यज्ञसंस्कृति को पुनर्जीवित करनेवाले सच्चिदानंद परब्रह्म डॉ. आठवलेजी !
किसी भी कार्य को गति देने के लिए शक्ति की आवश्यकता होती है । रामराज्य की स्थापना की प्रक्रिया मुख्य रूप से आध्यात्मिक स्तर से संबंधित होने के कारण रामराज्य की स्थापना को गति देने के लिए आध्यात्मिक ऊर्जा ही आवश्यक है ।