हडपसर में हिन्दुत्वनिष्ठ कार्यकर्ता की साहिल शेख एवं उसके गुंडों द्वारा नृशंसता से पिटाई !
धर्मांधों का साहस कहां तक पहुंच चुका है ?, इससे यह स्पष्ट होता है । मारपीट हो रही हो एवं कोई उसका चलचित्र बना रहा हो, तो उसे भी पीटा जाए एवं साक्ष्य नष्ट करने के लिए बाध्य किया जाए – यह असभ्य, अवैधानिक एवं अति धोखादायक आपराधिक वृत्ति का द्योतक है। ऐसे लोगों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई न करने का परिणाम यही होता है।