श्री राजमातंगी महायज्ञ के निर्विघ्न संपन्न होने हेतु श्री सिद्धिविनायक के चरणों में सनातन संस्था के धर्मप्रचारक सद्गुरुओं तथा संतों द्वारा प्रार्थना !

‘वर्तमान युद्धकाल में तपोभूमि भारत को संरक्षण कवच प्राप्त हो तथा भारत की सर्वांगीण उन्नति हो’, इस हेतु सनातन संस्था की ओर से १७ मई को मुंबई के प्रभादेवी स्थित नर्दुल्ला टैंक मैदान में ‘श्री राजमातंगी महायज्ञ’ का भव्य आयोजन किया गया ।

श्री राजमातंगी महायज्ञ के निर्विघ्न संपन्न होने हेतु श्री सिद्धिविनायक के चरणों में सनातन संस्था के धर्मप्रचारक सद्गुरुओं तथा संतों द्वारा प्रार्थना !

‘वर्तमान युद्धकाल में तपोभूमि भारत को संरक्षण कवच प्राप्त हो तथा भारत की सर्वांगीण उन्नति हो’, इस हेतु सनातन संस्था की ओर से १७ मई को मुंबई के प्रभादेवी स्थित नर्दुल्ला टैंक मैदान में ‘श्री राजमातंगी महायज्ञ’ का भव्य आयोजन किया गया ।

भारतीय संत महापरिषद की संत समन्वयक स्वामिनी उन्मेष भारतीजी ने दी सनातन आश्रम को सदिच्छा भेंट !

भारतीय संत महापरिषद की संत समन्वयक एवं कैलाश मठ की प्रतिनिधि स्वामिनी उन्मेष भारतीजी ने २४ अप्रैल को यहां के सनातन आश्रम को सद्भावना भेंट दी ।

श्री काशी विश्वनाथ मंदिर के अर्चक द्वारा सद्गुरु नंदकुमार जाधवजी का सम्मान

सनातन संस्था के धर्मप्रचारक संत सद्गुरु नंदकुमार जाधवजी ने परिवार सहित वाराणसी के काशी विश्वनाथजी के दर्शन किए । 

वृंदावन के परम गोभक्त संत गोपेश कृष्णदासजी महाराज की गोवा स्थित सनातन आश्रम को सद्भावना भेंट !

वृंदावन के परम गोभक्त संत गोपेश कृष्णदासजी महाराज, प्रकाश दासजी महाराज एवं प्रकाश नारायणजी महाराज ने रामनाथी स्थित सनातन आश्रम को सद्भावना भेंट दी । इस अवसर पर उनके साथ गोवा के ब्राह्मण महासभा के अध्यक्ष श्री. राज शर्मा भी उपस्थित थे ।

घर-घर में रामराज्य आने पर देश में रामराज्य की स्थापना होगी ! – श्रीमद् विद्याधीश तीर्थ श्रीपाद वडेर स्वामीजी

श्री संस्थान गोकर्ण पुर्तगाली जीवोत्तम मठ के २४ वें पू. पीठाधिपति तथा श्रीराम के नि:स्सीम भक्त श्रीमद् विद्याधीश तीर्थ श्रीपाद वडेर स्वामीजी का सनातन आश्रम को मंगलमय चरणस्पर्श हुआ ।

नांदेड (महाराष्ट्र) की श्रीमती अनीता बराराजी (आयु ७२ वर्ष) सनातन की १३८वें (समष्टि) संतपद पर हुईं विराजमान !

अनुभव कथन करते समय सच्चिदानंद परब्रह्म डॉ. आठवलेजी के प्रति उत्कट शरणागतभाव, दृढ श्रद्धा, लगन, प्रीति, विनम्रता, सेवकभाव, शांत एवं स्थिर वृत्ति, इन गुणों से युक्त श्रीमती अनीता बरारा (आयु ७२ वर्ष) द्वारा  ७१ प्रतिशत आध्यात्मिक स्तर प्राप्त कर सनातन के १३८वें (समष्टि) संतपद पर विराजमान होने का शुभ समाचार दिया ।

‘साधना की तीव्र लगन एवं सेवाभावी वृत्ति’ से युक्त नांदेड की श्रीमती अनीता बरारा (आयु ७२ वर्ष) ७१ प्रतिशत आध्यात्मिक स्तर प्राप्त कर ‘समष्टि संत’ के रूप में सनातन के १३८वें संतपद पर विराजमान !                                                       

श्रीमती बरारा में सच्चिदानंद परब्रह्म गुरुदेवजी के प्रति दृढ श्रद्धा है । वे गुरुदेवजी का स्मरण करती हैं । वे कर्तापन गुरुदेवजी को अर्पण करती हैं । वे निरंतर कहती हैं, ‘सबकुछ गुरुदेवजी ही करते हैं ।’

विनम्रता, ईश्वरप्राप्ति की तीव्र लगन रखनेवालीं तथा अल्प अहं, इन गुणों से युक्त मुंबई की पू. (श्रीमती) दिनप्रभा सामंतजी के संतसम्मान समारोह का भाववृत्तांत !

पू. अश्विनी पवारजी ने बताया कि सच्चिदानंद परब्रह्म डॉ. आठवलेजी ने साधना के विषय में जो-जो मार्गदर्शन किया, उसका पू. सामंतजी ने अचूकता से आज्ञापालन किया ।