( और इनकी सुने …) ‘क्या सरकार अब भा.ज.पा. की ही भूमिका अपना रही है ?’ – Udhayanidhi Stalin
उदयनिधि स्टालिन, जो हिन्दू धर्म को ‘डेंगू, मलेरिया’ जैसा बताकर उसे समाप्त करने का आवाहन करते हैं, क्या उन्होंने कभी मंदिरों को एक पैसा भी दान किया है ?
उदयनिधि स्टालिन, जो हिन्दू धर्म को ‘डेंगू, मलेरिया’ जैसा बताकर उसे समाप्त करने का आवाहन करते हैं, क्या उन्होंने कभी मंदिरों को एक पैसा भी दान किया है ?
तमिलनाडु सरकार के समान ही मंदिरों का धन धार्मिक कार्यों के लिए व्यय करने का निर्णय देश की प्रत्येक सरकार के लिए लेना आवश्यक है ! हिन्दुओं को ऐसा ही लगता है कि हिन्दुत्वनिष्ठ सरकारों को यह निर्णय सर्वप्रथम लेना चाहिए !
कोईम्बतूर में एक सौ वर्ष पुराने ‘मरियम्मन’ मंदिर के समीप गिरजाघर के निर्माण पर अंतरिम स्थगन दिया गया !
इस्लामी धार्मिक कार्यों से संबंधित भवनों पर वक्फ अधिकार नहीं कर सकता, ऐसा न्यायालय का निर्णय ।
तमिलनाडु के एक दोषी को हत्या की एक घटना में आजीवन कारावास तथा विस्फोटक पदार्थ अधिनियम के अंतर्गत एक वर्ष का दंड सुनाया गया था। उसका नाम ए. धनपाल है तथा वह २१ वर्ष से अधिक समय कारागार में बिता चुका है । लंबे समय बाद उसने कुछ समय पूर्व छूटने के लिए आवेदन किया था ।
तमिलनाडू भाजपा के पूर्व प्रदेशाध्यक्ष के. अण्णामलाई स्वयं का एक नया राजनीतिक दल स्थापन करनेवाले हैं । कुछ दिन पूर्व उन्होंने एक वीडियो संदेश के माध्यम से इसकी घोषणा की ।
न्यायमूर्ति जी . आर् . स्वामीनाथन की खंडपीठ द्वारा पारित अंतरिम आदेश के अनुसार ५ सहस्र वर्ष पुराने विरासत बिंदु माधव पेरुमल मंदिर के समीप स्थित शैक्षणिक परिसर में चर्च के अनधिकृत निर्माण को रोक दिया गया है ।
तमिलनाडु में किसी भी दल की सरकार सत्ता में आए, वह हिन्दुओं के विरोध में ही रहती है ; यही वहां का इतिहास तथा वर्तमान है । यह स्थिति हिन्दू राष्ट्र की अनिवार्यता का बोध कराती है ।
न्याय व्यवस्था में भ्रष्टाचार हो रहा है तथा इस वास्तविकता से कोई भी मुंह नहीं मोड सकता । इसलिए न्यायाधीशों को गायों की तरह पवित्र मानने की आवश्यकता नहीं है, ऐसी टिप्पणी मद्रास उच्च न्यायालय ने की ।
मंदिर में अपमान करनेवाले लोग अयोग्य हो सकते हैं; परंतु धर्म अयोग्य नहीं हो सकता । इसलिए उसके कारण धर्म परिवर्तन करना बहुत बडी भूल है । हिन्दुओं को धर्मशिक्षा नहीं मिल रही है, इसलिए वे इस प्रकार के हास्यास्पद कृत्य कर आत्मघात एवं राष्ट्रघात कर रहे हैं !