Madras HC allows Angapradakshinam : मद्रास उच्च न्यायालय द्वारा जूठी पत्तल की अंगपरिक्रमा को दी गई अनुमति !

मद्रास उच्च न्यायालय ने जूठी पत्तल की अंगपरिक्रमा करने की अनुमति दी है । इस प्रथा पर मद्रास उच्च न्यायालय ने ही वर्ष २०१५ में प्रतिबंध लगाया था ।

Anti-Hindu Film ‘Puzhu’ : हिन्दुओं की अपकीर्ति (बदनाम) करने हेतु बनाई गई मलयालम फिल्म ‘पुझू’ ! – तमिलनाडु के माकपा के नेता मोहम्मद शार्शद बनियांदी

मलयालम चलचित्रसृष्टि में विगत ५३ वर्षों से सक्रिय रूप से कार्यरत अभिनेता मामूट्टी पर आरोप लगाया गया है कि वह ‘जिहादी’ है ।

Shopping Complex Thiruvannamalai : तिरुवन्नमलाई के श्री अरुणाचलेश्‍वर मंदिर के सामने ‘शॉपिंग कॉम्प्लेक्स’ का निर्माण नहीं किया जाएगा !

‘तमिलनाडु हिन्दू धर्मादाय विभाग’ ने उच्च न्यायालय को दी जानकारी !

Temple Priests Arrested : मेट्टुपलायम (तमिलनाडु) यहां वनबद्रकालीअम्मा मंदिर के ४ पुजारियों को बंदी बनाया गया  !

भक्तों द्वारा अर्पण निधि में घोटाले करने का आरोप

तमिलनाडु में नशीले पदार्थों की अंतर्राष्ट्रीय तस्‍करी करनेवाले द्रमुक के नेता जफर सादिक को बंदी बनाया गया !

सनातन धर्म को नष्ट करने का प्रयास करनेवाले द्रमुक में कौन भरे पडे हैं ?, यह पहचानें ! अब केंद्र सरकार को ऐसे दलों को प्रतिबंधित ही करना चाहिए !

जाति के आधार पर हो रहे भेदभाव के लिए केवल वर्णव्यवस्था ही उत्तरदायी नहीं !

मद्रास उच्च न्यायालय की उदयनिधि स्टैलिन के सनातन धर्म को नष्ट करने के प्रकरण पर टिप्पणी

संवैधानिक पद पर बैठे व्यक्ति को विभाजनकारी वक्तव्यों से बचना चाहिए !

हिन्दुओं का विचार है कि न्यायालयों को ऐसे लोगों को कडी फटकार के साथ-साथ कठोर दण्ड भी देना चाहिए, जिससे दूसरों को भय हो !

DMK Insulting Indian Flag : तमिलनाडु की द्रमुक सरकार द्वारा इसरो के नए प्रक्षेपण केंद्र के विज्ञापन में चीन के ध्वज का प्रयोग !

द्रमुक को इस संदर्भ में केंद्र सरकार एवं जनता ने आडे हाथ लेना आवश्यक है ! साथ ही इसके विरुद्ध पुलिस में अपराध प्रविष्ट करने के लिए बाध्य करना चाहिए !

Chennai Demolition Of Mosque : चेन्नई की गैरकानूनी मस्जिद गिराने का उच्च न्यायालय का आदेश सर्वोच्च न्यायालय द्वारा स्थायी रखा गया !

सरकारी भूमि पर मस्जिद का निर्माण होने तक सरकार सदैव सोई रहती है; एवं पश्चात कोई पीछे पडे, तब निरुत्साह से कार्यवाही करने के प्रयास करती है । ऐसे प्रशासन के संबंधित अधिकारियों पर भी अब कार्रवाई करना आवश्यक है !

राजनीतिक दल अपने घोषणापत्रों में दिए गए आश्‍वासनों को कैसे पूरा करेंगे? – केंद्रीय चुनाव आयोग

राजनीतिक दल चुनावी घोषणापत्रों में ‘लोकप्रिय’ वादों की घोषणा करते हैं; लेकिन ये आश्‍वासन कैसे पूरे होंगे ?, इसके लिए कितनी नीधि लगेगी ? यह कोई नहीं बताता है ।