पाकिस्तान में चलते बनो !

भारत को धर्म के आधार पर विभाजित कर एक बडा भूभाग मुसलमानों को दिया गया; मात्र मोहनदास गांधी के ऐसा कहने पर कि ‘जिन मुसलमानों को भारत में रहना है, वे यहीं रह सकते हैं’, परिणामस्वरूप मुसलमानों की भारी जनसंख्या इस देश में ही रह गई । आज वही इस देश को नष्ट करने पर तुले हैं ।

हिन्दुओं का दमन रोकने के लिए हिन्दू राष्ट्र ही चाहिए !

संसार के अन्य किसी भी देश में बहुसंख्यकों के अधिकारों को ठुकराया नहीं जाता; परंतु भारत की ‘सेक्युलर’ राज्यप्रणाली के कारण हिन्दूबहुल भारत में हिन्दुओं की उपेक्षा हो रही है । वह न हो इसलिए भारत में हिन्दू राष्ट्र की स्थापना होना आवश्यक है ।

‘मीडिया ट्रायल’ और उसके समाज, पुलिस और न्यायतंत्र पर होनेवाले दुष्परिणाम !

माध्यम (पत्रकारिता) तो लोकतंत्र के ४ मूलभूत स्तंभों में से एक हैं । लोकतंत्र को बनाए रखने में इन माध्यमों का अनन्यसाधारण महत्त्व है । लोगों के मत बनाना, मतों को बदलना, किसी विशिष्ट विषय पर चर्चा करवाना और उस विषय को समाज के सामने लाना; इन में ये माध्यम महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं ।

अनधिकृत निर्माणकार्य करनेवालों के संरक्षक !

अवैध निर्माणकार्याें के कारण मूलभूत सुविधाओं पर तनाव आता है । यह समस्या केवल नगरनियोजन तक सीमित नहीं है, अपितु राष्ट्रीय सुरक्षा से संबंधित है । ऐसे स्थानों से देशविरोधी गतिविधियां चलाए जाने की अनेक घटनाएं अभी तक सामने आई हैं ।

अयोध्या, काशी और मथुरा के मंदिरों की मुक्ति के लिए लडी गई न्यायालयीन लडाई !

राम मंदिर के संदर्भ में ‘प्लेसेस ऑफ वरशिप एक्ट’ के सेक्शन ४ को छूट दी गई थी । आज की तारीख में आर्टिकल २५४ (२) के अंतर्गत राज्य सरकार को उसमें सुधार कर उसे काशी और मथुरा से जोडा जाए और उसके उपरांत राष्ट्रपति उस पर हस्ताक्षर करेंगे ।

भारत के शत्रु और उनसे लडने की तैयारी !

‘भारत और पाक के बीच यदि अब कोई भी युद्ध हुआ, तो उसका रूपांतरण परमाणु युद्ध में ही होगा’, यह बात भारतियों को सदैव ध्यान में रखकर उस दृष्टि से निरंतर तैयार रहना चाहिए ।

कर्नाटक उच्च न्यायालय का हिजाब के विरोध में अध्ययनपूर्ण निर्णय !

कर्नाटक उच्च न्यायालय की पूर्णपीठ ने विद्यालयों और महाविद्यालयों में हिजाब बंदी का विरोध करनेवाली धर्मांधों की याचिकाएं खारिज कीं । यह महत्त्वपूर्ण बात है तथा उच्च न्यायालय का यह निर्णय दूरगामी परिणाम करनेवाला है ।

मुस्लिम लडकियों को सच में ‘हिजाब’ चाहिए क्या ?

शृंगार, नारी का प्राकृतिक कर्म है । वास्तव में, उसे नकारकर काले स्कार्फ में नारी को लपेटनेवालों की प्रवृत्ति के विरोध में नारी स्वतंत्रता अभियान होना चाहिए; परंतु यह आधुनिक नारी स्वतंत्रतावालों को कौन बताएगा ?

अयोध्या, काशी एवं मथुरा में मंदिरों की मुक्ति के लिए हो रही न्यायालयीन लडाई !

सर्वाेच्च न्यायालय का निर्णय काशी, मथुरा, ‘वक्फ कानून’ एवं ‘प्लेसेस ऑफ वर्शिप एक्ट’ का केंद्रबिंदु है । सर्वाेच्च न्यायालय ने ११६ एवं ११७ इन सूत्रों में कहा है, ‘ऐतिहासिक दृष्टि से मंदिर होगा और उसे तोडा गया हो, तो वह मंदिर बनाने का संकल्प अभेद्य है ।’

युद्धकाल में उपयोगी और आपातकाल से बचानेवाली ये कृतियां अभी से करें !

‘रूस-युक्रेन युद्ध आरंभ हो गया है । युक्रेन की जनता ‘युद्ध की आंच में झुलसना क्‍या होता है ?’, इसे कैसे अनुभव कर रही है, यह प्रतिदिन आनेवाले समाचारों से हमें ज्ञात हो ही रहा है । आगे इस युद्ध में यदि अन्‍य देश भी सम्‍मिलित हो गए, तो तीसरा महायुद्ध आरंभ होने में अधिक … Read more