‘शिप रीसाइक्लिंग’ (जहाज पुनर्चक्रण) में भारत विश्व में नंबर १ पर !

  • वर्ष २०३० का बडा लक्ष्य समय से ५ वर्ष पहले ही किया पूरा !

  • संयुक्त राष्ट्र व्यापार एवं विकास सम्मेलन की रिपोर्ट में हुआ उजागर

जिनेवा (स्विट्जरलैंड) : विश्वभर में जहाजों को कबाड में परिवर्तित कर उनका पुनर्चक्रण (रीसाइक्लिंग) करने में भारत ने पहला स्थान प्राप्त किया है । भारत ने यह सफलता ‘मैरीटाइम इंडिया विजन २०३०’ का लक्ष्य पूरा होने के समय से ५ वर्ष पहले ही प्राप्त कर ली है । संयुक्त राष्ट्र व्यापार एवं विकास सम्मेलन (‘यू.एन.सी.टी.ए.डी.’) की रिपोर्ट के अनुसार, वैश्विक शिप रीसाइक्लिंग बाजार में भारत की भागीदारी वर्ष २०२५ में बढकर ३५.४ प्रतिशत हो गई है । वर्ष २०२४ में यह भागीदारी ३०.१ प्रतिशत थी । भारत अब इस क्षेत्र में पूरे विश्व का नेतृत्व कर रहा है ।

गुजरात के ‘अलंग यार्ड’ का होगा कायाकल्प !

भारत में गुजरात राज्य का ‘अलंग’ विश्व का सबसे बडा शिप रीसाइक्लिंग केंद्र (जहाज पुनर्चक्रण यार्ड) है । इस क्षेत्र में भारत को मिली इस बडी सफलता को बनाए रखने के लिए सरकार अब गुजरात के ‘अलंग यार्ड’ का और अधिक विस्तार करने की तैयारी में है । इस विस्तार के पश्चात भारत की जहाज तोडने (कबाड में परिवर्तित) की क्षमता लगभग दोगुनी हो जाएगी । भविष्य में आनेवाली बडी मांग को पूरा करने के लिए यह कदम बेहद उपयोगी प्रमाणित होगा ।

भविष्य में होगी मोटी कमाई !

आनेवाले १० वर्षों में विश्वभर में लगभग १६ सहस्र से अधिक जहाजों को कबाड में बदले जाने की उम्मीद है । बाजार पर अपनी दृढ पकड के कारण भारत प्रतिवर्ष ५०० से ६०० जहाजों को आसानी से संभाल सकता है । इससे देश की अर्थव्यवस्था को दृढता मिलेगी एवं रोजगार के नए अवसर भी उत्पन्न होंगे ।