वर्ष २०२२-२३ में मुंबई के ४ सहस्र ६३ वृक्ष कंक्रीटीकरण (काँक्रिटीकरण) से मुक्त, परंतु अभी भी वे प्रकार निरंतर जारी

मुंबई, १३ जुलाई (वार्ता.) – कुछ दिनों पूर्व नगर में वृक्ष गिरने से एक विद्यार्थी की मृत्यु हो गई थी । यह प्रश्न विपक्ष ने विधानमंडल के सभागार में उपस्थित किया । मुंबई में कंक्रीटीकरण के कारण वृक्ष गिर रहे हैं, ऐसा निष्कर्ष कुछ शोधकर्ताओं ने व्यक्त किया है । वर्ष २०२२-२०२३ में मुंबई में लगभग ४ सहस्र ६३ वृक्ष कंक्रीटीकरण से मुक्त किए गए, परंतु उसके पश्चात भी ऐसे प्रकार निरंतर जारी हैं ।

वर्ष २०२३ में विधानमंडल के वर्षाकालीन सत्र में उद्धव बालासाहेब ठाकरे गुट के विधायक सुनील शिंदे तथा विलास पोतनीस के ध्यानाकर्षण सूचना पर मुख्यमंत्री कार्यालय द्वारा यह जानकारी सभागार में दी गई थी । उस पर नगरमहापालिका प्रशासन की ओर से संबंधित ठेकेदारों को निर्देश दिए जा रहे हैं तथा उचित कार्यवाही की जा रही है, ऐसा कहा गया था । कंक्रीटीकरण के कारण वृक्षों को श्वासोच्छवास में बाधा उत्पन्न होती है, साथ ही वृक्षों की जडों को गहराई तक जाने में समस्याएं आती हैं, ऐसे निष्कर्ष विशेषज्ञों ने व्यक्त किए हैं । इसी कारण ‘वृक्ष के तने के चारों ओर १ मीटर स्थान छोडकर ही मार्ग का कंक्रीटीकरण किया जाए’, ऐसा राष्ट्रीय हरित अधिकरण (नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल) की नीति है, परंतु इस नीति का मार्ग के कंक्रीटीकरण का कार्य करने वाले ठेकेदार धज्जियां उड़ा रहे हैं ।