परात्पर गुरु डॉ. आठवलेजी अवतारी पुरुष हैं ! – जगद्गुरु श्री रामानंदाचार्य नरेंद्राचार्यजी

रामानंदाचार्य दक्षिण पीठ, नाणीजधाम (रत्नागिरी) के जगद्गुरु श्री रामानंदाचार्य नरेंद्राचार्यजी का रामनाथी (गोवा) स्थित सनातन आश्रम में मंगलमय आगमन

जगद्गुरु श्री रामानंदाचार्य नरेंद्राचार्यजी को आश्रम के ध्यानमंदिर की जानकारी देते हुए श्री. योगेश जलतारे

रामनाथी (गोवा) – परात्पर गुरु डॉ. आठवलेजी (सच्चिदानंद परब्रह्म डॉ. आठवलेजी) का कार्य असाधारण है । भगवान ने उन्हें पृथ्वी पर एक विशेष उद्देश्य से भेजा है । वे अवतारी पुरुष हैं । सनातन संस्था विश्वशांति के लिए कार्य कर रही है । सनातन के साधक अत्यंत भाग्यशाली हैं कि उन्हें परात्पर गुरु डॉ. आठवलेजी जैसे सद्गुरु प्राप्त हुए हैं । इस आश्रम में साधक सद्गुरु के मार्गदर्शन में अपना आत्ममूल्यांकन कर रहे हैं । गुरु के बिना आत्मसाक्षात्कार संभव नहीं है, किंतु सनातन आश्रम में गुरु के मार्गदर्शन में आत्मसाक्षात्कार के लिए साधना चल रही है । गुरु-कृपा के संरक्षण में रज-तम का नाश कर सात्त्विकता बढाने के लिए साधक निरंतर प्रयत्नशील हैं । ऐसा मार्गदर्शन रामानंदाचार्य दक्षिण पीठ, नाणीजधाम (रत्नागिरी) के जगद्गुरु श्री रामानंदाचार्य नरेंद्राचार्यजी ने आश्रम के साधकों को दिया ।

हिन्दू धर्म की रक्षा के लिए निरंतर कार्यरत जगद्गुरु श्री रामानंदाचार्य नरेंद्राचार्यजी ने १३ जुलाई २०२६ को रामनाथी (गोवा) स्थित सनातन संस्था के आश्रम का मंगलमय दौरा किया । ‘सनातन प्रभात’ मीडिया समूह के संपादक श्री. योगेश जलतारे ने उन्हें आश्रम में राष्ट्र, धर्म तथा आध्यात्मिक अनुसंधान से संबंधित चल रहे कार्यों की जानकारी दी ।

सनातन संस्था के संस्थापक सच्चिदानंद परब्रह्म डॉ. आठवलेजी ने अपनी प्राणशक्ति अत्यंत अल्प होने के उपरांत भी, जगद्गुरु श्री रामानंदाचार्य नरेंद्राचार्यजी से भेंट की ।

जगद्गुरु श्री रामानंदाचार्य नरेंद्राचार्यजी

‘सनातन प्रभात’ शुद्ध है और सत्य है !

जगद्गुरु श्री रामानंदाचार्य नरेंद्राचार्यजी ने श्री. योगेश जलतारे से ‘सनातन प्रभात’ मीडिया समूह के कार्य के बारे में विस्तारपूर्वक और जिज्ञासापूर्वक जानकारी प्राप्त की । उन्होंने कहा, “साधक सेवा-भाव से समाचार संकलित करने का कार्य कर रहे हैं, इसलिए ‘सनातन प्रभात’ शुद्ध है और इसी कारण वह सत्य भी है ।” ऐसा कहते हुए उन्होंने साधकों को अपना आशीर्वाद प्रदान किया ।

भावपूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ सम्मान समारोह

मार्गदर्शन कार्यक्रम के प्रारंभ में सनातन के साधक दंपती श्री. अभिषेक पै एवं श्रीमती सिद्धी पै ने गुरु पादुकाओं का पूजन किया तथा जगद्गुरु श्री रामानंदाचार्य नरेंद्राचार्यजी का औक्षण किया । इस अवसर पर सनातन के पुरोहित श्री. सिद्धेश करंदीकर ने वैदिक मंत्रों का उच्चारण किया ।

इसके उपरांत सनातन के संत पू. पृथ्वीराज हजारेजी ने जगद्गुरु श्री रामानंदाचार्य नरेंद्राचार्यजी का पुष्पहार पहनाकर तथा भेंटवस्तु अर्पित कर भावपूर्ण सम्मान किया । उनके साथ आए सभी भक्तों का भी सम्मान किया गया ।

इस अवसर पर भारताचार्य पू. (प्रा.) सु.ग. शेवडेजी तथा सनातन की पू. (श्रीमती) ज्योति ढवळीकरजी की गरिमामयी उपस्थिति भी रही ।