UK Mandir Auction : ब्रिटेन में नीलामी में मंदिर का स्थान मुसलमानों को बेचा !
लंदन से १२० किमी दूर पीटरबरो स्थित ४० वर्ष प्राचीन मंदिर एवं ‘कम्युनिटी सेंटर’, ‘न्यू इंग्लैंड कॉम्प्लेक्स’ नामक स्थान के विक्रय को लेकर विवाद उत्पन्न हो गया है ।
लंदन से १२० किमी दूर पीटरबरो स्थित ४० वर्ष प्राचीन मंदिर एवं ‘कम्युनिटी सेंटर’, ‘न्यू इंग्लैंड कॉम्प्लेक्स’ नामक स्थान के विक्रय को लेकर विवाद उत्पन्न हो गया है ।
हिन्दू धर्म में सन्यास को सर्वोच्च सम्मान प्राप्त है । ऐसे में चिन्मय कृष्ण दास प्रभु जैसे सन्यासी हिन्दुओं में जागृति का कार्य कर रहे हैं । अतः उनकी सुरक्षा हेतु अब बांग्लादेश सहित भारत के हिन्दुओं को व्यापक स्तर पर आवाज उठाकर सरकारों पर दबाव बनाना चाहिए !
हनगल तहसील के नरेगल गांव में कार पूर्णिमा का (वटपूर्णिमा) का त्योहार मनाते समय एक सामान्य कारण से धर्मांध मुसलमानों ने एक किसान का हाथ तोड दिया ।
सांगली जिले के बिसूर ग्राम में मस्जिद में आने वाले अन्य राज्यों एवं बाह्य जिलों के धर्मांधों के कारण स्थानीय हिन्दू परिवार अत्यंत भय की छाया में जीवन व्यतीत कर रहे हैं ।
बांग्लादेश में चाहे कोई भी सरकार आए, वह धर्मान्धों की ही रहेगी – यह स्पष्ट होने के कारण ये घटनाएं कभी रुकेंगी नहीं यही वास्तविकता है ! वहां के हिन्दुओं की रक्षा के लिए प्रथमत: भारत में हिन्दू राष्ट्र की स्थापना आवश्यक है !
इस्लामी धार्मिक स्थलों के विषय में भारत पर टिप्पणी करने वाले पाक के राष्ट्रपति को भारत ने खरी-खरी सुनाई !
यह घटना नई नहीं है । जनवरी २०२६ में भी नेरेडमेट के विनायक नगर क्षेत्र में बिना अनुमति स्थापित की गई छत्रपति शिवाजी महाराज की प्रतिमा को लेकर पुलिस द्वारा कार्यवाही किए जाने से विवाद उत्पन्न हुआ था।
धर्मनिरपेक्षतावादी होने का ढोंग करनेवाले बांग्लादेश ने इस्लामी धार्मिक गुटों के दबाव में आकर हिन्दू मंदिरों का निर्माण कार्य रोक दिया है , इसके लिए भारत को उससे उत्तर मांगना चाहिए । इसके लिए भारत के प्रखर हिन्दुत्वनिष्ठ संगठनों द्वारा सरकार पर दबाव बनाना आवश्यक है !
कानूनी प्रावधानों में सम्मिलित का लाभ उठाकर ऐसे आरोपी जमानत पर रिहा हो जाते हैं तथा उसके पश्चात पुनः आपराधिक गतिविधियों में संलिप्त पाए जाते हैं । यह स्थिति कब तक बनी रहेगी ?
मुस्लिम विद्यार्थियों ने ऐसा दुस्साहस किया, इसका अर्थ है कि उन्हें ऐसा ही सिखाया जा रहा है । ये वयस्क होकर जिहाद करेंगे, यह स्पष्ट है ! ऐसी घटनाओं के संबंध में निधर्मीवादी, तथाकथित पुरो(अधो)गामी लोग मुंह नहीं खोलते, यह ध्यान दें!