पंढरपुर के श्री विठ्ठल की मूर्तियों के रासायनिक विलेपन पर न्यायालय ने रोक लगाई !

वारकरी संगठन एवं मंदिर महासंघ द्वारा प्रविष्ट याचिका पर पंढरपुर के न्यायालय का ऐतिहासिक निर्णय !

Gopal Mukherjee Road : कोलकाता स्थित ‘सुहरावर्दी मार्ग’ का नाम बदलकर ‘गोपाल मुखर्जी’ रखा गया !

अब समय आ गया है कि बंगाल अपने वास्तविक नायकों को स्मरण रखे! — मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी

Hindu Temple Funds : मंदिरों के २४६ करोड रुपयों से निर्मित होने वाली व्यावसायिक संकुल (कॉम्प्लेक्स) की परियोजनाएं निरस्त !

तमिलनाडु सरकार के समान ही मंदिरों का धन धार्मिक कार्यों के लिए व्यय करने का निर्णय देश की प्रत्येक सरकार के लिए लेना आवश्यक है ! हिन्दुओं को ऐसा ही लगता है कि हिन्दुत्वनिष्ठ सरकारों को यह निर्णय सर्वप्रथम लेना चाहिए !

Kolhapur Mahalakshmi Devi : १ सहस्र ४४५ करोड रुपए के ‘श्री महालक्ष्मीदेवी मंदिर विकास प्रारूप’ का केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के हाथों शुभारंभ ।

मंदिर की देखभाल, धरोहर का संवर्धन एवं श्रद्धालुओं के लिए आधुनिक सुविधाएं ।

केंद्रीय माध्यमिक शिक्षण बोर्ड की पुस्तक में छत्रपती शिवराय के विषय में २० पृष्ठों का पाठ ! – दादा भुसे, शिक्षण मंत्री

छत्रपती शिवराय का इतिहास डेढ पृष्ठ से २० पृष्ठों का करने का शासन का सराहनीय प्रयास ! शिवराय सहित अन्य राष्ट्रपुरुषों अथवा क्रांतिकारकों का इतिहास भी विद्यार्थियों तक पहुंचाने का प्रयास भविष्य में किया जाना चाहिए !

Nagar Nigam Varanasi Decision : वाराणसी में अब मांस एवं मछली उपलब्ध नहीं होंगे !

हिन्दुओं के प्रत्येक तीर्थक्षेत्र वाले नगर में ऐसा निर्णय लिया जाना चाहिए !

TMC Kolkata Mayor : कोलकाता में तृणमूल कांग्रेस के महापौर फिरहाद हकीम का त्यागपत्र (इस्तीफा) ।

फिरहाद हकीम निरंतर हिंदू-विरोधी और देश-विरोधी वक्तव्य दे रहे थे। उन्हें पद छोडना पडा, हिंदुओं के लिए प्रसन्नता की ही बात है।

मृतक के नाम पर अभियोग चलाकर मंदिर प्रशासन के विरुद्ध अचलपुर के तहसीलदार के द्वारा दिया गया आदेश न्यायालय ने किया निरस्त ।

‘श्री दत्तात्रय संस्थान, नायगांव’की संपत्ति के संबंध में मिली कानूनी विजय ।
महाराष्ट्र मंदिर महासंघ के प्रयासों को मिली सफलता ।

गोमाता की तस्करी तथा हत्या सहन नहीं की जाएगी । – Pratap Sarnaik

बकरी ईद की पृष्ठभूमि में राज्य में गोमाता की अवैध ढुलाई, अवैध बूचडखानों तथा गोवंशों पर होनेवाले अमानवीय अत्याचारों के विरुद्ध राज्य सरकार ने कठोर रुख अपनाया है ।

Bhojshala : ७०० वर्षों के उपरांत शुक्रवार को भोजशाला में नमाज नहीं, अपितु हिन्दुओं ने की अखंड पूजा ।

उच्च न्यायालय के निर्णय में भोजशाला परिसर स्थित मस्जिद में नमाज की अनुमति निरस्त कर दी गई थी । इसलिए मुसलमान वहां नमाज अदा नहीं कर सके ।