Corporate Jihad : धर्मांतरण अस्वीकार करने के कारण ‘विप्रो’ (Wipro) की हिन्दू महिला कर्मचारी को सेवामुक्त किया !

‘कॉर्पोरेट जिहाद’ का प्रकरण उजागर होने वाला विप्रो यह तृतीय संस्थान है । क्या यह सब हिमशैल का ऊपरी छोर (टिप ऑफ द आइसबर्ग) है, यह देखना समय की आवश्यकता है !

हिन्दू जनजागृति समिति के हिन्दू राष्ट्र संपर्क अभियान अंतर्गत राष्ट्रीय मार्गदर्शक सद्गुरु डॉ. चारुदत्त पिंगळेजी की मध्य प्रदेश यात्रा !

हिन्दू जनजागृति समिति के राष्ट्रीय मार्गदर्शक सद्गुरु डॉ. चारुदत्त प्रभाकर पिंगळेजी ने मध्य प्रदेश की यात्रा की । इस यात्रा में उन्होंने भोपाल, उज्जैन एवं इंदौर के हिन्दुत्वनिष्ठों तथा मान्यवरों से भेंट की, साथ ही वहां की परिचर्चाओं को संबोधित किया । इस यात्रा का संक्षिप्त समाचार यहां दे रहे हैं ।

मंदिरों के प्रतिनिधियों एवं हिन्दुओं का संगठन आवश्यक ! – रमेश शिंदे, राष्ट्रीय प्रवक्ता, हिन्दू जनजागृति समिति

अयोध्या में श्रीराम मंदिर के निर्माण के पश्चात अब तक २३ करोड ८२ लाख भक्तों ने श्रीराम के दर्शन किए हैं । इससे मंदिर को १२ सहस्र करोड रुपये की आय प्राप्त हुई है । इससे मंदिर की क्षमता को सभी को ध्यान में रखना चाहिए ।

‘गोकुल’ का हलाल प्रमाणपत्र तत्काल निरस्त कीजिए – कोल्हापुर में हिन्दुत्वनिष्ठ संगठनाएं आक्रामक

यह हलाल प्रमाणपत्र तत्काल निरस्त नहीं किया गया, तो ‘गोकुल’ के उत्पादनों का बहिष्कार करने के साथ ही तीव्र जनआंदोलन चलाया जाएगा तथा आवश्यकता पडी, तो सीधे ‘गोकुल’दूध संघ पर विशाल मोर्चा निकाला जाएगा, ऐसी चेतावनी हिन्दू जनजागृति समिति एवं हिन्दुत्वनिष्ठ संगठनों ने दी है ।

Save Hindu Temple Lands : राजस्वमंत्री बावनकुले के साथ महाराष्ट्र मंदिर महासंघ के शिष्टमंडल ने बैठक की

महाराष्ट्र मंदिर महासंघ इस अधिनियम का कडा विरोध करता है । राज्य में हिन्दुत्वनिष्ठ सरकार है, इसलिए सरकार मंदिरों के हित में कानून लाए । जब तक मंदिरों की इनाम भूमियों की बिक्री के संबंध में प्रस्तावित कानून का प्रारूप निरस्त नहीं किया जाता, तब तक हम इस कानून का विरोध करते रहेंगे ।

विशालगढ किले पर मुसलमान सरदार रेहान मलिक के नाम पर लगनेवाले ऊर्स को अनुमति न दें ।

जिस जिला प्रशासन ने राज्य सरकार के गढ-दुर्ग पर किए गए अतिक्रमण के संबंध में जो अतिक्रमणविरोधी समिति गठित की है, उसका जिलास्तर पर औपचारिकरूप से गठन भी नहीं किया है, वह प्रशासन हिन्दुओं की इस मांग को क्या पूरी करेगा, यह एक बडा प्रश्न ही है ।

गढ -किलों पर से अतिक्रमण हटाने के लिए जनवरी मास में निकाले गए परिपत्रक पर ५ मास के उपरांत भी कोई कार्रवाई नहीं !

इससे सरकार के आदेश पर इस प्रकार निष्क्रिय रहनेवाला प्रशासन जनता के कार्य कैसे करता होगा, इसकी कल्पना ही न करना श्रेयस्कर है ।

छत्रपती के मंदिर के लिए प्राप्त होनेवाला अनुदान क्रूरकर्मा औरंगजेब की कब्र की देखभाल के लिए दिए जा रहे अनुदान की तुलना में अत्यल्प !

औरंगजेब की कब्र की देखभाल के लिए प्रति वर्ष २,५५,१६० रुपये (वर्ष २०२२-२३ ) दिए जा रहे हैं, इसके विरुद्ध छत्रपती शिवाजी महाराज के ‘श्री शिवराजेश्वर मंदिर’ के लिए मात्र १ लाख रुपये दिए जा रहे हैं ।

सारथी फाउंडेशन की संचालिका लकेश चौधरी से भेंट !

उनके बीच राष्ट्र एवं धर्म के साथ ही अध्यात्म विषय पर चर्चा हुई ।

जयपुर महाराष्ट्र मंडल के शिष्टमंडल के साथ संवाद

इस बातचीत में नई पीढी को हमारे गौरवशाली धर्म एवं हमारी सांस्कृतिक धरोहर के साथ जोडने हेतु किस प्रकार के विशेष कार्यक्रम आयोजित किए जा सकते हैं, इस पर प्रमुखता से बातचीत हुई ।