सनातन के प्रथम अंग्रेजी ‘ई-बुक’ का वाराणसी में लोकार्पण !

चैत्र नवरात्रि के पवित्र पर्वकाल में वाराणसी के ‘अखिल भारतीय धर्मसंघ शिक्षा मंडल’ के महामंत्री श्री. जगजीतन पांडे के शुभहस्तों से ‘इम्पॉर्टन्स ऑफ पर्सनैलिटी डिफेक्ट रिमूवल एंड इन्कलकेटिंग वर्च्यूज्’ इस सनातन के अंग्रेजी भाषा के ‘ई-बुक’ का लोकार्पण किया गया ।

वामपंथियों की शिक्षापद्धति के कारण आज की पीढी मुगलों को ही उनका आदर्श मानती है ! – जगजीतन पांडेय, महामंत्री, अखिल भारतीय धर्मसंघ शिक्षा मंडल

हिन्दू राष्ट्र की स्थापना केवल मत नहीं, अपितु व्रत बनना चाहिए । राष्ट्र और धर्म पर मंडरा रहे संकट के समय धर्म के पक्ष में रहना, हम सभी का दायित्व है । वर्ष २०२५ के पश्चात सत्त्वगुणी हिन्दुओं द्वारा भारत में हिन्दू राष्ट्र की स्थापना होगी ।

‘जय श्रीराम’ के नारों के साथ रामराज्य का संकल्प लेने जुटे हिन्दू संगठन !

हिन्दू जनजागृति समिति के धर्मप्रचारक संत पू. निलेश सिंगबाळजी ने सभी हिन्दुत्ववादी संगठनों को एकजुट होकर रामराज्य लाने के लिए प्रयास करने का आवाहन किया । इस शोभायात्रा में ‘जय श्री राम जय-जय श्री राम’, ‘जयतु जयतु हिन्दुराष्ट्रम्’ आदि अनेक नारे दिए गए ।

हिन्दू जनजागृति समिति द्वारा ‘गुडी पडवा’ विषय पर ‘ऑनलाइन’ प्रवचन संपन्न !

वर्तमान में पश्चिमी संस्कृति का अंधानुकरण कर सर्वत्र १ जनवरी को नया वर्ष मनाया जाता है । देखा जाए तो, चैत्र शुक्ल प्रतिपदा ही हिन्दुओं का नववर्ष है । ब्रह्मदेव ने इसी दिन ब्रह्मांड की निर्मिति की थी । इसी दिन से सत्ययुग का प्रारंभ हुआ, तथा इसी दिन से हिन्दू संस्कृति की कालगणना का आरंभ हुआ ।

परेच्छा एवं साधना के प्रति लगन होनेवाली ओडिशा की सुश्री (कु.) सुनीता छत्तर ६१ प्रतिशत आध्यात्मिक स्तर प्राप्त कर जन्म-मृत्यु के चक्र से मुक्त !

मनोगत व्यक्त करते हुए सुश्री सुनीता छत्तर ने कहा कि वह बचपन से ही भगवान शिव की उपासना करती थीं । साधना आरंभ करने पर उन्होंने शिवजी से प्रार्थना की, ‘अब मैं आपकी ही हो गई हूं न ! इसलिए आप ही मुझे अपनी पूर्णकालिक सेवा करने के लिए सेवाकेंद्र में लेकर आइए ।’

महाशिवरात्रि के उपलक्ष्य में हिन्दू जनजागृति समिति और सनातन संस्था द्वारा अध्यात्मप्रसार

     महाशिवरात्रि के दैवी अवसर पर भगवान शिव के संदर्भ में अध्यात्मशास्त्रीय जानकारी सभी जिज्ञासुओं को हो, इसलिए सनातन संस्था द्वारा विविध उपक्रमों का आयोजन किया गया ।      प्रवचनों के माध्यम से महाशिवरात्रि का व्रत कैसे करें ?, महाशिवरात्रि के दिन शिवजी का नामजप अधिकाधिक क्यों करें ?, शिवतत्त्व आकर्षित करनेवाली रंगोलियां बनाना, शिवजी … Read more

वाराणसी सेवाकेंद्र के प्रांगण में उगा हुआ विशेषतापूर्ण अमरूद का पेड !

वाराणसी सेवाकेंद्र के प्रांगण में अमरूद का एक पेड है । इस अमरूद के पेड की विशेषता यह है कि उसके कई स्थानों में एक ही स्थान पर ४ से ५ अमरूद आते हैं और एक ही शाखा की एक ही पंक्ति में कई अमरूद आते हैं । इस पेड का तना मध्यम आकार का है । इस पेड की ओर देखने पर आनंद और उत्साह प्रतीत होता है ।

त्याग एवं निरपेक्षता जैसे विशिष्ट गुणों के कारण सनातन के ११७ वें संतपद पर विराजमान फोंडा (गोवा) की पू. (श्रीमती) सुधा सिंगबाळजी (आयु ८२ वर्ष) !

मूलत: सावईवेरे, गोवा की श्रीमती सुधा उमाकांत सिंगबाळजी सनातन के संत पू. नीलेश सिंगबाळजी की माताश्री और श्रीसत्शक्ति (श्रीमती) बिंदा नीलेश सिंगबाळजी की सास हैं । श्रीमती सुधा सिंगबाळजी पहले से ही धार्मिक एवं आतिथ्यशील वृत्ति की हैं ।

समष्टि साधना करने से जीव जन्म-मृत्यु के चक्र से शीघ्र मुक्त हो जाता है ! – पूजनीय नीलेश सिंगबाळ, धर्मप्रचारक, हिन्दू जनजागृति समिति

हम विज्ञान में इतनी प्रगति कर चुके हैं; परंतु छोटा सा कठिन प्रसंग हमारे जीवन में आने से हम निराश होकर हार मान लेते हैं । लाक्षागृह, चीरहरण, १४ वर्ष का वनवास, अज्ञातवास, इन सभी प्रसंगों से ध्यान में आता है कि जीवन में साधना और ईश्वर के प्रति अखंड विश्वास के बल पर हमारा रक्षण कैसे हो सकता है ।

सनातन संस्था द्वारा पूरे भारत में ‘ज्ञानशक्ति प्रसार अभियान’

ग्रंथों में सरल भाषा और संस्कृत श्लोकों का यथोचित उपयोग है तथा ये ग्रंथ दिव्य ज्ञानामृत ही हैं । ये ग्रंथ अपने मित्र, परिजन, कर्मचारियों को उपहार स्वरूप देने के लिए भी उपयुक्त हैं ।