धर्म एवं संस्कृति के पुनरजीवन के लिए समर्पित भाव से कार्य करनेवाले राहुल दीवान !

‘संगम टॉक्स’ हिन्दू धर्म एवं संस्कृति की रक्षा, इतिहास, तत्त्वज्ञान, विरासत, भारतीय ज्ञान प्रणाली, विज्ञान, गणित, अर्थशास्त्र, कला, पर्यावरण एवं प्रवास इत्यादि के लिए एक बडा व्यासपीठ बन गया है ।

MP Hindu Conference : सत्यनिष्ठा से कार्य करने पर सम्मेलन लिए बिना भी हिन्दू राष्ट्र बनेगा ! – पुष्पेंद्र कुलश्रेष्ठ, प्रसिद्ध व्याख्याता

सिवनी (मध्यप्रदेश) में हिन्दू सेवा परिषद की ओर से आयोजित हिन्दू सम्मेलन का उत्स्फूर्त प्रत्युत्तर

‘मुंबई के शिवाजी पार्क में परात्पर गुरु डॉ. आठवलेजी की एक बडी सभा हो’, यह २५ वर्षों से दबी (सुप्त) इच्छा ‘सनातन राष्ट्र शंखनाद महोत्सव’ के अवसर पर पूर्ण होना

परात्पर गुरु डॉ. आठवलेजी ने साधकों को हिन्दू जनजागृति समिति की ओर से ‘हिन्दू राष्ट्र-जागृति सभा’ लेने के लिए कहा । इस प्रकार की सहस्रों सभाएं आयोजित की गईं । परिणामतः पूरे भारत में राष्ट्र और धर्म रक्षा के लिए हिन्दुओं का संगठन हो रहा है । इसके परिणामस्वरूप अब गोवा में ‘सनातन राष्ट्र शंखनाद महोत्सव’ संपन्न हुआ ।

‘प्राच्यम् स्टुडियो’ के, अर्थात जगत के प्रथम ‘हिन्दू ओटीटी’के उद्गाता एवं ‘निर्भय हिन्दुत्वयोद्धा’ कैप्टन प्रवीण चतुर्वेदी (निवृत्त) !

हिन्दू धर्म पर होनेवाले जागतिक आक्रमणों का सामना करने के लिए धार्मिकता एवं आध्यात्मिकता का मिलाप कर संगठितरूप से उसका सामना करना चाहिए ।

Shankhnad Mahotsav Delhi : भारत की राजधानी में आज सनातन राष्ट्र हेतु होगा ‘शंखनाद’ !

भारतीय संस्कृति की रक्षा करने वाले, शास्त्र तथा शस्त्र परंपरा को जागृत करने वाले एवं हिन्दुओं के शौर्य को जागृत करने वाले ‘सनातन राष्ट्र शंखनाद महोत्सव’ हेतु देश की राजधानी दिल्ली सज्जित हो चुकी है ।

Shankhnad Mahotsav Delhi : ‘सनातन राष्ट्र शंखनाद महोत्सव’में ‘वन्दे मातरम्’ के संदर्भ में लगेगी भव्य प्रदर्शनी

‘वन्दे मातरम्’ने संपूर्ण भारत को राष्ट्रभावना के सूत्र में बांध दिया । इस गीत ने स्वतंत्रतासंग्राम की प्रेरक स्मृतियां, त्याग, राष्ट्र के लिए समर्पण तथा असंख्य क्रांतिकारियों के हृदय में समाहित ऊर्जा जीवित की है ।

Shankhnad Mahotsav Delhi : केंद्रीय राज्यमंत्री प्रतापराव जाधव को देहली में आयोजित ‘सनातन राष्ट्र शंखनाद महोत्सव’ का दिया गया निमंत्रण

आयुष मंत्रालय के केंद्रीय राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार), साथ ही स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के राज्यमंत्री प्रतापराव जाधव को देहली में होनेवाले ‘सनातन राष्ट्र शंखनाद महोत्सव’का निमंत्रण दिया गया ।

पळणी (तमिलनाडू) के इष्टदेवता श्री कार्तिकेय के चरणों में देहली में होनेवाले ‘सनातन राष्ट्र शंखनाद महोत्सवा’का निमंत्रणपत्र अर्पण !

सप्तर्षि जीवनाडीपट्टिका में किए गए उल्लेख के अनुसार श्रीचित्‌शक्ति (श्रीमती) अंजली गाडगीळजी ने तमिलनाडू के दिंडुगल जिले के पळणी स्थित श्री कार्तिकेय देवता के दर्शन कर उनके चरणों में देहली में होनवाले ‘सनातन राष्ट्र शंखनाद महोत्सव’का निमंत्रणपत्र अर्पण किया, साथ ही ‘सनातन राष्ट्र शंखनाद महोत्सव’में आनेवाली बाधाएं दूर होने हेतु प्रार्थना की ।

‘शंखनाद महोत्सव’ की निमंत्रण पत्रिका पर भगवान श्रीकृष्ण के विश्वरूप दर्शन का चित्र छापने का महत्त्व !

‘शंखनाद महोत्सव के माध्यम से युद्ध का शंखनाद होना और शंखनाद महोत्सवरूपी रथ पर सनातन राष्ट्र के ध्वज का आरोहण होना’, यह भगवान श्रीकृष्ण के विश्वरूप दर्शन का समय निकट आने का संकेत है ।

शंखनाद का महत्त्व

महाभारत में प्रत्येक दिन के युद्ध का आरंभ एवं युद्धविराम शंखनाद से होता था । शंखनाद के कारण सेना में उत्साह एवं वीरता का संचार होता था तथा उसी समय शत्रु के मन में भय भी उत्पन्न होता था ।