इरोड (तमिलनाडु) में ‘महासुदर्शन याग’ एवं ‘आयुष्य होम’ भावपूर्ण वातावरण में संपन्न !

इरोड के श्रीमहाविष्णु के कस्तूरी रंगनाथ मंदिर में २२ से २४ जून २०२६ की अवधि में ३ दिवसीय ‘महासुदर्शन याग’ तथा २५ जून २०२६ को ‘आयुष्य होम’ भावपूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ ।

‘तमिल राष्ट्र’ की ६० वर्ष की मांग वर्तमान में इतिहास के रूप में बताना ‘देशद्रोह’ नहीं है । – Madras High Court

किसी पुस्तक में वर्ष १९६७ की स्वतंत्र तमिलनाडू की मांग का केवल ऐतिहासिक उल्लेख करना वर्तमान समय में ‘देशद्रोह’ नहीं मन जा सकता । किसी ऐतिहासिक घटना का वर्णन करना तथा वर्तमान में अलगाववाद को बल देना इन दोनों बातों में स्पष्ट अंतर है ।

किसी व्यक्ति की राष्ट्रीयता अथवा उसका विदेशी नाम उसकी हिन्दू धर्म के प्रति आस्था प्रमाणित नहीं कर सकता। – Madras High Court

अमेरिकी हिन्दू महिला लॉरा फ्रांसिस अय्यंगार को मंदिर के गर्भगृह में प्रवेश करने से रोके जाने के प्रकरण में मद्रास उच्च न्यायालय का निर्णय ।

इस्लाम स्वीकार करने पर स्वयं ही ‘पिछडा वर्ग मुसलमान’ का दर्जा नहीं मिल सकता ! – Madras High Court

केवल इस्लाम धर्म स्वीकार करने से कोई व्यक्ति ‘पिछडा वर्ग मुसलमान’ के दर्जे का दावा नहीं कर सकता । धर्मांतरण के माध्यम से कोई व्यक्ति मुसलमान बन सकता है, फिर भी केवल आरक्षण का लाभ पाने के उद्देश्य से किसी विशिष्ट मुसलमान समुदाय की सदस्यता होने का दावा करना कानूनी रूप से स्वीकार्य नहीं है

( और इनकी सुने …) ‘क्या सरकार अब भा.ज.पा. की ही भूमिका अपना रही है ?’ – Udhayanidhi Stalin

उदयनिधि स्टालिन, जो हिन्दू धर्म को ‘डेंगू, मलेरिया’ जैसा बताकर उसे समाप्त करने का आवाहन करते हैं, क्या उन्होंने कभी मंदिरों को एक पैसा भी दान किया है ?

Hindu Temple Funds : मंदिरों के २४६ करोड रुपयों से निर्मित होने वाली व्यावसायिक संकुल (कॉम्प्लेक्स) की परियोजनाएं निरस्त !

तमिलनाडु सरकार के समान ही मंदिरों का धन धार्मिक कार्यों के लिए व्यय करने का निर्णय देश की प्रत्येक सरकार के लिए लेना आवश्यक है ! हिन्दुओं को ऐसा ही लगता है कि हिन्दुत्वनिष्ठ सरकारों को यह निर्णय सर्वप्रथम लेना चाहिए !

यदि बहुसंख्यक हिन्दू मंदिर के समीप गिरजाघर के निर्माण का विरोध किया जा रहा है तो प्रशासन को उनकी बात सुननी चाहिए ! – Madras High Court

कोईम्बतूर में एक सौ वर्ष पुराने ‘मरियम्मन’ मंदिर के समीप गिरजाघर के निर्माण पर अंतरिम स्थगन दिया गया !

प्रत्येक कब्र या दरगाह ‘वक्फ बोर्ड’ की संपत्ति नहीं ।– Madras High Court

इस्लामी धार्मिक कार्यों से संबंधित भवनों पर वक्फ अधिकार नहीं कर सकता, ऐसा न्यायालय का निर्णय ।

यदि केंद्रीय कानून के अनुसार दिया गया दंड पहले ही पूरा हो चुका है, तो समय पूर्व स्वतंत्रता क्यों नहीं दी जानी चाहिए ? – Madras High Court

तमिलनाडु के एक दोषी को हत्या की एक घटना में आजीवन कारावास तथा विस्फोटक पदार्थ अधिनियम के अंतर्गत एक वर्ष का दंड सुनाया गया था। उसका नाम ए. धनपाल है तथा वह २१ वर्ष से अधिक समय कारागार में बिता चुका है । लंबे समय बाद उसने कुछ समय पूर्व छूटने के लिए आवेदन किया था ।

Tamilnadu Annamalai : तमिलनाडू भाजपा के पूर्व प्रदेशाध्यक्ष के. अण्णामलाई स्वयं का राजनीतिक दल बनाएंगे ।

तमिलनाडू भाजपा के पूर्व प्रदेशाध्यक्ष के. अण्णामलाई स्वयं का एक नया राजनीतिक दल स्थापन करनेवाले हैं । कुछ दिन पूर्व उन्होंने एक वीडियो संदेश के माध्यम से इसकी घोषणा की ।