हिन्दू धर्म का भी कहीं पंजीकरण नहीं हुआ है ! – RSS Chief Mohan Bhagwat

रा.स्व. संघ के पंजीकरण के संदर्भ में कर्नाटक के गृह मंत्री के बयान पर परम पूजनीय सरसंघचालक डॉ. मोहनजी भागवत का वक्तव्य l

हमारी स्वतंत्र विदेशनीति नहीं है, परंतु संवाद के मार्ग खुले रखे जाएं ।- RSS Chief Mohan Bhagwat

प.पू. सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत जी की पाकिस्तान के संदर्भ में भूमिका।

भारत का विश्वगुरु के रूप में पुनरुत्थान निश्चित है – RSS Chief Mohan Bhagwat

उन्होंने यह बात यहां ‘नेशनल कैंसर इंस्टीट्यूट’ परिसर में बनाए जा रहे ‘भारत दुर्गा शक्ति स्थल’ मंदिर के भूमिपूजन कार्यक्रम में कही ।

वीर सावरकर को मरणोपरांत ‘भारतरत्न’ पुरस्कार से सम्मानित करें ! – Prasad Lad

भाजपा विधायक प्रसाद लाड की विधानपरिषद में मांग !
प्रस्ताव पर सकारात्मक निर्णय लेने का संसदीय कार्यमंत्री का आश्वासन !

( और इनकी सुनिए) ‘देश में नफरत एवं हिंसा का वातावरण बनाया जा रहा है !’ – Maulana Arshad Madani

मौलाना अरशद मदनी ने १८ फरवरी को सामाजिक माध्यम पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि पिछले ७० वर्षों में २० करोड मुसलमानों की ‘घर वापसी’ का विचार प्रस्तुत करने का साहस किसी में नहीं था, वह आज प्रस्तुत किया जा रहा है ।

मंदिरों से प्राप्त होनेवाला राजस्व जनकल्याण के लिए उपयोग किया जाए ! – RSS Chief Mohan Bhagwat

देश के मंदिरों का नियंत्रण सरकार के पास नहीं, अपितु भक्तों के पास होना चाहिए ! – प.पू. सरसंघचालक डॉ. मोहनजी भागवत की स्पष्टोक्ती

भारतीय मुसलमान भी हिन्दू ही हैं, अतः उनकी घरवापसी करनी है ! – Mohan Bhagwat

भारत में रहने वाले मुसलमान भी हिन्दू ही हैं, वे किसी अरब देशों से नहीं आए हैं । उनकी भी ‘घरवापसी’ (हिन्दू धर्म में पुनर्प्रवेश) करनी है; परंतु यह कार्य धीरे-धीरे होगा, ऐसा वक्तव्य प.पू. सरसंघचालक डॉ. मोहनजी भागवत ने यहां किया ।

Maharashtra Muslims Reservation : महाराष्ट्र में सरकारी नौकरियों में मुसलमानों को दिया गया आरक्षण सामाजिक न्याय विभाग द्वारा निरस्त !

‘महाराष्ट्र राज्य विशेष पिछड़ा प्रवर्ग-अ’ के अंतर्गत मुसलमानों को शासकीय एवं अर्धशासकीय सीधी सेवा भर्ती में तथा शैक्षणिक संस्थानों के स्थानों के प्रवेश में ५ प्रतिशत आरक्षण देने के विषय में शासन का निर्णय तथा परिपत्रक सामाजिक न्याय विभाग ने निरस्त कर दिया है ।

छात्रों को मातृभाषा में शिक्षा दें ! – प.पू. सरसंघचालक डॉ. मोहनजी भागवत

घर में बच्चों के साथ मातृभाषा में बात करें । मातृभाषा का उपयोग बढना चाहिए । ‘मम्मी-डैडी’ बोलने की अपेक्षा ‘माता-पिता’ कहकर ही बुलाना चाहिए, ऐसा प्रतिपादन प.पू. सरसंघचालक डॉ. मोहनजी भागवत ने किया ।

वीर सावरकर करोडों हृदयों के सम्राट ! – प.पू. सरसंघचालक डॉ. मोहनजी भागवत

विगत अनेक वर्षाें से ‘वीर सावरकर को भारतरत्न पुरस्कार से सम्मानित किया जाए’, यह मांग हो रही है ।