बंगाल में योद्धासंन्यासी पद्मश्री स्वामी प्रदीप्तानंद महाराजजी !
भारत सेवाश्रम संघ के स्वामी प्रदीप्तानंद महाराजजी उपाख्य कार्तिक महाराजजी किशोरावस्था में भारत सेवाश्रम संघ की ओर आकर्षित हुए ।
भारत सेवाश्रम संघ के स्वामी प्रदीप्तानंद महाराजजी उपाख्य कार्तिक महाराजजी किशोरावस्था में भारत सेवाश्रम संघ की ओर आकर्षित हुए ।
हिन्दू जनजागृति समिति ने की मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस एवं जिला प्रभारमंत्री राधाकृष्ण विखे-पाटिल से तिसगांव (अहिल्यानगर) के अवैध पशुवधगृहों को स्थाईरूप से ध्वस्त करने की मांग !
‘लव जिहाद’ भारत को अंदर से खोखला बनाने का षड्यंत्र है । ईसाई मिशनरी योजनाबद्ध पद्धति से हिन्दुओं के धर्मांतरण का काम कर रहे हैं । हिन्दुओं की संख्या अल्प न हो; इसके लिए सरकार को प्रयास करने चाहिएं ।
ईसाई धर्मगुरु एवं संस्थाएं जहां सांताक्लॉज को ‘पाखंड’ कह रही हैं, तो ऐसी स्थिति में हिन्दू उसका महिमामंडन क्यों करें ? आप समय रहते ही सतर्क बनें तथा अपने बच्चों को हिन्दू धर्म के संस्कार दें । उनके बचपन में ही आप अंधविश्वास मत थोपिए ।
हिन्दवी स्वराज की स्थापना के काल में छत्रपति शिवाजी महाराज के सैनिकों ने जिन शस्त्रों का उपयोग किया, उन शस्त्रों को छात्रों ने प्रत्यक्ष हाथ में लेकर महाराज के सैनिकों के शौर्य का अनुभव किया ।
चरित्रवान लोग ही धर्मयुद्ध कर सकते हैं । जिनके पास चरित्र नहीं है, वे युद्ध नहीं जीत सकते । भारत के पास चरित्र होने के कारण पाकिस्तान के विरुद्ध के अनेक छोटे-बडे युद्धों में भारत को सफलता मिली । चरित्रनिर्माण सरल नहीं है तथा चरित्र का शिक्षा से कोई भी संबंध नहीं है ।
आज भारतीय संविधान की प्रस्तावना में उल्लेख है कि,‘यह देश सेक्युलर है’: परंतु संविधान की धारा २५ के अनुसार पंथ के आधार पर भेदभाव किया गया है । अर्थात अल्पसंख्यकों के लिए अलग नियम, अलग प्रावधान आदि किया गया है ।
श्रीराम मंदिर के लिए हिन्दुओं द्वारा न्यायालय के बाहर की गई लडाई अभूतपूर्व है; परंतु हम अधिवक्ताओं ने उस विषय में न्यायालय में जो लडाई लडी, वह हम सभी के लिए श्रीराम द्वारा उनके अस्तित्व की दी गई अनुभूति ही है ।
प्रत्येक युवती सुरक्षित, आत्मविश्वास ने ओतप्रोत तथा आत्मनिर्भर बने, यह हमारा सामूहिक दायित्व है । इसी उद्देश्य से सव्यसाची गुरुकुलम्, भागीरथी महिला संस्था एवं हिन्दू जनजागृति समिति के संयुक्त आयोजन में नि:शुल्क ‘शौर्य जागृती प्रशिक्षण शिविर’ का आयोजन किया गया है ।
देहली में १३ एवं १४ दिसंबर को होनेवाले सनातन राष्ट्र शंखनाद महोत्सव में विभिन्न राज्यों के मान्यवर तथा महनीय व्यक्ति उपस्थित रहनेवाले हैं । विभिन्न क्षेत्रों के मान्यवरों को इस महोत्सव का निमंत्रण दिया गया है ।