Pandharpur Shri Vitthal-Rukmini : श्री विठ्ठल की मूर्ति को क्षति पहुंचने पर मंदिर समिति एवं पुरातत्व विभाग के विरुद्ध आपराधिक अभियोग प्रस्तुत (दाखल) करेंगे !

पंढरपूर स्थित श्री विठ्ठल-रुक्मिणी मूर्ति पर पुरातत्व विभाग द्वारा २३ तथा २४ जून को नियोजित रासायनिक वज्रलेपन प्रक्रिया का वारकरी संप्रदाय एवं महाराष्ट्र मंदिर महासंघ ने तीव्र विरोध किया है ।

‘हलाल टैक्स’ हिन्दू समाज के कोष से बलात् वसूल किया जाने वाला ‘जजिया कर’ ही है ! – रमेश शिंदे, राष्ट्रीय प्रवक्ता, हिन्दू जनजागृति समिति

भारतीय अर्थव्यवस्था को जर्जर करने वाली इस ‘हलाल अर्थव्यवस्था’ का समूल नाश अत्यंत आवश्यक है तथा इसके लिए संपूर्ण भारत देश ‘हलाल’ मुक्त होना ही चाहिए, ऐसा सुदृढ प्रतिपादन हिन्दू जनजागृति समिति के राष्ट्रीय प्रवक्ता श्री. रमेश शिंदे ने कोल्हापुर की पत्रकार वार्ता में किया ।

Wipro’s Explanation: (और उनकी सुनिए…) ‘विप्रो’ में महिला कर्मचारियों के कल्याण, सम्मान एवं गरिमा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाती है ।

शिकायतकर्ता महिला का आरोप है कि विप्रो में कार्यरत रहते हुए उस पर इस्लाम धर्म अपनाने तथा एक मुसलमान व्यक्ति के साथ संबंध बनाने के लिए मानसिक दबाव डाला गया ।

Ramdas Athawale : (और इनकी सुनिए…) ‘अवैध मद्यभट्टियों को अधिकृत करने पर सरकार को राजस्व प्राप्त होगा !’

जनता के स्वास्थ्य का विचार न करते हुए केवल राजस्व के लिए ऐसी मांग करना सर्वथा अयोग्य है ! इस प्रकार की मांगें अर्थात् ‘रोग से भी अधिक भयानक उपचार’ जैसी स्थिति है ।

Corporate Jihad : धर्मांतरण अस्वीकार करने के कारण ‘विप्रो’ (Wipro) की हिन्दू महिला कर्मचारी को सेवामुक्त किया !

‘कॉर्पोरेट जिहाद’ का प्रकरण उजागर होने वाला विप्रो यह तृतीय संस्थान है । क्या यह सब हिमशैल का ऊपरी छोर (टिप ऑफ द आइसबर्ग) है, यह देखना समय की आवश्यकता है !

QUAD Foreign Ministers Meeting : समुद्री मार्गों की स्वतंत्रता बनाए रखना आवश्यक है तथा ‘क्वाड’ किसी भी प्रकार का ‘टोल’ (शुल्क) लगाने का विरोध करता है – ऑस्ट्रेलिया

ईरान द्वारा होर्मुज जलडमरूमध्य बंद किए जाने का प्रभाव ऊर्जा सुरक्षा पर स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है । समुद्री मार्गों की स्वतंत्रता बनाए रखना आवश्यक है तथा ‘क्वाड’ देश किसी भी प्रकार का टोल (शुल्क) लगाने का विरोध करते हैं ।

छत्रपती के मंदिर के लिए प्राप्त होनेवाला अनुदान क्रूरकर्मा औरंगजेब की कब्र की देखभाल के लिए दिए जा रहे अनुदान की तुलना में अत्यल्प !

औरंगजेब की कब्र की देखभाल के लिए प्रति वर्ष २,५५,१६० रुपये (वर्ष २०२२-२३ ) दिए जा रहे हैं, इसके विरुद्ध छत्रपती शिवाजी महाराज के ‘श्री शिवराजेश्वर मंदिर’ के लिए मात्र १ लाख रुपये दिए जा रहे हैं ।

जिन्हें भारत की वास्तविक जानकारी नहीं होती, वही ऐसे प्रश्न पूछते हैं ! – भारत का करारा उत्तर

ऐसे प्रश्न विदेशी पत्रकार कभी डोनाल्ड ट्रम्प के अमेरिका या शी जिनपिंग के चीन से पूछने का साहस क्यों नहीं करते ? उस समय उन्हें किस बात का भय होता है ?

Sanatan Sanstha Press Meet : भारत की रक्षा हेतु मुंबई में १७ मई को ‘ श्री राजमातंगी महायज्ञ ’ !

संपूर्ण विश्व पर वर्तमान में तृतीय विश्वयुद्ध के काले बादल मंडरा रहे हैं । ऐसी स्थिति में केवल राजनीतिक अथवा बौद्धिक स्तर के प्रयास पर्याप्त नहीं हैं । राष्ट्र को आध्यात्मिक अधिष्ठान की महती आवश्यकता है ।

‘धर्मांध’ ठहराए गए २० वारकरी कीर्तनकारों को ‘हिन्दू धर्मरक्षक’ के रूप में सम्मानित किया जाएगा

कुछ दिन पूर्व राष्ट्रवादी कांग्रेस शरदचंद्र पवार दल के प्रवक्ता विकास लवांडे ने २० वारकरी कीर्तनकारों को, जो हिन्दुत्व का प्रचार करते हैं, इसलिए उन पर धर्मांध होने का आरोप लगाकर उनके नाम सार्वजनिक किए हैं ।