Jharkhand Minor Rape : ३ वर्षीय मासूम बच्ची के साथ दुष्कर्म करने वाले पर १ लाख रुपये का दंड (जुर्माना) लगाकर खुला छोडा ।
कामुक व्यक्ति (हवसी दरिंदे) के साथ-साथ उसे खुला छोडने वाले ग्राम पंचायत के संबंधित लोगों को भी कडा दंड देना आवश्यक ।
कामुक व्यक्ति (हवसी दरिंदे) के साथ-साथ उसे खुला छोडने वाले ग्राम पंचायत के संबंधित लोगों को भी कडा दंड देना आवश्यक ।
पुलिस को इस घटना की गंभीरता को ध्यान में लेकर आरोपी पर अपराध प्रविष्ट होने हेतु पहले से ही प्रयास करना अपेक्षित था । ऐसी दायित्वशून्य पुलिस क्या कभी कानून-व्यवस्था बनाए रख पाएगी ?
यहां १३ वर्षीय अल्पवयस्क हिन्दू बालिका को धर्मांतरण कराने के उद्देश्य से कतर ले जाने के कथित षड्यंत्र के प्रकरण में पुलिस ने प्रकरण दर्ज कर ५ व्यक्तियों को हिरासत में लिया है ।
हिन्दू स्त्रियों पर प्रतिदिन इतने अत्याचार हो रहे हैं, तब भी हिन्दू समाज की ओर से विशेष प्रतिकार होता हुआ दिखाई नहीं देता; क्योंकि हम इस शिक्षा को पूर्णतः भूल चुके हैं । अब पुनः उसकी ओर लौटने का समय आ गया है । जब तक हम लडाकू वृत्ति का विकास नहीं करेंगे, तब तक हमें मुक्ति नहीं मिलेगी । इसके लिए अपने बच्चों को सैन्य प्रशिक्षण देना आवश्यक है ।
यहां धर्मांतरण और महिलाओं के यौन शोषण से संबंधित एक प्रकरण सामने आया है । बजरंग दल के परिवाद पर पुलिस ने मुख्य आरोपी मनीष शर्मा उर्फ मोईन खान को बंदी बना लिया है । आरोपी के पास से हिन्दू लडकियों और महिलाओं के आपत्तिजनक वीडियो मिले हैं ।
पुणे जिले के भोर तहसील के नसरापुर में साढेतीन वर्ष की बच्ची पर अत्याचार कर उसकी नृशंस हत्या करने के प्रकरण में दोषी भीमराव कांबले को २९ जून को पुणे के विशेष न्यायालय ने मृत्यु आने तक फांसी का दंड सुनाया ।
सरला भट्ट के ३६ वर्ष पूर्व हुए अपहरण, सामूहिक बलात्कार, अमानुष उत्पीडन तथा तत्पश्चात गोलियां मारकर हत्या किए जाने के प्रकरण में कश्मीर पुलिस ने आरोपपत्र प्रविष्ट किया है । इस कृत्य में आतंकवादी यासीन मलिक भी आरोपी है ।
जर्मनी के न्यूर्नबर्ग में महिलाओं एवं युवतियों का यौन शोषण करने तथा उन्हें मादक पदार्थों के जाल में फंसाने के आरोप में जर्मन पुलिस ने २ पाकिस्तानी नागरिकों को बंदी बनाया है ।
पुलिस ने नुरपूर में ‘उत्तरप्रदेश गोहत्या प्रतिबंधक कानून’ के अंतर्गत एक व्यक्ति को बंदी बनाया । इस प्रकरण में पुलिस आगे की जांच कर रही है ।
सांगली जिले के बिसूर ग्राम में मस्जिद में आने वाले अन्य राज्यों एवं बाह्य जिलों के धर्मांधों के कारण स्थानीय हिन्दू परिवार अत्यंत भय की छाया में जीवन व्यतीत कर रहे हैं ।