गाय को राष्ट्रमाता घोषित करो ! – पू. किशोरशास्त्री दवे
अब तक गाय पर अनेक बार संशोधन (शोध) हुआ है तथा आगे भी होता रहेगा । देवताओं एवं ऋषि-मुनियों ने भी गाय की महिमा का वर्णन किया है । अंग्रेज गाय की चर्बी कारतूसों में उपयोग करने वाले थे; इसलिए क्रांतिकारी मंगल पांडे ने बलिदान दिया ।