प्रयागराज (उत्तर प्रदेश) की घटना

प्रयागराज (उत्तर प्रदेश) – प्रयागराज जनपद के गौघाट क्षेत्र में स्थित खसला आश्रम के मंदिर से मूर्ति चुराने वाले चोर ने १ अक्टूबर को यह मूर्ति गुपचुप लौटाई । चोर ने मूर्ति के साथ क्षमायाचना की चिठ्ठी भी रखी ।
अब इस मूर्ति को मंदिर में पुनः विधि विधान से स्थापित कर पूजा की जा रही है । इस आश्रम के मंदिर के गर्भगृह में लगभग १०० वर्ष प्राचीन राधा-कृष्ण की अष्टधातु की मूर्ति स्थापित थी । २३ सितंबर को यह चोरी हो गई । पुलिस थाने में शिकायत भी लिखवाई गई । मूर्ति की चोरी से दुःखी महंत जयराम दास ने अन्नत्याग किया था । आश्रम के दूसरे लोगों को भी बुरा लगने लगा । उसके पश्चात अचानक १ अक्टूबर को प्रातः चोर ने मूर्ति को मंदिर के पास रख दिया । मूर्ति के साथ उसने महंत से क्षमायाचना की चिठ्ठी भी रखी । इस चिट्ठी में उसने लिखा था, मेरा बच्चा बीमार है । थोड़े से पैसे के लिए मैंने बहुत बुरा काम किया । मूर्ति बेचने के लिए मैंने बहुत प्रयास किया । अपनी चूक के लिए क्षमा मांगते हुए मैं यह मूर्ति लौट रहा हूं । आपसे विनती करता हूं कि मुझे क्षमा करें और देवता को मंदिर में पुनः स्थापित करें । हमारे बच्चों को क्षमा करें और अपनी मूर्ति स्वीकार करें ।
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