(और इनकी सुनिए…) “हिन्दुओ को विभाजित करने के लिए दूसरा रास्ता चुनना होगा ।” – Maulana Sajjad Nomani
‘अखिल भारतीय मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड’ के प्रवक्ता मौलाना सज्जाद नोमानी का मुसलमानों से आह्वान ।
‘अखिल भारतीय मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड’ के प्रवक्ता मौलाना सज्जाद नोमानी का मुसलमानों से आह्वान ।
भारत के हिन्दुओ, एक समय के हिन्दुओं की ‘बंगभूमि’ की आज क्या दुर्दशा हुई है, यह देखिए , अब भी आप जागृत नहीं हुए, तो आपके राज्य की भी यही स्थिति होने में अब कुछ ही दशक शेष हैं, इसे मत भूलिए ।
नवी मुंबई महानगरपालिका चिकित्सालय में ९ से ११ मास के शिशुओं को गोमांस भक्षण का परामर्श देने वाले भित्तिपत्रक लगाने वालों पर धार्मिक भावनाएं आहत करने का अपराध पंजीकृत किया जाए, ऐसी मांग विश्व हिन्दू परिषद ने की है ।
तमिल लोगों ने सनातन धर्म का बहुत अनुकरण किया है । वहां ८० प्रतिशत हिन्दू, १३ प्रतिशत मुसलमान और ७ प्रतिशत लोग ईसाई हैं । वहां के हिन्दुओं को यह समझ ही नहीं आता कि वे ‘हिन्दू’ हैं । वे गर्व से बताते हैं कि ‘हम तमिल हैं’ । तमिल और हिन्दू में कोई भेद नहीं है; परंतु सभी राजनीतिक दल उन्हें बताते हैं कि ‘तमिल हिन्दुओं से अलग हैं’ ।
धर्मनिरपेक्षतावादी होने का ढोंग करनेवाले बांग्लादेश ने इस्लामी धार्मिक गुटों के दबाव में आकर हिन्दू मंदिरों का निर्माण कार्य रोक दिया है , इसके लिए भारत को उससे उत्तर मांगना चाहिए । इसके लिए भारत के प्रखर हिन्दुत्वनिष्ठ संगठनों द्वारा सरकार पर दबाव बनाना आवश्यक है !
भारत के महान गणितज्ञ ‘आर्यभट’ के विडंबन का प्रकरण
४८ घंटों में क्षमा याचना कर विवादास्पद विज्ञापन वापस लेने की मांग
मुस्लिम विद्यार्थियों ने ऐसा दुस्साहस किया, इसका अर्थ है कि उन्हें ऐसा ही सिखाया जा रहा है । ये वयस्क होकर जिहाद करेंगे, यह स्पष्ट है ! ऐसी घटनाओं के संबंध में निधर्मीवादी, तथाकथित पुरो(अधो)गामी लोग मुंह नहीं खोलते, यह ध्यान दें!
सर्वधर्मसमभाव के गीत गानेवाले ईसाईयों का हिन्दूद्वेष कितना तीव्र है, यही इससे ध्यान में आता है । इससे ईसाई संगठन, चर्च, वहां के पादरी एवं ईसाई धर्मप्रचारक हिन्दुओं के देवताओं के प्रति समाज में कितना द्वेष फैलाते होंगे, इसे हिन्दू ध्यान में लें ।
यह निर्णय अर्थात सभी मन्दिर विश्वस्त एवं समस्त हिन्दुत्ववादी संगठनों के संगठित संघर्ष तथा प्रयत्नों को मिली बडी सफलता है, ऐसी जानकारी महाराष्ट्र मन्दिर महासंघ के राष्ट्रीय संगठक श्री. सुनील घनवट ने प्रसिद्धिपत्रक द्वारा दी ।
‘कॉर्पोरेट जिहाद’ का प्रकरण उजागर होने वाला विप्रो यह तृतीय संस्थान है । क्या यह सब हिमशैल का ऊपरी छोर (टिप ऑफ द आइसबर्ग) है, यह देखना समय की आवश्यकता है !