पुणे के ‘विबग्योर स्कूल’ में ईसाई कर्मचारी द्वारा हिन्दू छात्रा के धर्मांतरण का प्रयास !
‘यीशु से प्रार्थना करने पर तुम्हारी समस्त समस्याएं दूर हो जाएंगी’, ऐसा कहकर सुकोमल आयु की हिन्दू छात्रा को भ्रमित करने का योजनाबद्ध प्रयास किया गया ।
‘यीशु से प्रार्थना करने पर तुम्हारी समस्त समस्याएं दूर हो जाएंगी’, ऐसा कहकर सुकोमल आयु की हिन्दू छात्रा को भ्रमित करने का योजनाबद्ध प्रयास किया गया ।
कुछ ही दिन पूर्व बंगाल विधानसभा चुनाव में १५ वर्ष सत्ता में रही तथा कट्टर हिन्दूद्वेषी राजनीतिक दल तृणमूल कांग्रेस की अर्थात ममता बनर्जी की करारी हार हुई । बंगाल के लोगों ने २९४ में से २०६ सीटों पर अर्थात ७१ प्रतिशत सीटों पर भाजपा को जिताया ।
देश में ‘द केरला स्टोरी’ जैसी फिल्मों से तथा न्यायालयों के विभिन्न निरीक्षणों से ‘लव जिहाद’ उजागर हुआ है, परंतु ऐसा होते हुए भी अपने धर्म के लोगों का हिन्दूद्वेष छिपाने के लिए अबू आजमी के द्वारा किया गया यह दयनीय प्रयास ही मूर्खता दर्शानेवाला है ।
मंदिर में अपमान करनेवाले लोग अयोग्य हो सकते हैं; परंतु धर्म अयोग्य नहीं हो सकता । इसलिए उसके कारण धर्म परिवर्तन करना बहुत बडी भूल है । हिन्दुओं को धर्मशिक्षा नहीं मिल रही है, इसलिए वे इस प्रकार के हास्यास्पद कृत्य कर आत्मघात एवं राष्ट्रघात कर रहे हैं !
केवल न्यायाधिकरण स्थापित करके ना रुकते हुए उसके अनुसार उचित कार्यवाही होती रहे इसकी भी पडताल राज्य सरकार को करनी चाहिए !
यह हिन्दुओं के धर्मांतरण का भयानक षड्यंत्र है ! ऐस लोगो के विरुद्ध तत्काल दांडिक अभियोग (फौजदारी मामले) पंजीकृत कर कठोर वैधानिक कार्रवाई होनी चाहिए, अन्यथा शासकीय संपत्ति भी सुरक्षित नहीं रहेगी, यही इससे स्पष्ट होता है ।
पाकिस्तान के अल्पसंख्यक हिन्दुओं की रक्षा करना, यह भारत सरकार का दायित्व है । सरकार को उस दृष्टि से कृति करना अपेक्षित है !
क्या एक भी मुस्लिम का बलपूर्वक हिन्दू धर्म में धर्मांतरण किया जा सकता है ? मुसलमानों को धार्मिक शिक्षा मिलने एवं अपने धर्म का पालन करने के कारण वे अपना धर्म नहीं छोडते, अपितु इसके विपरीत हिन्दुओं का धर्मांतरण करते हैं; यह बात हिन्दू कब समझेंगे ?
मध्यप्रदेश में बढती तथाकथित “लव जिहाद” की घटनाओं को देखते हुए, ऐसा प्रतीत होता है कि यह उसका केंद्र बनता जा रहा है । वहां भाजपा सरकार होने के बाद भी हिन्दुओं को पूर्ण सुरक्षा नहीं है
‘तौसीफ जानबूझकर हिन्दू महिला कर्मचारियों के निकट आकर उनके व्यक्तिगत जीवन के विषय में चर्चा करता था । ‘क्या तुम्हारा प्रेमी है ?’ ऐसा पूछता था । वह कार्यालय की युवतियों को नेत्र-संकेत (आंख मारना) करता था ।