंदिरों का सुप्रबंधन’ विषय पर विचारगोष्ठी का आयोजन किया गया, उसे संबोधित करते हुए सद्गुरु नीलेश सिंगबाळजी ऐसा बोल रहे थे ।