जागृत हिन्दू अन्य हिन्दुओं को भी हिन्दू राष्ट्र के विषय में जागृत करें ! – सद्गुरु डॉ. चारुदत्त पिंगळेजी, राष्ट्रीय मार्गदर्शक, हिन्दू जनजागृति समिति

साधना एवं धर्मपालन करनेवाले, साथ ही राष्ट्र एवं धर्म के लिए क्रियाशील हिन्दुओं की आज आवश्यकता है । धर्म एवं अधर्म की लडाई में हम धर्म को जानकर आगे बढें, तो हमारी विजय निश्चित है ।

दुर्गुण एवं अहंकार का त्याग और सद्गुणों का संवर्धन, मनःशांति की कुंजी है ! – सद्गुरु डॉ. चारुदत्त पिंगळेजी

खरपतवार को उगाने के लिए कुछ मेहनत नहीं करनी पडती; पर बगीचे के लिए हमें मेहनत और योजना दोनों की आवश्यकता होती है । इसलिए जीवन में तनाव दूर कर शांति प्राप्त करने के लिए गुणों के संवर्धन से दोष और अहंकार के खरपतवार को निकालें ।

हिन्दू राष्ट्र-स्थापना के लिए युवक हनुमानजी के गुण धारण करें ! – सद्गुरु डॉ. चारुदत्त पिंगळेजी

हनुमानजी रामभक्तों के आगे हाथ जोडकर विनम्र रहते थे और असुरों के समक्ष उनका महाबली रूप प्रकट हो जाता था । वर्तमान समय में हनुमानजी की उपासना करते समय हमें हिन्दू राष्ट्र-स्थापना के लिए उनके गुणों को भी धारण करना होगा ।

खंडवा (मध्य प्रदेश) में मोहरम के जुलूस में पुलिस की उपस्थिति में ‘सर तन से जुदा’ की घोषणा !

गांव-गांव में ऐसी घोषणाएं दी जाना, यह स्थिति दर्शाती है कि ‘आनेवाला समय हिन्दुओं के लिए कठिन है’ !

बलात्कार प्रकरण के अपराधी ने जमानत पर छूटते ही पीडिता का पुन: किया बलात्कार !

इस घटना से ध्यान में आता है कि, बलात्कारियों पर द्रुत गति न्यायालय में –(मुकदमा) चला कर उन्हे फांसी का दंड मिलना कितना आवश्यक है ! सरकार इस दृष्टि से कब प्रयास करेगी ?

 भोपाल में दो बांग्लादेशी आतंकवादियों को बंदी बनाया ।

सरकार को ऐसे लोगों पर तीव्र गति न्यायालय में मुकदमा चला कर उन्हें फांसी का दंड मिलने हेतु प्रयास करना चाहिए !

भोपाल के शिवमंदिर में शिवलिंग की तोडफोड !

मध्यप्रदेश में बीजेपी की सरकार होने से ऐसी घटनाएं नहीं होनी चाहिए, ऐसा हिन्दुओं को लगता है !

वरिष्ठ विद्यार्थी कनिष्ठ विद्यार्थियों को उनके कान के नीचे मार रहे थे !

मेडिकल शिक्षा ग्रहण करनेवाले विद्यार्थी भविष्य में डॉ. बन कर जनता को मेडिकल सेवा देनेवाले हैं; परंतु उन पर कौन से संस्कार हुए हैं । इस घटना से यह ध्यान में आता है । शिक्षा केवल पुस्तकीय नहीं, अपितु संस्कारयुक्त होनी चाहिए ।

तनावमुक्ति हेतु अपने दुर्गुणों को दूर कर, गुणवृद्धि करें ! – श्रीमती वैदेही पेठकर, सनातन संस्था

आजकल सर्वत्र ही छात्रों में तनाव दिखाई देता है । तनाव निर्मूलन हेतु अपने व्यक्तित्व के दोषों को दूर करने के लिए, अपने गुण बढाने की आवश्यकता है ।