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रांची (झारखंड) – नवरात्रि की पूर्व संध्या पर , यहां काली मंदिर के सामने प्रतिबंधित मांस की एक बोरी पाई गई , जिससे इलाके के हिंदुओं में आक्रोश फैल गया । शहर के काली मंदिर व दो अन्य स्थानों पर भी मांस के टुकड़े बिखरे मिले । सीसीटीवी फुटेज में मांस को ट्रैक्टर से ले जाते हुए दिखाया गया है । पुलिस ने बताया कि यह घटना २९ सितंबर की सुबह की है ।
१. रांची ग्रामीण क्षेत्र के पुलिस अधीक्षक सुमित अग्रवाल के मुताबिक २९ सितंबर को सुबह ११. १५ पर रांची में एच. बी. रोड थड़पखाना में मांस से भरा एक बोरा मिला । इस बार हिंदुओं ने लालपुर – अल्बर्ट एक्का चौक रोड को जाम कर दिया । वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के साथ दुर्गा पूजा समिति और भाजपा नेता और कार्यकर्ता मौके पर पहुंचे । उन्होंने स्थिति को नियंत्रण में लाने का प्रयास किया ; लेकिन लोगों का गुस्सा कम होने का नाम नहीं ले रहा था।

२. जब ये हंगामा चल ही रहा था कि रांची में मांस के दो और टुकड़े मिले । मामले को और ज्यादा बिगड़ने से रोकने के लिए पुलिस ने तुरंत कार्यवाही करते हुए इन जगहों से मांस हटा दिया । हालाँकि , इस प्रश्न का उत्तर अभी अज्ञात है कि मांस यहाँ तक कैसे पहुँचा , इसके पीछे कौन है । हिंदू पूछ रहे हैं कि क्या शहर में इस माध्यम से गोमांस की तस्करी की जा रही है ।
३. दिलचस्प बात यह है कि स्थानीय हिंदुओं में यह धारणा फैल गई है कि ‘पुलिस और प्रशासन केवल हिंदुओं के गुस्से को शांत करने में लगे हुए हैं तथा जब स्थिति सामने आती है , तब भी इस पर ध्यान नहीं दिया जाता है।’
संपादकीय भूमिकाहिंदू केवल विरोध करते हैं , ‘रास्ता रोकते हैं’ और कार्यवाही का आश्वासन मिलने के बाद घर लौट जाते हैं । प्रशासन ऐसे सहिष्णु स्वभाव का फायदा उठाता है ,तथा वहीं दूसरी ओर हिंसक मुसलमानों के सामने डंक मार देता है , यह जान लें ! हिन्दुओं को अब दोषियों को रोकने के लिए प्रशासन पर दबाव बनाना चाहिए , अन्यथा झारखंड में बांग्लादेश जैसे हालात बनने में देर नहीं लगेगी ! |
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